जमशेदपुर: वेज रोल बनाने में देरी पर कैंसिल किया ऑर्डर
झारखंड के औद्योगिक शहर जमशेदपुर और उससे सटे आदित्यपुर इलाके से एक बेहद सनसनीखेज और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है। अक्सर छोटी-छोटी बातों पर लोगों का गुस्सा किस कदर बेकाबू हो जाता है, इसकी एक बानगी मंगलवार देर रात को देखने को मिली। जमशेदपुर के मानगो इलाके का रहने वाला एक युवक रात के वक्त एक फास्ट फूड के ठेले पर वेज रोल खाने पहुंचा था। आरोप है कि दुकानदार द्वारा वेज रोल तैयार करने में काफी ज्यादा देर की जा रही थी, जिससे खीझकर ग्राहक ने अपना ऑर्डर रद्द (Cancel) कर दिया। बस इतनी सी मामूली बात पर दुकानदार इस कदर आग-बबूला हो गया कि उसने आव देखा न ताव, सीधे अपने काउंटर से धारदार चाकू निकाल लिया और ग्राहक पर टूट पड़ा। इस अचानक हुए खूनी हमले में एक युवक की जान चली गई, जबकि बीच-बचाव करने आए तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। आधी रात को घटी इस जघन्य वारदात के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और चारों तरफ दहशत का माहौल पैदा हो गया। आइए विस्तार से जानते हैं कि इस सनसनीखेज हत्याकांड के पीछे की पूरी और असल कहानी क्या है।
दुर्गा पूजा पंडाल के पास स्थित फूड स्टॉल पर शुरू हुआ था विवाद, देरी पर भड़का था ग्राहक
प्राप्त विस्तृत जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान जमशेदपुर के मानगो क्षेत्र के रहने वाले शेखर के रूप में हुई है। मंगलवार की देर रात करीब 12:30 से 1:00 बजे के बीच शेखर अपने एक अन्य साथी के साथ स्थानीय स्तर पर किसी पंडाल या आयोजन के सिलसिले में बाहर था। काम से फारवर्ड होने के बाद रात के वक्त भूख लगने पर वे दोनों आदित्यपुर के सुप्रसिद्ध आयडा भवन के पास स्थित 'खाऊ गली' या एक फास्ट फूड स्टॉल पर वेज रोल खाने के लिए रुके। शेखर ने दुकानदार को वेज रोल का ऑर्डर दिया था। काफी देर तक इंतजार करने के बावजूद जब दुकानदार ने रोल तैयार करके नहीं दिया और लगातार टालमटोल करता रहा, तो ग्राहक शेखर का सब्र जवाब दे गया। उसने नाराजगी जताते हुए दुकानदार से साफ कह दिया कि अब उसे ऑर्डर नहीं चाहिए और वह अपना आर्डर रद्द कर रहा है। सामान्य तौर पर ऐसी स्थिति में दुकानदार या तो सॉरी बोलता है या ऑर्डर कैंसिल कर देता है, लेकिन इस मामले में आरोपी दुकानदार का अहंकार इस कदर आड़े आया कि उसने इसे अपनी तौहीन मान लिया और ग्राहक के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी।
देखते ही देखते कहासुनी ने लिया खूनी संघर्ष का रूप, ठेले वाले ने निकाला चाकुओं का जखीरा
मामूली सी कहासुनी और बहस इतनी तेजी से बढ़ी कि कुछ ही पलों में दोनों पक्षों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब ग्राहक ने आर्डर रद्द करने की बात पर अड़े रहकर वहां से जाने की कोशिश की, तो गुस्से से पागल हो चुके ठेला संचालक और उसके सहयोगियों ने अपने पास छिपाकर रखे गए धारदार चाकू निकाल लिए। आरोपी दुकानदार ने बिना कुछ सोचे-समझे सीधे शेखर पर चाकू से ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए। अपने साथी पर अचानक हुए इस जानलेवा हमले को देखकर वहां हड़कंप मच गया। स्थिति को संभालने और बीच-बचाव करने के लिए जब शेखर के अन्य परिचित या पूजा समिति से जुड़े कुछ स्थानीय युवक मौके पर दौड़े, तो हमलावरों ने उन पर भी रहम नहीं किया। आरोपियों ने बेरहमी से एक के बाद एक कई लोगों को चाकू मारकर लहूलुहान कर दिया। इस अचानक और बर्बर हमले में शेखर समेत कुल चार लोग गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर खून से लथपथ होकर गिर पड़े, जबकि आरोपी मौके का फायदा उठाकर हमला करने के बाद वहां से भागने की फिराक में जुट गए।
अस्पताल ले जाने के दौरान हुई युवक की मौत, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों को दबोचा
घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद अन्य लोगों और सहयोगियों ने आनन-फानन में सभी घायलों को उठाया और इलाज के लिए तत्काल स्थानीय अस्पताल पहुंचाया। चूंकि शेखर को शरीर पर कई गंभीर और गहरे जख्म आए थे और उसका अत्यधिक खून बह चुका था, इसलिए उसकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तुरंत जमशेदपुर के बड़े अस्पताल यानी टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) के लिए रेफर कर दिया। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था, अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस खूनी संघर्ष में तीन अन्य घायल युवकों का इलाज अस्पताल में चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और अनुमंडल पुलिस अधिकारी (SDPO) समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए त्वरित छापेमारी की और हत्या की इस वारदात को अंजाम देने वाले मुख्य फास्ट फूड दुकान संचालक सहित तीन आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस मामूली विवाद के पीछे कोई पुरानी रंजिश तो नहीं थी। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर समाज में बढ़ती असहिष्णुता और गुस्से पर काबू न रख पाने की प्रवृत्ति पर एक बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है, जहां एक मामूली वेज रोल के ऑर्डर के विवाद ने एक हंसते-खेते इंसान की जिंदगी छीन ली।