राष्ट्रपति के पैतृक गांव के पास से गुजरी नई सौगात: पुरी आना-जाना हुआ बेहद आसान

राष्ट्रपति के पैतृक गांव के पास से गुजरी नई सौगात: पुरी आना-जाना हुआ बेहद आसान

भारतीय रेलवे (Indian Railway) के नेटवर्क का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है, और इसके साथ ही देश के दूर-दराज के इलाकों को प्रमुख धार्मिक तथा व्यापारिक केंद्रों से जोड़ने का सिलसिला भी तेज हो गया है। हाल ही में भारतीय रेल ने देश के आम नागरिकों और विशेष तौर पर पूर्वी भारत के यात्रियों को एक बहुत बड़ा और तोहफे जैसा सौगात दिया है। देश के सर्वोच्च पद यानी राष्ट्रपति के पैतृक गांव और उनके गृह जिले से जुड़े क्षेत्रों के लिए एक नई ट्रेन सेवा का आधिकारिक रूप से शुभारंभ कर दिया गया है। इस नई रेल सेवा के शुरू होने से न केवल राष्ट्रपति के पैतृक क्षेत्र के लोगों की उड़ीसा के पवित्र शहर पुरी तक की यात्रा बेहद आसान हो गई है, बल्कि झारखंड और ओडिशा की सीमा से लगे कई जिलों के हजारों यात्रियों के लिए भी सफर करना अब चुटकियों का काम बन गया है। रेलवे द्वारा उठाए गए इस कदम से पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ दोनों पड़ोसी राज्यों के बीच सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक संपर्क भी और अधिक मजबूत होगा। आइए विस्तार से जानते हैं कि यह नई ट्रेन कौन सी है, इसका रूट क्या होगा और इससे यात्रियों को क्या-क्या विशेष सुविधाएं मिलने वाली हैं।

पुरी और झारखंड के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए लंबे समय से की जा रही थी मांग

पूर्वी भारत के इन क्षेत्रों से भगवान जगन्नाथ की नगरी पुरी जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या हमेशा से बहुत ज्यादा रही है। ओडिशा और झारखंड के विभिन्न इलाकों से लोग हर साल लाखों की संख्या में पुरी दर्शन के लिए और समुद्र तट पर छुट्टियां बिताने के लिए जाते हैं। लेकिन सीधी ट्रेनों की पर्याप्त उपलब्धता न होने के कारण यात्रियों को अक्सर लंबी कतारों में जूझना पड़ता था या फिर भारी परेशानियों का सामना करते हुए सफर तय करना पड़ता था। स्थानीय निवासियों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों द्वारा लंबे समय से यह मांग उठाई जा रही थी कि राष्ट्रपति के पैतृक क्षेत्र और झारखंड के प्रमुख औद्योगिक तथा ग्रामीण इलाकों को सीधे पुरी से जोड़ने के लिए एक नई एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन किया जाना चाहिए। लोगों की इसी जनभावना और बढ़ती हुई मांग को ध्यान में रखते हुए रेलवे बोर्ड ने तमाम तकनीकी पहलुओं और रूट कीfeasibility की जांच करने के बाद आखिरकार इस नई ट्रेन के संचालन हरी झंडी दे दी है, जिससे आम जनता के बीच खुशी की लहर दौड़ गई है।

क्या होगा इस नई ट्रेन का रूट, ठहराव और समय सारणी, जानिए पूरी जानकारी

रेलवे द्वारा जारी किए गए आधिकारिक शेड्यूल के अनुसार, यह नई ट्रेन झारखंड के प्रमुख स्टेशनों से होते हुए ओडिशा के पुरी तक का सफर तय करेगी। इसके मार्ग में पड़ने वाले कई छोटे और बड़े स्टेशनों पर भी इसके ठहराव (Stoppages) तय किए गए हैं, ताकि राष्ट्रपति के पैतृक गांव के आसपास के ग्रामीण इलाकों के लोगों को भी जिला मुख्यालयों तक जाए बिना सीधे अपने नजदीकी स्टेशन से ही ट्रेन पकड़ने की सुविधा मिल सके। इस ट्रेन के शुरू होने से झारखंड के गोमिया, बोकारो, रांची, हटिया या आसपास के रूट से यात्रा करने वाले यात्रियों को सबसे बड़ा फायदा मिलने वाला है। ट्रेन की आधुनिक बोगियां, बेहतर सुरक्षा इंतजाम और आरामदायक सीटें यात्रियों के सफर को और अधिक सुखद बनाएंगी। इसके अलावा, इस ट्रेन का किराया भी सामान्य एक्सप्रेस ट्रेनों के अनुरूप रखा गया है, ताकि समाज के हर वर्ग के लोग, चाहे वे मध्यम वर्गीय परिवार हों या फिर तीर्थयात्री, आसानी से इसका लाभ उठा सकें। रेलवे प्रशासन ने इसके उद्घाटन के पहले दिन ही ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों का फूलों की माला पहनाकर और मिठाइयां बांटकर भव्य स्वागत किया।

पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों को मिलेगा नया पंख, स्थानीय लोगों में खुशी की लहर

इस नई ट्रेन के संचालन से केवल धार्मिक यात्रियों को ही फायदा नहीं पहुंचेगा, बल्कि झारखंड और ओडिशा के बीच व्यापारिक गतिविधियों, व्यावसायिक आदान-प्रदान और पर्यटन उद्योग को भी एक नया पंख मिलेगा। राष्ट्रपति के पैतृक गांव के क्षेत्र से गुजरने वाली इस ट्रेन को लेकर स्थानीय युवाओं और व्यापारियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलने से क्षेत्र का आर्थिक विकास तेजी से होगा और बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए आवागमन के रास्ते सुगम हो जाएंगे। रेलवे अधिकारियों ने यह भी भरोसा दिलाया है कि आने वाले समय में यात्रियों की संख्या और मांग को देखते हुए इस रूट पर ट्रेनों की फेरियों (Frequency) को और बढ़ाया जा सकता है। कुल मिलाकर, यह नई ट्रेन सेवा पूर्वी भारत के विकास और जनसुविधा की दिशा में एक ऐतिहासिक और मील का पत्थर साबित होने जा रही है, जिससे हर वर्ग के यात्री सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे।