दिल्ली में होने वाले बैडमिंटन वर्ल्ड कप में अजीबोगरीब नजारा, इंसान क्यों निकालेंगे लंगूर की आवाज; वजह जान पहले हंसेंगे फिर करेंगे तारीफ

दिल्ली में होने वाले बैडमिंटन वर्ल्ड कप में अजीबोगरीब नजारा, इंसान क्यों निकालेंगे लंगूर की आवाज; वजह जान पहले हंसेंगे फिर करेंगे तारीफ

राजधानी नई दिल्ली के ऐतिहासिक इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में जल्द ही बीडब्ल्यूएफ बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप (BWF World Championships) का महामुकाबला होने जा रहा है, लेकिन इस बड़े टूर्नामेंट से जुड़ी एक ऐसी खबर सामने आई है जिसे सुनकर किसी को भी पहली बार हंसी आ सकती है। इस वैश्विक आयोजन के दौरान स्टेडियम और उसके आसपास इंसान लंगूर की आवाज निकालते हुए नजर आएंगे। सुनने में यह भले ही बेहद अजीब या किसी मजाक जैसा लगे, लेकिन इसके पीछे की असली वजह जानकर आप न सिर्फ अपनी हंसी रोक नहीं पाएंगे, बल्कि इस नायाब देसी जुगाड़ की तारीफ करने पर भी मजबूर हो जाएंगे।

स्टेडियम में बंदरों के आतंक से निपटने का अनोखा फॉर्मूला

नई दिल्ली के इलाकों में लाल मुंह वाले छोटे बंदरों यानी 'रीसस मकाक' का आतंक किसी से छिपा नहीं है। पिछले दिनों 'इंडिया ओपन' बैडमिंटन टूर्नामेंट के दौरान एक ऐसा वाकया सामने आया था जब अचानक एक बंदर प्रैक्टिस हॉल और खिलाड़ियों के बीच आ गया था, जिससे खेल कुछ देर के लिए रोकना पड़ा था और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी किरकिरी भी हुई थी। बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप के दौरान विदेशी मेहमानों और खिलाड़ियों के सामने ऐसी किसी भी शर्मनाक स्थिति या व्यवधान से बचने के लिए आयोजकों ने बेहद अनोखा और पुख्ता इंतजाम किया है।

वन्यजीव संरक्षण कानून के कारण असली लंगूरों पर लगी है रोक

आपके मन में यह सवाल जरूर आ सकता है कि आयोजक असली लंगूरों का इस्तेमाल क्यों नहीं कर रहे हैं? आपको बता दें कि साल 2010 के दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान तो असली लंगूरों और उनके ट्रेनर्स को सुरक्षा के लिए तैनात किया गया था, लेकिन अब कड़े भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (Wildlife Protection Act) के तहत किसी भी जंगली जानवर को कैद में रखना, उसका प्रदर्शन करना या व्यावसायिक कामों के लिए इस्तेमाल करना पूरी तरह से गैरकानूनी और प्रतिबंधित है। कानून के इस दायरे का सम्मान करते हुए ही आयोजकों ने यह दूसरा और बेहद असरदार रास्ता निकाला है।

कौन हैं वे पेशेवर एक्सपर्ट जो निकालते हैं हूबहू लंगूर की दहाड़

कानून की पाबंदियों को ध्यान में रखते हुए इस समस्या का तोड़ निकालने के लिए कुछ ऐसे पेशेवर मिमिक्री कलाकारों और एक्सपर्ट्स को काम पर रखा गया है, जिन्हें 'मंकी विस्परर्स' कहा जाता है। ये प्रशिक्षित इंसान काले मुंह वाले बड़े और ताकतवर लंगूरों की तरह बेहद भारी, डरावनी और सटीक आवाज (गुर्स और शॉट्स) निकालने में पूरी तरह माहिर होते हैं। जब स्टेडियम के चारों तरफ ये लोग लंगूरों जैसी दहाड़ निकालते हैं, तो छोटे बंदरों को असली खतरे का अहसास होता है और वे बिना किसी हिंसा के खुद-ब-खुद वहां से दुम दबाकर भाग खड़े होते हैं।

खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में भी इस देसी जुगाड़ की हो रही चर्चा

भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी और दिग्गज शटलर पीवी सिंधु ने भी इस दिलचस्प और अनूठे उपाय की सराहना की है। उनका मानना है कि भले ही यह तरीका सुनने में थोड़ा अनोखा या मजेदार लगे, लेकिन यह इस बात का प्रमाण है कि भारत इस वैश्विक और प्रतिष्ठित टूर्नामेंट को पूरी तरह सफल और सुरक्षित बनाने के लिए कितनी गहराई से तैयारी कर रहा है। दिल्ली में होने वाले इस बैडमिंटन वर्ल्ड कप में खेल के रोमांच के साथ-साथ यह देसी जुगाड़ भी देश-विदेश के दर्शकों के बीच मुख्य आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है।

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