चुपके-चुपके आपकी किडनी को कर रही हैं पूरी तरह डैमेज, आज ही सुधार लें अपनी लाइफस्टाइल
मानव शरीर को भीतर से साफ रखने और सभी हानिकारक टॉक्सिन्स (विषाक्त पदार्थों) को फिल्टर करके बाहर निकालने का सबसे महत्वपूर्ण जिम्मा हमारी किडनी पर होता है। शरीर में पानी और फ्लूएड का बैलेंस बनाए रखने वाली किडनी हमारे खराब रूटीन की वजह से आजकल सबसे ज्यादा खतरे में है। सबसे डरावनी बात यह है कि किडनी खराब होने या डैमेज होने के शुरुआती लक्षण इतने सामान्य होते हैं कि इंसान को भनक तक नहीं लगती और यह बीमारी शरीर के भीतर चुपके-चुपके बढ़ती रहती है। अगर आप भी अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में इन आदतों को नजरअंदाज कर रहे हैं, तो सावधान हो जाइए क्योंकि यह सीधे तौर पर किडनी फेल्योर (Kidney Failure) को बुलावा दे रही हैं।
कम पानी पीना और डाइट में नमक की अधिक मात्रा है सबसे बड़ी लापरवाही
किडनी को सुचारू रूप से काम करने के लिए शरीर में पानी का पर्याप्त स्तर होना बेहद जरूरी है। जो लोग दिनभर में बहुत कम पानी पीते हैं, उनके शरीर के टॉक्सिन्स बाहर नहीं निकल पाते और वे किडनी में जमा होने लगते हैं, जिससे उस पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसके साथ ही खाने में ऊपर से नमक डालकर खाना या ज्यादा नमकीन चीजें खाना सीधे तौर पर ब्लड प्रेशर को हाई करता है। बढ़ा हुआ रक्तचाप किडनी की महीन ब्लड वेसल्स (रक्त वाहिकाओं) को संकुचित कर देता है, जिससे धीरे-धीरे किडनी की खून साफ करने की फिल्टरिंग क्षमता खत्म होने लगती है।
बिना डॉक्टर की सलाह के पेनकिलर खाना और अधूरी नींद लेना पड़ेगा भारी
अक्सर लोग हल्का सिरदर्द, बदन दर्द या पीरियड्स पेन होने पर तुरंत मेडिकल स्टोर से खरीदकर पेनकिलर (दर्द निवारक दवाएं) खा लेते हैं। बार-बार और बिना डॉक्टरी परामर्श के इन हैवी पेनकिलर्स का सेवन करना सीधे तौर पर किडनी के टिश्यूज को नष्ट कर देता है। इसके अलावा रात को देर तक जागना और 7 से 8 घंटे की गहरी नींद न लेना भी किडनी के स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है। पूरी नींद न लेने से शरीर में स्ट्रेस हार्मोन बढ़ते हैं, जो सीधे तौर पर शुगर और बीपी को अनियंत्रित कर किडनी पर लोड बढ़ा देते हैं।
जंक फूड का चस्का और प्रोटीन की अत्यधिक मात्रा भी है बेहद खतरनाक
बाजार में मिलने वाले प्रोसेस्ड स्नैक्स, पैकेज्ड फूड, चिप्स और फ्राइड आइटम्स में सोडियम और खतरनाक प्रिजर्वेटिव्स की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। इनका लगातार सेवन किडनी की कार्यक्षमता को धीमा कर देता है। वहीं दूसरी ओर, आजकल फिटनेस और बॉडी बिल्डिंग के चक्कर में लोग जरूरत से ज्यादा प्रोटीन सप्लीमेंट्स या हाई प्रोटीन डाइट लेने लगते हैं। हालांकि प्रोटीन सेहत के लिए अच्छा है, लेकिन शरीर की जरूरत से ज्यादा प्रोटीन का मेटाबॉलिज्म करना किडनी के लिए बहुत मुश्किल हो जाता है, जिससे वह वक्त से पहले कमजोर हो जाती है।
स्मोकिंग, अल्कोहल और साइलेंट बीमारियों को नजरअंदाज करना है जानलेवा
धूम्रपान (सिगरेट) और शराब का अत्यधिक सेवन सीधे तौर पर किडनी की कोशिकाओं (Cells) को सुखा देता है, जिससे शरीर का कचरा साफ करने की उसकी क्षमता आधी रह जाती है। इसके अलावा अगर आपको पहले से ही हाई ब्लड प्रेशर या डायबिटीज (उच्च रक्त शर्करा) की समस्या है और आप इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, तो मान कर चलिए कि आपकी किडनी बहुत जल्द गंभीर रूप से प्रभावित होने वाली है क्योंकि ये दोनों बीमारियां किडनी की सबसे बड़ी दुश्मन मानी जाती हैं। अपनी किडनियों को ताउम्र स्वस्थ रखने के लिए आज ही से पर्याप्त पानी पिएं, नमक-चीनी का सेवन कम करें और बिना वजह दवाइयां खाने से बचें।