न्यू फरक्का-तीलडांगा के बीच रेलवे ट्रैक धंसा, पाकुड़ होकर जाने वाली कई ट्रेनें रद्द, कई के बदले रूट
पूर्वी रेलवे के मालदा डिवीजन के अंतर्गत न्यू फरक्का और तीलडांगा रेलवे स्टेशनों के बीच अचानक रेलवे ट्रैक धंस जाने की एक बड़ी और गंभीर घटना सामने आई है, जिससे पूर्वोत्तर राज्यों और बंगाल-बिहार के बीच रेल यातायात पूरी तरह से चरमरा गया है। भारी बारिश और भौगोलिक कारणों से ट्रैक के नीचे की मिट्टी खिसकने के बाद सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस व्यस्त रेल खंड पर ट्रेनों का आवागमन तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है। झारखंड के पाकुड़ और आसपास के जिलों से होकर गुजरने वाली कई महत्वपूर्ण एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनें या तो पूरी तरह रद्द कर दी गई हैं या फिर उनके मार्ग में परिवर्तन कर दिया गया है, जिससे रोजाना सफर करने वाले यात्रियों और लंबी दूरी के मुसाफिरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे के वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी और इंजीनियरों की विशेष टीम युद्धस्तर पर मौके पर पहुंचकर ट्रैक की मरम्मत और रेस्टोरेशन का काम तेजी से पूरा करने में जुटी हुई है, ताकि जल्द से जल्द सुरक्षित यातायात को बहाल किया जा सके।
अचानक ट्रैक धंसने से थमी ट्रेनों की रफ्तार, पाकुड़ रूट पर मचा हड़कंप
न्यू फरक्का और तीलडांगा सेक्शन के बीच रेल पटरी के नीचे की जमीन धंसने की यह घटना उस समय सामने आई जब एक मालगाड़ी के गुजरने के बाद लोको पायलट ने ट्रैक की स्थिति असामान्य महसूस की और तुरंत इसकी सूचना रेलवे कंट्रोल रूम को दी। गनीमत यह रही कि समय रहते खतरे को भांप लिया गया, अन्यथा एक बड़ा रेल हादसा भी हो सकता था। इस रूट पर पाकुड़, साहिबगंज और रामपुरहाट के रास्ते गुजरने वाली ट्रेनों की आवाजाही ठप होने से झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच रेलवे संपर्क कट सा गया है। रेलवे प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए तुरंत इस खंड से गुजरने वाली तमाम ट्रेनों के पहिए रोक दिए, जिसके बाद पाकुड़ रेलवे स्टेशन और आसपास के जंक्शनों पर यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई। लोग अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक साधनों की तलाश करते नजर आए, जबकि रेलवे के पूछताछ काउंटर पर लगातार रद्द और डायवर्ट ट्रेनों की जानकारी लेने वालों का तांता लगा रहा।
कौन-कौन सी ट्रेनें हुई रद्द और किन गाड़ियों के बदले गए रूट?
इस तकनीकी खराबी और ट्रैक धंसने की वजह से रेलवे ने पैसेंजरों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई प्रमुख ट्रेनों के शेड्यूल में बड़े बदलाव किए हैं। पाकुड़ होकर गुजरने वाली कई लोकल पैसेंजर ट्रेनों को पूरी तरह रद्द कर दिया गया है, जबकि हाफ-वे शॉर्ट टर्मिनेशन और ओरिजिनेशन के नियम लागू किए गए हैं। इसके अलावा लंबी दूरी की कई एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों को मालदा, रामपुरहाट और आसनसोल के वैकल्पिक रूटों से डायवर्ट करके चलाया जा रहा है, जिससे उन ट्रेनों के गंतव्य तक पहुंचने में कई घंटों की अतिरिक्त देरी हो रही है। रेलवे बोर्ड और मालदा डिवीजन की ओर से लगातार अपडेट जारी किए जा रहे हैं ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। जिन यात्रियों ने पहले से ही इस रूट के लिए रिजर्वेशन करा रखा था, वे रेलवे नियमों के तहत अपने टिकट का पूरा रिफंड प्राप्त कर सकते हैं या फिर पुनर्निर्धारित ट्रेनों से यात्रा करने का विकल्प चुन सकते हैं।
रेलवे इंजीनियरिंग टीम युद्धस्तर पर कर रही मरम्मत, यातायात बहाल होने में लग सकता है समय
घटना की गंभीरता को देखते हुए पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक और मालदा डिवीजन के डीआरएम सहित तमाम वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी मौके पर कैंप किए हुए हैं। ट्रैक के धंसे हुए हिस्से में नई मिट्टी, गिट्टी और कंक्रीट स्लीपरों को मजबूत करने का काम भारी-भरकम मशीनों की मदद से लगातार जारी है। बारिश और दलदली स्थिति के कारण मरम्मत के काम में कुछ अड़चनें जरूर आ रही हैं, लेकिन इंजीनियरों का दावा है कि सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता किए बिना तेजी से काम पूरा किया जा रहा है। ट्रैक की सॉइल टेस्टिंग और सिग्नलिंग सिस्टम की गहन जांच-पड़ताल करने के बाद ही इस रूट पर पहली ट्रेन को धीमी गति से गुजारने की अनुमति दी जाएगी। रेलवे ने अनुमान जताया है कि स्थिति को पूरी तरह सामान्य होने और सामान्य गति से ट्रेनों का परिचालन शुरू होने में अभी कुछ और घंटे या एक-दो दिन का समय लग सकता है, जिसके लिए यात्रियों से धैर्य बनाए रखने की अपील की गई है।
यात्रियों के लिए रेलवे की विशेष एडवाइजरी और हेल्प डेस्क की गई स्थापित
इस अचानक आई आपदा के चलते यात्रियों को हो रही भारी परेशानियों को कम करने के लिए रेलवे प्रशासन ने पाकुड़, न्यू फरक्का, मालदा टाउन और हावड़ा स्टेशनों पर विशेष हेल्प डेस्क और सहायता काउंटर स्थापित किए हैं। इन काउंटरों पर 24 घंटे ट्रेन के रद्द होने, रूट डायवर्जन और रिफंड से जुड़ी सटीक जानकारियां उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके अलावा रेलवे ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल और हेल्पलाइन नंबर 139 के जरिए भी लगातार अपडेट साझा करना शुरू कर दिया है ताकि सफर करने वाले लोग घर से निकलने से पहले ही अपनी ट्रेन की लाइव स्टेटस की जांच कर सकें। स्थानीय जिला प्रशासन और रेलवे पुलिस बल को भी स्टेशनों पर तैनात किया गया है ताकि यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे रेलवे की आधिकारिक घोषणाओं पर ही भरोसा करें और अपनी यात्रा की योजना तदनुसार ही बनाएं।