IND-PAK के बीच होगा हैंडशेक... प्लेयर्स खुद करेंगे फैसला, आई चौंकाने वाली रिपोर्ट
भारत और पाकिस्तान (India vs Pakistan) के बीच खेल के मैदान पर होने वाले मुकाबलों और उसके बाद के प्रोटोकॉल को लेकर एक नया अपडेट सामने आया है। दोनों देशों के बीच पूर्व के हाई-प्रोफाइल विवादों और 'नो-हैंडशेक' नीति के बाद अब एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि खिलाड़ियों को इस बात की पूरी स्वतंत्रता दी गई है कि वे विरोधी टीम के खिलाड़ियों के साथ हाथ मिलाने या शिष्टाचार निभाने का फैसला खुद अपने स्तर पर ले सकते हैं। इस नए और महत्वपूर्ण विकास से खेल जगत में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
क्या है पूरा मामला और रिपोर्ट के मायने?
पिछले कुछ समय से भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट और अन्य बहु-विषयक आयोजनों में दोनों टीमों के बीच पारंपरिक पोस्ट-मैच हैंडशेक (मैच के बाद हाथ मिलाना) को लेकर काफी तनातनी देखने को मिली थी।
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नीति में स्पष्टता और व्यक्तिगत छूट: सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, बहुराष्ट्रीय या मल्टी-डिसिप्लिनरी खेलों (जैसे राष्ट्रमंडल खेल या अन्य वैश्विक मंच) में खिलाड़ियों पर किसी तरह की कठोर पाबंदी थोपने के बजाय यह निर्णय पूरी तरह से व्यक्तिगत विवेक पर छोड़ दिया गया है। खिलाड़ी अपनी इच्छा और परिस्थितियों के अनुसार फैसला करने के लिए स्वतंत्र हैं।
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तनावपूर्ण माहौल से राहत: खेल आयोजकों और संबंधित बोर्ड्स का यह रुख यह सुनिश्चित करने का प्रयास माना जा रहा है कि राजनीतिक और कूटनीतिक तनावों का सीधा असर सीधे तौर पर मैदान पर उतरने वाले एथलीटों के मानसिक दबाव या खेल की भावना पर न पड़े।
खेल के मैदान पर पहले क्या रहा है ट्रेंड?
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क्रिकेट में सख्त रुख: भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मुकाबलों (चाहे एशिया कप हो या आईसीसी इवेंट्स) में सुरक्षा और राष्ट्रीय भावनाओं से जुड़े मुद्दों के चलते खिलाड़ियों ने पारंपरिक हैंडशेक से दूरी बनाए रखने की नीति का पालन किया है।
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अन्य खेलों में अलग स्थिति: इसके विपरीत, हॉकी, टेनिस और अन्य कुछ व्यक्तिगत या टीम स्पर्धाओं में खिलाड़ियों ने खेल भावना को सर्वोपरि रखते हुए आपसी मेल-जोल और शिष्टाचार के पारंपरिक तरीकों को जारी रखा है।
अब इस ताजा रिपोर्ट के सामने आने के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि मैदान पर जब भी भारत और पाकिस्तान आमने-सामने होंगे, तो खिलाड़ी व्यक्तिगत रूप से क्या रुख अपनाते हैं।