जिम या योगा... दिल की सेहत के लिए क्या है वरदान? एक्सपर्ट्स ने बताया लंबी उम्र और मजबूत हार्ट का असली सीक्रेट
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी, खराब लाइफस्टाइल और बढ़ते तनाव के कारण दिल से जुड़ी बीमारियां (Heart Diseases) दुनियाभर में बहुत तेजी से पैर पसार रही हैं। ऐसे में डॉक्टर्स दिल को दुरुस्त रखने के लिए शारीरिक रूप से एक्टिव रहने की सलाह देते हैं। लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह बड़ा सवाल रहता है कि हार्ट हेल्थ के लिए 'जिम' (Gym) ज्यादा फायदेमंद है या 'योगा' (Yoga)?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों और कार्डियोलॉजिस्ट का कहना है कि इन दोनों की सीधे तौर पर तुलना करना बिल्कुल गलत है। ये दोनों ही आपके दिल को अलग-अलग तरीकों से फायदा पहुंचाते हैं। आइए एक्सपर्ट्स के नजरिए से समझते हैं कि आपके दिल के लिए दोनों क्यों जरूरी हैं।
जिम वर्कआउट: दिल की पंपिंग क्षमता और मांसपेशियों को बनाता है फौलादी
जिम में की जाने वाली एक्सरसाइज—जैसे ट्रेडमिल पर तेज चलना (ब्रिस्क वॉक), जॉगिंग, साइक्लिंग, रोइंग और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग—मुख्य रूप से हमारी 'एरोबिक कैपेसिटी' को बढ़ाती हैं।
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मजबूत कार्डियोवस्कुलर सिस्टम: नियमित कार्डियो करने से दिल की मांसपेशियां मजबूत होती हैं, जिससे दिल को पूरे शरीर में ऑक्सीजन युक्त खून पहुंचाने के लिए कम मेहनत करनी पड़ती है।
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ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल: जिम में पसीना बहाने से बैड कोलेस्ट्रॉल कम होता है और ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है।
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वजन पर नियंत्रण: यह शरीर की अतिरिक्त कैलोरी बर्न करके मोटापे को रोकता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक (Stroke) का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।
योगा: स्ट्रेस हार्मोन को घटाकर नसों को देता है असली आराम
योगा का मुख्य फोकस शरीर की फ्लेक्सिबिलिटी (लचीलापन), सही तरीके से सांस लेने की तकनीक (प्राणायाम) और मानसिक शांति पर होता है। भले ही योग से जिम जैसी भारी एरोबिक एक्सरसाइज जितनी कार्डियो एक्टिविटी न मिले, लेकिन यह हार्ट के लिए सुरक्षा कवच है।
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तनाव का खात्मा: मेडिकल साइंस के मुताबिक, अत्यधिक तनाव (Stress) हार्ट अटैक की एक बहुत बड़ी और मुख्य वजह है। योग आपके नर्वस सिस्टम को शांत करता है और शरीर में कोर्टिसोल जैसे स्ट्रेस हार्मोन के स्तर को कम करता है।
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बेहतर पल्स रेट और नींद: योग और ध्यान (Meditation) से दिल की धड़कनें संतुलित होती हैं और अनिद्रा (Insomnia) की समस्या दूर होती है, जो दिल के लिए बेहद जरूरी है।
क्या केवल योगा करने से दिल पूरी तरह हेल्दी रह सकता है?
एक्सपर्ट्स इस बात से साफ इनकार करते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, केवल योग करने से दिल को उतनी एरोबिक एक्टिविटी या वेंटिलेशन नहीं मिल पाता, जिससे दिल की सहनशक्ति (Endurance) में बड़ा सुधार हो सके।
क्या कहती है गाइडलाइन?
ग्लोबल हेल्थ गाइडलाइंस के अनुसार, एक स्वस्थ वयस्क को अपने दिल को सुरक्षित रखने के लिए हर हफ्ते कम से कम 150 मिनट की मीडियम स्पीड वाली एरोबिक एक्सरसाइज (जैसे तेज चलना या साइकिल चलाना) जरूर करनी चाहिए। इसलिए सिर्फ योग के भरोसे बैठने के बजाय दूसरी फिजिकल एक्टिविटी को भी शामिल करना जरूरी है।
लंबी उम्र के लिए कैसा होना चाहिए आपका परफेक्ट 'फिटनेस रूटीन'?
हार्ट स्पेशलिस्ट (Cardiologists) सलाह देते हैं कि आपको जिम और योग में से किसी एक को चुनने की कोई जरूरत नहीं है। आपके पास एक बैलेंस्ड मिक्स रूटीन होना चाहिए:
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हफ्ते में 3-4 दिन: तेज चलना, जॉगिंग, साइक्लिंग या स्विमिंग जैसी एरोबिक (कार्डियो) एक्सरसाइज करें।
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हफ्ते में 2 दिन: मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए जिम में लाइट वेट या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करें।
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हफ्ते में 2 दिन: शरीर की रिकवरी, मानसिक शांति, लचीलेपन और तनाव को दूर करने के लिए योग और डीप ब्रीदिंग (प्राणायाम) को वक्त दें।
यह ऑल-राउंडर कॉम्बिनेशन आपके दिल के साथ-साथ आपकी मानसिक सेहत (Mental Health) और शरीर की ओवरऑल फिटनेस को हमेशा परफेक्ट बनाए रखेगा।