'चढ़ावा चोरी पर कब करेंगे मन की बात?' राम मंदिर विवाद पर भड़के प्रियांक खरगे, बीजेपी को घेरा
बेंगलुरु: अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावा चोरी (चंदा चोरी) का मामला अब एक बड़े राजनीतिक तूफान में बदल चुका है। इस मुद्दे को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र की मोदी और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर हमलावर है। इसी कड़ी में कर्नाटक सरकार के मंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे प्रियांक खरगे ने शनिवार (27 जून 2026) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बीजेपी पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। खरगे ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं।
प्राण प्रतिष्ठा करने वाले पीएम मोदी अब चुप क्यों हैं?
बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रियांक खरगे ने कहा कि जब राम मंदिर की बात आती है, तो बीजेपी सारा श्रेय खुद लेती है, लेकिन घोटाले पर मौन साध लेती है। उन्होंने तीखा सवाल दागते हुए कहा, "प्रधानमंत्री इस विषय पर अपनी 'मन की बात' कब करेंगे? मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा प्रधानमंत्री ने की, उद्घाटन भी उन्होंने ही किया। तो फिर अब जब चंदे की चोरी का इतना बड़ा मामला सामने आया है, तो प्रधानमंत्री की आवाज कहां गायब है?"
सीएम योगी पर निशाना: भावनाओं के साथ खिलवाड़ किसने किया?
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया बयान पर पलटवार करते हुए प्रियांक खरगे ने कहा, "मैंने कल ही सीएम योगी का बयान सुना, जिसमें वे कह रहे हैं कि राम भक्तों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ न करें। तो मेरा सवाल यह है कि आखिर भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया किसने? क्या इसमें कांग्रेस, समाजवादी पार्टी या इंडिया (INDIA) गठबंधन का कोई नेता शामिल था? बिल्कुल नहीं। इस चोरी में आपके (बीजेपी) अपने लोग ही शामिल पाए गए हैं।"
'राम के नाम पर लूट-खसोट करने वाले लोग'
प्रियांक खरगे ने बीजेपी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वे जनता की आस्था की रक्षा करने में पूरी तरह नाकाम रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, "मैं पिछले दो हफ़्तों से लगातार यह बात कह रहा हूं कि ये वही लोग हैं जो धर्म के नाम पर राजनीति करते हैं और इन्होंने ही राम के नाम पर लूट-खसोट मचाई है। इनसे किसी भी अच्छी चीज की उम्मीद नहीं की जा सकती।"
राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा फेरबदल, अब तक 8 गिरफ्तार
आपको बता दें कि अयोध्या राम मंदिर से चंदा और चढ़ावा चोरी का यह मामला इस समय देश की सबसे बड़ी सुर्खियों में से एक है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन लगातार एक्शन मोड में हैं। इस विवाद में अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, इस बड़े घोटाले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने भी अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है।