रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का बड़ा बयान, बोले- झारखंड को रेलवे के लिए मिले ₹7500 करोड़, पहले मिलते थे ₹400 करोड़

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का बड़ा बयान, बोले- झारखंड को रेलवे के लिए मिले ₹7500 करोड़, पहले मिलते थे ₹400 करोड़

झारखंड में रेलवे के कायाकल्प और आधुनिक आधारभूत ढांचे (Infrastructure) के निर्माण को लेकर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा बयान दिया है। नई दिल्ली से झारखंड के रेल नेटवर्क और चल रही विकास परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए रेल मंत्री ने स्पष्ट आंकड़े पेश किए हैं, जिसने राज्य के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। अश्विनी वैष्णव के अनुसार, केंद्र की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार ने वित्तीय वर्ष में झारखंड के रेल विकास के लिए रिकॉर्ड ₹7500 करोड़ का बजट आवंटित किया है। उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस नीत यूपीए (UPA) सरकार के दौर से तुलना करते हुए कहा कि 2014 से पहले झारखंड को रेल बजट के नाम पर केवल ₹400 करोड़ सालाना मिलते थे। रेल मंत्री का दावा है कि इस ऐतिहासिक बजट आवंटन से झारखंड में रेल पटरियों के दोहरीकरण, नई रेल लाइनों के निर्माण और विश्वस्तरीय रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास की प्रक्रिया को अप्रत्याशित गति मिल रही है।

झारखंड के लिए ₹7500 करोड़ का रिकॉर्ड आवंटन और बुनियादी ढांचा विकास

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आंकड़ों को सामने रखते हुए बताया कि झारखंड में रेल विकास को लेकर केंद्र सरकार की मंशा पूरी तरह साफ और समर्पित है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2004 से 2014 के बीच झारखंड को औसतन हर साल मात्र ₹457 करोड़ का बजट मिलता था, जिससे राज्य में बुनियादी रेल ढांचा और नई परियोजनाएं दशकों तक अधर में लटकी रहीं। हालांकि, वर्तमान केंद्र सरकार के कार्यकाल में यह बजट बढ़कर ₹7,500 करोड़ से भी अधिक हो चुका है, जो पुराने आवंटन की तुलना में 16 गुना से भी ज्यादा है। इस विशाल बजट आवंटन के माध्यम से झारखंड के सुदूर आदिवासी और कोयला बेल्ट वाले इलाकों को सीधे मुख्य रेल नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। रेल मंत्री ने कहा कि इतनी भारी भरकम राशि मिलने से राज्य के विभिन्न जिलों में नई पटरियों को बिछाने, विद्युतीकरण (Electrification), और ओवरब्रिज निर्माण के कार्य युद्धस्तर पर पूरे किए जा रहे हैं।

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत झारखंड के 57 रेलवे स्टेशनों का होगा कायाकल्प

झारखंड में यात्रियों के सफर को आरामदायक और आधुनिक सुविधाओं से लैस बनाने के लिए केंद्र सरकार की 'अमृत भारत स्टेशन योजना' (Amrit Bharat Station Scheme) के तहत बड़े पैमाने पर काम चल रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत झारखंड के 57 प्रमुख रेलवे स्टेशनों का चयन किया गया है, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर के वर्ल्ड-क्लास स्टेशनों के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन स्टेशनों में रांची, टाटानगर (जमशेदपुर), धनबाद, बोकारो स्टील सिटी, हटिया, जसीडीह, और दुमका जैसे प्रमुख जंक्शन शामिल हैं। इन स्टेशनों पर आधुनिक वेटिंग लाउंज, लिफ्ट, एस्केलेटर, फ्री वाई-फाई, विशाल कॉनकोर्स और स्थानीय कला व संस्कृति को दर्शाने वाले डिज़ाइन तैयार किए जा रहे हैं। रेल मंत्री के अनुसार, यह पुनर्विकास न केवल यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाएगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यापारिक गतिविधियों को भी नया जीवन देगा।

पैसेंजर सेफ्टी, रेल लाइन दोहरीकरण और 100% विद्युतीकरण पर ज़ोर

रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ पैसेंजर सुरक्षा और पटरियों के आधुनिकीकरण को लेकर भी रेल मंत्री ने विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि झारखंड एक प्रमुख औद्योगिक और खनिज समृद्ध राज्य है, जहाँ से हर दिन देश भर में कोयला, लोहा और अन्य खनिज पदार्थों का परिवहन होता है। ऐसे में यहाँ पटरियों की क्षमता बढ़ाना और सुरक्षा मानकों को मजबूत करना बेहद जरूरी है। झारखंड में रेल नेटवर्क के 100 प्रतिशत विद्युतीकरण (100% Electrification) का काम लगभग पूरा हो चुका है, जिससे डीजल इंजनों पर निर्भरता खत्म हो रही है और पर्यावरण को नुकसान पहुँचाए बिना ट्रेनों की रफ्तार बढ़ रही है। इसके साथ ही, स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली 'कवच' (Kavach Safety System) को झारखंड के व्यस्त रेल मार्गों पर तेजी से स्थापित किया जा रहा है, ताकि आमने-सामने की ट्रेन भिड़ंत और दुर्घटनाओं को शून्य स्तर पर लाया जा सके।

राज्य सरकार से सहयोग की अपील और झारखंड के आर्थिक विकास में रेलवे का योगदान

अपने संबोधन के अंत में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने झारखंड में चल रही रेल परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए राज्य सरकार के सहयोग को बेहद अहम बताया। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition), वन विभाग की मंजूरियों और कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर यदि राज्य सरकार का शत-प्रतिशत सहयोग मिलता है, तो अधूरी पड़ी परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा से पहले पूरा कर लिया जाएगा। रेल मंत्री ने विश्वास जताया कि रेलवे का यह कायाकल्प झारखंड के आर्थिक परिदृश्य को बदल देगा। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से राज्य के छोटे-बड़े शहरों के बीच व्यापारिक संपर्क मजबूत होगा, नए उद्योग-धंधे स्थापित होंगे और युवाओं को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के हज़ारों नए अवसर मिलेंगे।