रामायण' फिल्म का पहला भक्ति गीत रिलीज: श्रेया घोषाल और अरिजीत सिंह ने मोहा मन

रामायण' फिल्म का पहला भक्ति गीत रिलीज: श्रेया घोषाल और अरिजीत सिंह ने मोहा मन

भारतीय सिनेमा के इतिहास में जब भी किसी महाकाव्य या पौराणिक कथा पर आधारित भव्य फिल्म के निर्माण की बात होती है, तो दर्शकों की उत्सुकता सातवें आसमान पर पहुंच जाती है। इन दिनों बॉलीवुड के गलियारों से लेकर सोशल मीडिया के हर कोने तक केवल और केवल निर्देशक नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित और भव्य पौराणिक फिल्म 'रामायण' की ही चर्चा हो रही है, जिसे भारतीय सिनेमा का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट माना जा रहा है। फिल्म से जुड़ी हर एक छोटी-बड़ी अपडेट पर करोड़ों राम भक्तों और सिने प्रेमियों की पैनी नजर बनी हुई है, और इसी बीच फिल्म निर्माताओं ने दर्शकों के इंतजार को खत्म करते हुए इसका पहला आधिकारिक भक्ति गीत 'जय जय राम' रिलीज कर दिया है। जैसे ही यह पावन गीत इंटरनेट पर आया, इसने तहलका मचा दिया और कुछ ही घंटों के भीतर लाखों लोगों की जुबान पर चढ़ गया। इस गीत की सबसे बड़ी और खास बात यह है कि इसमें बॉलीवुड के दो सबसे चहेते और दिग्गज पार्श्व गायक, सुरों की मल्लिका श्रेया घोषाल और अपनी रूहानी आवाज के लिए जाने जाने वाले अरिजीत सिंह ने अपनी जादुई आवाज से चार चांद लगा दिए हैं। संगीत प्रेमियों का यह भी कहना है कि इस गाने के संगीत संयोजन में भारतीय सिनेमा के कुछ पुराने और बेहद लोकप्रिय धार्मिक गानों की एक हल्की सी सुरीली झलक भी सुनाई देती है, जो सुनने वालों को पुरानी यादों और असीम भक्ति में डुबो देती है। इस भव्य गीत के रिलीज होने के साथ ही फिल्म 'रामायण' को लेकर लोगों का उत्साह और दीवानगी कई गुना बढ़ गई है, और यह इस बात का प्रमाण है कि फिल्म अपनी भव्यता के साथ-साथ अपनी संगीत के दम पर भी एक नया इतिहास रचने जा रही है।

भगवान राम की महिमा में डूबा 'जय जय राम' गीत और संगीत की अद्भुत दिव्यता

किसी भी ऐतिहासिक या पौराणिक फिल्म की आत्मा उसका संगीत होता है, जो पर्दे पर चल रहे दृश्यों को दर्शकों के दिलों तक सीधे उतारने का काम करता है, और 'जय जय राम' इस कसौटी पर पूरी तरह खरा उतरता है। गीत के बोल इतने सरल, गहरे और ऊर्जा से भरे हुए हैं कि उन्हें सुनते ही रोम-रोम में भक्ति भाव जागृत हो जाता है, और ऐसा प्रतीत होता मानो हम सीधे त्रेता युग की उस पावन अयोध्या नगरी में पहुंच गए हों। संगीतकारों ने इस गाने को तैयार करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा है कि आधुनिक वाद्ययंत्रों के साथ-साथ पारंपरिक भारतीय शास्त्रीय संगीत और लोक धुनों का ऐसा अद्भुत मिश्रण तैयार किया जाए जो हर उम्र के वर्ग को अपनी ओर आकर्षित कर सके। जब गाने की शुरुआत होती है, तो वायलिन और बांसुरी की वह भीनी-भीनी धुनें कानों को एक अजीब सी शांति देती हैं, और जैसे ही गीत आगे बढ़ता है, कोरस की गूंज और तालों की थाप श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर देती है। यह गीत केवल एक सामान्य फिल्म का गाना नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा आध्यात्मिक अनुभव है जो सुनने वाले के मन से सारे तनाव और चिंताओं को दूर करके उसे पूरी तरह से भगवान श्रीराम की भक्ति में लीन कर देता है।

श्रेया घोषाल और अरिजीत सिंह की सुरीली जुगलबंदी ने जीता देश-दुनिया के करोड़ों दिलों का प्यार

