सम्राट सरकार के 100 दिन पूरे: बिहार के विकास के लिए मुख्यमंत्री ने किए कई बड़े ऐलान
बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने अपने कार्यकाल के सफल 100 दिन पूरे कर लिए हैं। इन शुरुआती सौ दिनों में सरकार ने प्रशासनिक कसावट, सुशासन और जनहित से जुड़े कई बड़े फैसले लिए हैं। राज्य के समग्र विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार ने रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और शहरीकरण के मोर्चे पर कई बड़े ऐलान किए हैं, जिनका उद्देश्य बिहार को विकास की एक नई रफ्तार देना है।
स्वास्थ्य और चिकित्सा क्षेत्र में बड़े कदम
राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ बनाने के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं:
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सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल: सभी जिला अस्पतालों को चरणबद्ध तरीके से सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों के रूप में विकसित करने और आईसीयू की स्थापना का बड़ा फैसला लिया गया है।
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मरीजों को रेफर करने पर रोक: चिकित्सा व्यवस्था को बेहतर करते हुए यह निर्देश दिए गए हैं कि 15 अगस्त के बाद से स्थानीय स्तर पर मरीजों को अनावश्यक रूप से बड़े अस्पतालों में रेफर करने की प्रवृत्ति पर पूरी तरह विराम लगाया जाए।
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कैशलेस इलाज की सुविधा: सरकारी कर्मचारियों और विधायकों के साथ-साथ आम नागरिकों के लिए भी स्वास्थ्य सेवाओं को सुगम बनाने के वास्ते कैशलेस इलाज की दिशा में कदम बढ़ाए गए हैं।
शिक्षा और उच्च संस्थानों का विस्तार
युवाओं को बेहतर शिक्षा और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए सरकार ने कई नई शैक्षणिक संस्थाएं खोलने की पहल की है:
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मॉडल स्कूल और डिग्री कॉलेज: राज्य में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए 551 मॉडल स्कूल और 211 नए डिग्री कॉलेज शुरू किए गए हैं।
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नए विश्वविद्यालय: उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए भागलपुर में एआई और कंप्यूटर साइंस विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर में आर्किटेक्चर और सिविल इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी, तथा बेगूसराय में दिनकर सिंह विश्वविद्यालय की स्थापना की घोषणा की गई है।
शहरीकरण और बुनियादी ढांचे (Infrastructure) का विकास
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12 नई सैटेलाइट टाउनशिप: राज्य में बढ़ते शहरीकरण के दबाव को कम करने और नियोजित विकास के लिए 12 नए ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित किए जा रहे हैं।
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सड़क और परिवहन: सड़क, पुल और राज्य राजमार्गों के निर्माण कार्यों में तेजी लाने के साथ ही राज्य में हवाई अड्डों के विकास और हेलीकॉप्टर के जरिए हवाई पर्यटन की शुरुआत करने की पहल की गई है।
सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाएं
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बिहार पेंशन दिवस: समाज के कमजोर और बुजुर्ग वर्ग को समय पर लाभ देने के लिए हर महीने की 10 तारीख को 'बिहार पेंशन दिवस' के रूप में तय किया गया है, जिसके तहत डीबीटी के माध्यम से सीधे खातों में राशि भेजी जा रही है।
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बुजुर्गों के लिए विशेष सुविधा: 80 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए घर पर ही निबंधन और अनाज की होम डिलीवरी जैसी जनहितकारी योजनाएं शुरू की गई हैं।
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इलेक्ट्रिक वाहन प्रोत्साहन: महिलाओं द्वारा चारपहिया इलेक्ट्रिक वाहन (EV) खरीदने पर सरकार की ओर से 1 लाख रुपये का विशेष प्रोत्साहन दिए जाने का ऐलान किया गया है।