पंजाब में 'बोर्ड वॉर': बेअदबी मामले पर CM भगवंत मान और अकाली दल में आर-पार, गुरुद्वारों के बाहर भारी तनाव
पंजाब की सियासत में इस समय धार्मिक और राजनीतिक तापमान अपने चरम पर पहुंच गया है। श्री अकाल तख्त साहिब के आदेश के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान के सामाजिक बहिष्कार को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के बीच तल्खी बेहद गंभीर मोड़ ले चुकी है। पूरे राज्य में इस समय दोनों पार्टियों के बीच एक अनोखा 'बोर्ड वॉर' छिड़ गया है, जिससे जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के बीच टकराव के हालात बन गए हैं।
अकाल तख्त के आदेश के बाद अकाली दल का बड़ा एक्शन
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अधीन आने वाले गुरुद्वारों और राज्य के विभिन्न हिस्सों में शिरोमणि अकाली दल के कार्यकर्ता मुख्यमंत्री भगवंत मान के सामाजिक बहिष्कार के फैसले का प्रचार करने के लिए बड़े-बड़े बोर्ड लगा रहे हैं। गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटियां भी इस मुहिम में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं।
फरीदकोट में बवाल: CCTV में कैद हुई बोर्ड फाड़ने की घटना
इस विवाद ने उस समय हिंसक रूप ले लिया जब फरीदकोट के गांव ढिलवां कलां स्थित गुरुद्वारा गोदावरी सर के बाहर लगा सीएम मान के बहिष्कार का बोर्ड कथित तौर पर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा फाड़ दिया गया। गुरुद्वारा साहिब के बाहर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में यह पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई है, जिसमें कुछ लोग आकर पहले बोर्ड को हटाते हैं और फिर उसे वहीं पर फाड़ देते हैं। इस घटना के बाद इलाके में तनाव और बढ़ गया है।
'आप' का पलटवार: लुधियाना में सुखबीर बादल के खिलाफ मोर्चा
अकाली दल के इस कदम का जवाब देने के लिए आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता भी सड़कों पर उतर आए हैं। लुधियाना में गुरुद्वारा बाबा दीप सिंह जी के बाहर 'आप' कार्यकर्ताओं ने शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के खिलाफ जवाबी बोर्ड लगा दिए हैं। इन बोर्डों पर SAD-बीजेपी गठबंधन सरकार के समय हुई ऐतिहासिक और धार्मिक गलतियों का पूरा ब्यौरा लिखा गया है।
बोर्ड पर क्या लिखा है?
इन जवाबी बोर्डों पर उन घटनाओं का जिक्र है जिन्हें सुखबीर सिंह बादल ने 2 दिसंबर 2024 को श्री अकाल तख्त साहिब के सामने खुद स्वीकार किया था। इनमें साल 2015 में हुई बेअदबी की घटनाएं, इंसाफ मांग रही सिख संगत पर पुलिस की कार्रवाई और डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को दी गई माफी (जिसे बाद में वापस लिया गया) शामिल हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने SGPC को घेरा
इस पूरे विवाद पर खुद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। सीएम मान ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि SGPC गुरुद्वारों के बाहर सुखबीर सिंह बादल के खिलाफ बोर्ड क्यों नहीं लगाती? उन्होंने तर्क दिया कि गलतियां तो सुखबीर बादल ने अकाल तख्त के सामने खुद कबूल की हैं, तो बहिष्कार उनका होना चाहिए।
पंजाब में चल रहा यह पोस्टर और बोर्ड विवाद आने वाले दिनों में और भी ज्यादा उग्र रूप ले सकता है, क्योंकि दोनों ही दल इस धार्मिक संवेदनशील मुद्दे पर पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।