17 करोड़ का महल, बाली में फोटोशूट... फिर मंगेतर ने प्रेमी संग मिलकर बिजनेसमैन केतन को गहरी खाई में क्यों धकेला
महाराष्ट्र के पुणे से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। पुणे के प्रतिष्ठित उद्योगपति विशाल अग्रवाल के 26 वर्षीय बेटे और 'सक्सेस ग्रुप' के डायरेक्टर केतन अग्रवाल की मौत, जिसे पहले एक दर्दनाक हादसा माना जा रहा था, वह दरअसल एक सोची-समझी खूनी साजिश निकली। लोहगढ़ किले की ट्रैकिंग के दौरान खाई में गिरने से हुई केतन की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए उनकी मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है।
जयपुर में बुक था 17 करोड़ का महल, पासपोर्ट चोरी होने से टला था बाली ट्रिप
केतन अग्रवाल और सिया गोयल की सगाई हो चुकी थी और दोनों के परिवार बेहद धूमधाम से शादी की तैयारियों में जुटे थे। आलीशान शादी के लिए राजस्थान के जयपुर में 17 करोड़ रुपये की भारी-भरकम रकम खर्च कर एक भव्य महल (पैलेस) बुक किया गया था। शादी से ठीक पहले दोनों को प्री-वेडिंग फोटोशूट के लिए बाली (इंडोनेशिया) जाना था, लेकिन ऐन वक्त पर केतन का पासपोर्ट रहस्यमयी तरीके से गायब हो गया, जिसकी वजह से विदेश यात्रा रद्द करनी पड़ी। पुलिस को अब शक है कि पासपोर्ट का गायब होना भी इसी साजिश का हिस्सा था ताकि केतन को पुणे में ही मौत के घाट उतारा जा सके।
खूनी ट्रैकिंग: मंगेतर ने हमदर्दी पाने के लिए सोशल मीडिया पर लिखा इमोशनल पोस्ट
बाली ट्रिप कैंसिल होने के बाद 18 जून को सिया केतन को पुणे के पास ऐतिहासिक लोहगढ़ किले में ट्रैकिंग के बहाने ले गई। वहां उसने अपने प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर प्री-प्लान्ड तरीके से केतन को गहरी घाटी में धक्का दे दिया। वारदात के बाद सिया ने पुलिस और घरवालों को कहानी सुनाई कि फोटो खींचने के दौरान केतन का पैर फिसल गया था। केतन की मौत के बाद हर कोई सिया के साथ हमदर्दी जता रहा था और खुद सिया ने भी सोशल मीडिया पर बेहद भावुक पोस्ट शेयर कर दुख का नाटक किया, लेकिन कानून की नजरों से वह बच नहीं सकी।
पहले भी दो बार की थी मारने की नाकाम कोशिश, तीसरी बार में मिली सफलता
पुणे ग्रामीण पुलिस की सघन जांच में जो खुलासे हुए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। आरोपी मंगेतर सिया गोयल ने केतन को रास्ते से हटाने के लिए पहले भी दो बार जानलेवा हमले की कोशिश की थी। वह 31 मई और फिर 14 जून को भी केतन को इसी लोहगढ़ किले में लेकर आई थी ताकि उन्हें ऊंचाई से नीचे गिरा सके, लेकिन उन दोनों मौकों पर वह अपनी इस खौफनाक साजिश को अंजाम देने में नाकाम रही थी। आखिरकार 18 जून को उसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर केतन की जान ले ली।
मिस्ट्री हुडी और सीसीटीवी फुटेज ने खोली सिया के झूठ की पोल
इस हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने में सीसीटीवी फुटेज और केतन का गायब पासपोर्ट सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुए। पुलिस ने जब किले की तरफ जाने वाले रास्तों के सीसीटीवी कैमरों की जांच की, तो एक संदिग्ध कार केतन और सिया की गाड़ी का पीछा करती दिखी। जून की भीषण गर्मी के बावजूद कार में बैठे एक युवक ने हुडी पहन रखी थी। एक फुटेज में सिया पीछे मुड़कर इशारा करती है और हुडी वाला युवक तुरंत छिपने की कोशिश करता है। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने जब हुडी वाले लड़के को दबोचा, तो उसकी पहचान चेतन चौधरी के रूप में हुई, जो सिया का बॉयफ्रेंड था। कड़ाई से पूछताछ के बाद सिया ने कबूल किया कि वह केतन से शादी नहीं करना चाहती थी।
बिलखते पिता का दर्द: "शादी से मना कर देती, मेरे मासूम बेटे को क्यों मारा?"
इस खौफनाक वारदात के बाद केतन के पिता और जाने-माने रियल एस्टेट कारोबारी विशाल अग्रवाल का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने बेहद भावुक और गुस्से में कहा, "अगर सिया को यह शादी मंजूर नहीं थी, तो वह साफ मना कर देती। हम हंसते-हंसते यह रिश्ता यहीं तोड़ देते। लेकिन उसने मेरे 26 साल के जवान बेटे को इतनी बेरहमी से क्यों मार डाला?" केतन अग्रवाल सिम्बायोसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी से बीबीए ग्रेजुएट थे और अपने परिवार के रियल एस्टेट बिजनेस को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे थे। इस घटना ने समाज में रिश्तों और क्रूर मानसिकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।