38 साल पुराना वो रोमांटिक गाना... जिसमें जूही चावला को मजबूरन करना पड़ा था KISSING सीन; आज भी लोगों की प्लेलिस्ट में है शामिल!
भारतीय सिनेमा के इतिहास में कुछ फिल्में और उनके गाने ऐसे होते हैं जो दशकों बाद भी उतने ही तरोताजा लगते हैं जितने अपनी रिलीज के वक्त थे। साल 1988 में आई निर्देशक मंसूर खान की फिल्म 'कयामत से कयामत तक' (Qayamat Se Qayamat Tak - QSQT) एक ऐसी ही कल्ट क्लासिक फिल्म है। इस फिल्म ने आमिर खान (Aamir Khan) और जूही चावला (Juhi Chawla) को रातों-रात देश का धड़कन और सुपरस्टार बना दिया था।
इस फिल्म का एक बेहद खूबसूरत और सदाबहार रोमांटिक गाना 'अकेले हैं तो क्या गम है' (Akele Hain To Kya Gham Hai) आज 38 साल बीत जाने के बाद भी हर आशिक और संगीत प्रेमियों की प्लेलिस्ट का हिस्सा है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इस आइकॉनिक गाने के एक सीन को फिल्माने के दौरान सेट पर हाई-वोल्टेज ड्रामा हुआ था, जब जूही चावला ने आमिर खान को किस (Kiss) करने से साफ मना कर दिया था।
जूही चावला ने कर दिया था रीटेक से इनकार
गाना 'अकेले हैं तो क्या गम है' की शूटिंग ऊटी के खूबसूरत जंगलों में हो रही थी। गाने की थीम के मुताबिक, आमिर और जूही के किरदारों (राज और रश्मि) को बेहद करीब आना था और एक-दूसरे के गालों व माथे पर किस करना था।
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शुरुआती झिझक: जूही चावला उस समय इंडस्ट्री में नई थीं और उन्होंने पहले कभी पर्दे पर कोई इंटीमेट या किसिंग सीन नहीं किया था। जब निर्देशक मंसूर खान ने शॉट समझाया, तो जूही बेहद असहज हो गईं।
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शूटिंग रोकने की नौबत: स्क्रिप्ट की डिमांड के बावजूद जूही ने साफ कह दिया कि वे आमिर खान को स्क्रीन पर किस नहीं करेंगी। जूही के इस इनकार से सेट पर सन्नाटा पसर गया और कुछ देर के लिए फिल्म की शूटिंग को रोकना पड़ा।
जब डायरेक्टर ने दी शूटिंग पैकअप करने की चेतावनी
निर्देशक मंसूर खान इस रोमांटिक ट्रैक में दोनों किरदारों के बीच की मासूमियत और गहराई को दिखाना चाहते थे, जिसके लिए यह शॉट बेहद जरूरी था।
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जब जूही अपनी बात पर अड़ी रहीं, तो मंसूर खान ने थोड़े कड़े लहजे में कहा कि अगर वे यह सीन नहीं करना चाहती हैं, तो पूरी शूटिंग को यहीं रोक दिया जाएगा और पैकअप कर दिया जाएगा।
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आमिर खान ने बढ़ाया मदद का हाथ: माहौल को तनावपूर्ण होता देख आमिर खान ने जूही से बात की और उन्हें समझाया कि यह सीन फिल्म की कहानी और गाने के इमोशन के लिए कितना अहम है। आमिर ने जूही को कम्फर्टेबल महसूस कराया।
आखिरकार, फिल्म के भविष्य और मेकर्स की मजबूरी को समझते हुए जूही चावला ने अपने कदम पीछे खींचे और बेहद हिचकिचाहट व मजबूरी में उस किसिंग सीन को शूट करने के लिए हामी भरी।
आज भी अमर है अलका याग्निक और उदित नारायण की आवाज
तमाम ड्रामे और जूही की शुरुआती नाराजगी के बाद जब यह सीन स्क्रीन पर आया, तो इसने दर्शकों का दिल जीत लिया। आनंद-मिलिंद के शानदार संगीत, मजरूह सुल्तानपुरी के लिखे बोल और उदित नारायण व अलका याग्निक की मखमली आवाज ने इस गाने को भारतीय सिनेमा के सबसे बेहतरीन रोमांटिक गानों में शुमार कर दिया।
मजबूरी में किया गया जूही चावला का वह शॉट आज भी बॉलीवुड के सबसे प्योर और आइकॉनिक रोमांटिक मोमेंट्स में से एक माना जाता है, जो आज 38 साल बाद भी लोगों के दिलों पर राज कर रहा है।