राहत की बारिश: आखिरकार चल पड़ा सुस्त पड़ा मानसून, महाराष्ट्र पूरा भीगा; अब यूपी-बिहार और दिल्ली की बारी, IMD का बड़ा अलर्ट

राहत की बारिश: आखिरकार चल पड़ा सुस्त पड़ा मानसून, महाराष्ट्र पूरा भीगा; अब यूपी-बिहार और दिल्ली की बारी, IMD का बड़ा अलर्ट

चिलचिलाती गर्मी और उमस से परेशान देश के करोड़ों लोगों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। कई दिनों तक सुस्त रहने के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) ने आखिरकार अपनी रफ्तार पकड़ ली है। 24 जून को मानसून ने जोरदार तरीके से आगे बढ़ते हुए गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और झारखंड के कई नए इलाकों को पूरी तरह से कवर कर लिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, मानसून की यह सक्रियता अब तेजी से उत्तर और पूर्वी भारत के राज्यों की ओर रुख कर रही है, जिससे आने वाले दिनों में देश के एक बड़े हिस्से में झमाझम बारिश का दौर शुरू होने वाला है।

पिछले 24 घंटे में मानसून की मजबूत प्रगति, मौसम वैज्ञानिक डॉ. शशि कांत ने दिया बड़ा अपडेट

दिल्ली में आईएमडी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. शशि कांत ने मानसून की ताजा स्थिति पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया, "पिछले 24 घंटों के दौरान मानसून की प्रगति बेहद मजबूत और संतोषजनक रही है। मानसूनी हवाएं अब पूरे महाराष्ट्र, दक्षिण गुजरात, दक्षिण मध्य प्रदेश और उसके आसपास के तमाम इलाकों को पूरी तरह से अपने घेरे में ले चुकी हैं। इसके अलावा छत्तीसगढ़ और झारखंड के भी कुछ नए हिस्सों में मानसून आगे बढ़ गया है।" डॉ. शशि कांत के मुताबिक, अगले 2 से 3 दिनों के भीतर गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड और दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश के बचे हुए इलाकों में मानसून के धमाकेदार एंट्री के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बन चुकी हैं। इसके तुरंत बाद उत्तराखंड के कई क्षेत्रों में भी मानसूनी फुहारें पड़ने लगेंगी।

भारी बारिश के साथ बजी खतरे की घंटी, चक्रवाती सिस्टम से इन राज्यों में अलर्ट

राहत की इस मानसूनी बारिश के साथ ही मौसम विभाग ने कुछ इलाकों के लिए खतरे की घंटी भी बजा दी है। आईएमडी ने देश के पश्चिमी तट, पूर्वोत्तर भारत (North-East India), उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के लिए भारी से बहुत भारी बारिश (Heavy to Very Heavy Rainfall) का ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से 27 और 28 जून को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अत्यंत भारी वर्षा होने की चेतावनी दी गई है, जिससे वहां बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मध्य भारत के वायुमंडल के ऊपर एक बेहद सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बना हुआ है, जिसके प्रभाव से मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चलने की आशंका है।

एक तरफ बारिश तो दूसरी तरफ आफत: यूपी-बिहार में अभी जारी रहेगा हीटवेव का प्रकोप

देश के मौसम में इस समय एक बेहद दिलचस्प और विरोधाभासी स्थिति देखने को मिल रही है। जहां एक तरफ देश का आधा हिस्सा बारिश से सराबोर हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ कुछ राज्यों में सूरज की तपिश और गर्मी का प्रकोप अभी थमता नजर नहीं आ रहा है। मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में अगले 4 से 5 दिनों तक भीषण हीटवेव (लू) की गंभीर चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही बिहार और उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी अगले 2 से 3 दिनों तक गर्म हवाएं और लू चलने की संभावना जताई गई है। इन क्षेत्रों के लोगों को अभी मानसून की फुहारों के लिए थोड़ा और इंतजार करना होगा।

दिल्ली-NCR, पंजाब और हरियाणा में धूल भरी आंधी और प्री-मानसून बौछारों का अनुमान

देश की राजधानी दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मौसम में भी अगले कुछ दिनों के दौरान बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार, इन राज्यों में चक्रवाती हवाओं के प्रभाव से धूल भरी आंधी चलने, तेज हवाएं गरजने और गरज-चमक के साथ प्री-मानसून बारिश की गतिविधियां दर्ज की जा सकती हैं। धूल भरी आंधी और बौछारों के इस नए दौर से उत्तर-पश्चिम भारत के इन मैदानी इलाकों के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आएगी, जिससे स्थानीय लोगों को उमस और भीषण गर्मी से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।

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