रांची में कोहरे का कहर, इंडिगो की दिल्ली-हैदराबाद फ्लाइट 1-2 घंटे लेट

रांची में कोहरे का कहर, इंडिगो की दिल्ली-हैदराबाद फ्लाइट 1-2 घंटे लेट

झारखंड की राजधानी रांची स्थित बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर ठंड के मौसम की दस्तक के साथ ही मौसम के मिजाज ने विमान सेवाओं को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। सुबह के समय आसमान में छाए घने कोहरे और कम विजिबिलिटी (दृश्यता) के कारण विमानों के संचालन में भारी बाधाएं आ रही हैं। इसी कड़ी में, दिल्ली और हैदराबाद से रांची आने-जाने वाली इंडिगो एयरलाइंस की एक महत्वपूर्ण फ्लाइट अपने निर्धारित समय से करीब 1 से 2 घंटे की देरी से उड़ान भर सकी। अचानक हुई इस देरी के कारण एयरपोर्ट के डिपार्चर और अराइवल लाउंज में बैठे सैकड़ों यात्रियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। मौसम की इस पहली बड़ी रुकावट ने विमानन कंपनियों और यात्रियों दोनों की चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि आने वाले दिनों में कोहरे का यह असर और अधिक गहराने की आशंका जताई जा रही है।

सुबह के वक्त एयरपोर्ट परिसर और रनवे के आसपास कोहरे की इतनी घनी चादर छाई हुई थी कि विमान के पायलटों के लिए लैंडिंग और टेक-ऑफ के दौरान रनवे को स्पष्ट रूप से देख पाना बेहद असंभव हो गया था। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) और संबंधित विमानन अधिकारियों ने पूरी स्थिति पर पैनी नजर बनाए रखी। जैसे ही कोहरे का प्रभाव थोड़ा कम हुआ और विजिबिलिटी मानकों के अनुकूल हुई, तब जाकर विमानों को आगे की यात्रा के लिए हरी झंडी दिखाई गई। हालांकि, इस पूरी प्रक्रिया में तय समय-सारणी बुरी तरह से चरमरा गई और यात्रियों को घंटों तक अपनी उड़ानों का इंतजार करना पड़ा।

सुबह के समय घने कोहरे के आगोश में डूबा एयरपोर्ट, विजिबिलिटी में भारी गिरावट

बिरसा मुंडा एयरपोर्ट के मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, सुबह के शुरुआती घंटों में तापमान में आई गिरावट और नमी के बढ़ने के कारण घना कोहरा अचानक से छा गया। रनवे पर दृश्यता का स्तर तय मानकों से काफी नीचे चला गया था, जो विमानन सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक साबित हो सकता था। सुरक्षा नियमों के मुताबिक, किसी भी विमान को सुरक्षित रूप से लैंड कराने या टेक-ऑफ कराने के लिए न्यूनतम विजिबिलिटी का होना अनिवार्य होता है। जब तक यह मानक पूरा नहीं होता, तब तक आधुनिक उपकरणों से लैस विमानों को भी कुछ समय के लिए रोक कर रखना पड़ता है।

इस प्राकृतिक अवरोध के चलते इंडिगो की वह उड़ान जो दिल्ली और हैदराबाद के रूट पर चलती है, अपनी तय समय सीमा से काफी पीछे छूट गई। विमान के विलंब होने की सूचना जैसे ही अनाउंसमेंट काउंटर पर दी गई, यात्रियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई ऐसे यात्री थे जिन्हें हैदराबाद से आगे के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट्स पकड़नी थीं, उनके मन में अपनी अगली यात्रा को लेकर संशय पैदा हो गया। एयरलाइंस के ग्राउंड स्टाफ ने यात्रियों को स्थिति से अवगत कराते हुए उन्हें धैर्य रखने की सलाह दी और रिफ्रेशमेंट की व्यवस्था की, लेकिन इसके बावजूद यात्रियों की झुंझलाहट साफ तौर पर देखी जा सकती थी।

यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें, एयरलाइंस ने जारी की एडवाइजरी

फ्लाइट्स के लगातार लेट होने से सबसे ज्यादा परेशानी उन व्यवसायियों, मरीजों और नौकरीपेशा लोगों को उठानी पड़ी जिन्हें समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचना था। एयरपोर्ट पर घंटों इंतजार करने के बाद यात्रियों ने एयरलाइंस के काउंटर पर अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। कई यात्रियों का कहना था कि यदि उन्हें मौसम खराब होने और फ्लाइट के लेट होने की सूचना समय रहते एसएमएस या ईमेल के जरिए मिल जाती, तो उन्हें घर पर ही रुकने का मौका मिल जाता और एयरपोर्ट पर आकर इस तरह परेशान नहीं होना पड़ता।

इस बीच, इंडिगो एयरलाइंस और अन्य विमानन कंपनियों ने सर्दियों के मौसम को ध्यान में रखते हुए एक विशेष ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। एयरलाइंस की ओर से कहा गया है कि उत्तर भारत और झारखंड के कई हिस्सों में कोहरे का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है, जिसके चलते आने वाले हफ्तों में उड़ानों के समय में बदलाव या देरी होना स्वाभाविक है। कंपनी ने यात्रियों से अपील की है कि वे हवाई अड्डा के लिए निकलने से पहले आधिकारिक ऐप या कस्टमर केयर के जरिए अपनी फ्लाइट का लाइव स्टेटस जरूर जांच लें ताकि किसी भी तरह की असुविधा से बचा जा सके।

सर्दियों के सीजन में उड़ानों का बिगड़ा शेड्यूल और प्रशासन की तैयारियां

हर साल नवंबर और दिसंबर के महीनों में झारखंड और आसपास के इलाकों में कोहरे की समस्या आम हो जाती है, जिसका सीधा असर सड़क, रेल और हवाई यातायात पर पड़ता है। इस बार भी मौसम के बदलते ही इसका असर दिखने लगा है। विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में जैसे-जैसे ठंड और कोहरा बढ़ेगा, सुबह की उड़ानों में इसी तरह की देरी देखने को मिल सकती है। हालांकि, रांची एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए टर्मिनल भवन के भीतर सभी आवश्यक प्रबंध पुख्ता कर दिए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति या लंबी देरी की स्थिति में यात्रियों को उचित सहायता प्रदान की जा सके।

खराब मौसम और कोहरे के इस प्राकृतिक संकट के सामने फिलहाल इंसानी तकनीक और शेड्यूल भी बेबस नजर आ रहे हैं। यात्रियों के लिए यह जरूरी हो गया है कि वे सर्दियों के इस मौसम में यात्रा करते समय अपने समय का प्रबंधन थोड़ा लचीला रखें। रांची से दिल्ली और हैदराबाद जाने वाले यात्रियों की उस फ्लाइट का यह वाकया महज एक बानगी है कि कैसे प्रकृति का एक बदलाव पूरे दिन की रफ्तार को थाम सकता है, और इसके लिए सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।