जब देश के दो सबसे बड़े और लोकप्रिय गायक एक ही मंच पर या एक ही गाने के लिए अपनी आवाज देते हैं, तो उस संगीत के जादुई होने की गारंटी स्वतः ही मिल जाती है, और 'जय जय राम' के मामले में यह बात सौ फीसदी सच साबित हुई है। श्रेया घोषाल की मीठी, सुरीली और उम्दा आवाज जब मां सरस्वती के वरदान की तरह कानों में पड़ती है, तो मन अनायास ही पवित्र हो जाता है, और उनके साथ जब अरिजीत सिंह की वह दर्दभरी और रूहानी आवाज मिलती है, तो गाने की मिठास और गहराई कई गुना बढ़ जाती है। दोनों कलाकारों ने अपनी गायकी के जरिए भगवान राम के प्रति समर्पण, प्रेम और उनके आदर्शों की उस महान भावना को बहुत ही खूबसूरती से पर्दे के पीछे से जीवंत कर दिया है। गाने के अंतरा में दोनों की जुगलबंदी जिस ऊंचाई पर पहुंचती है, वह श्रोताओं की आंखों में खुशी और भक्ति के आंसू लाने के लिए काफी है, जो इस बात को साबित करता है कि वे आज के दौर के सबसे बेहतरीन गायक क्यों माने जाते हैं। सोशल मीडिया पर इस गाने के रिलीज होने के बाद से ही फैंस लगातार श्रेया घोषाल और अरिजीत सिंह की इस जोड़ी की तारीफों के पुल बांध रहे हैं और इसे इस दशक का सबसे बेहतरीन भक्ति गीत करार दे रहे हैं।

दो पुराने प्रतिष्ठित गानों की सुरीली झलक और पुरानी यादों का ताजा होना

'जय जय राम' गीत के रिलीज होने के बाद से ही संगीत के जानकार और पुराने गानों के पारखी इसमें एक बेहद दिलचस्प और खूबसूरत बात नोटिस कर रहे हैं, जो इस गाने को और भी खास बनाती है। इस नए गीत की धुनों और अंतरा के कुछ हिस्सों में भारतीय सिनेमा के इतिहास के दो बेहद पुराने, प्रतिष्ठित और लोकप्रिय धार्मिक तथा देशभक्ति से जुड़े गानों की बहुत ही सूक्ष्म लेकिन स्पष्ट सुरीली झलक सुनाई देती है। जब यह धुन कानों से टकराती है, तो पुरानी पीढ़ी के लोगों को अपने बचपन के वे दिन याद आ जाते हैं जब दूरदर्शन पर रामायण या अन्य धार्मिक धारावाहिकों के समय पूरा परिवार एक साथ बैठकर टीवी के सामने बैठता था। संगीतकारों ने बहुत ही शालीनता और सम्मान के साथ उन पुरानी और經典 धुनों को आधुनिक तकनीक के साथ पिरोकर इस नए गाने में शामिल किया है, जिससे नई पीढ़ी को भी अपनी जड़ों और पुरानी संस्कृति से जुड़ने का एक बेहतरीन मौका मिल रहा है। यह पुराना और नया का संगम ही इस गाने की सबसे बड़ी यूएसपी (USP) बन गया है, जो हर सुनने वाले के दिल को सीधे छू रहा है और बार-बार इस गाने को सुनने के लिए मजबूर कर रहा है।

फिल्म 'रामायण' से जुड़ी उम्मीदें और आने वाले समय का सबसे बड़ा सिनेमाई धमाका

नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही फिल्म 'रामायण' को लेकर जिस प्रकार का माहौल और हाइप देश भर में बना हुआ है, उससे यह साफ जाहिर होता है कि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस के सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है। फिल्म में भगवान राम, माता सीता और रावण जैसे किरदारों को निभाने वाले कलाकारों के लुक और वीएफएक्स (VFX) पर पानी की तरह पैसा बहाया जा रहा है, ताकि दर्शकों को एक विश्वस्तरीय और अभूतपूर्व सिनेमाई अनुभव दिया जा सके। 'जय जय राम' जैसे शानदार और भक्तिमय गीत के रिलीज होने से फिल्म की मार्केटिंग और प्रमोशन को एक जबरदस्त शुरुआत मिल गई है, और आने वाले दिनों में जब इसके अन्य गाने और ट्रेलर सामने आएंगे, तो दीवानगी और अधिक बढ़ जाएगी। राम भक्तों और फिल्म प्रेमियों के दिलों में इस फिल्म को लेकर जो उत्साह है, वह इस बात का सबूत है कि भारतीय संस्कृति और इतिहास पर आधारित ऐसी कहानियां जब बड़े पर्दे पर भव्यता के साथ उतरती हैं, तो पूरा देश उसमें झूम उठता है। आने वाला समय यह तय करेगा कि यह फिल्म पर्दे पर क्या नया इतिहास रचती है, लेकिन फिलहाल इसका यह पहला भक्ति गीत हर तरफ अपनी सफलता का परचम लहरा रहा है और लोगों के दिलों पर राज कर रहा है।

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