झारखंड में आज आंधी-बारिश मचाएगी तांडव, रांची, गुमला... 8 जिलों में बरसेगी आफत!
देवभूमि और प्रकृति की गोद में बसे झारखंड राज्य के मौसम का मिजाज इन दिनों बेहद आक्रामक और उलटफेर भरा चल रहा है। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती प्रभावों और स्थानीय मौसम प्रणालियों के सक्रिय होने के कारण राज्य के कई हिस्सों में बादलों का डेरा जम चुका है। मौसम विज्ञान केंद्र, रांची (Ranchi Meteorological Centre) द्वारा जारी किए गए ताजा और चेतावनी भरे पूर्वानुमान के अनुसार, आज झारखंड के कई जिलों में तेज गर्जना, बादलों की चमक और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं (आंधी) के साथ मूसलाधार बारिश तबाही मचाने के लिए पूरी तरह तैयार है। राजधानी रांची समेत राज्य के करीब 8 प्रमुख जिलों के लिए मौसम विभाग ने गंभीर चेतावनी जारी करते हुए लोगों को अत्यधिक सतर्क रहने की सलाह दी है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
रांची और गुमला समेत इन 8 जिलों में बरसेगी आसमान से आफत
आज के इस मौसम के खतरनाक मिजाज से जो जिले सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले हैं, उनमें राजधानी रांची, गुमला, खूंटी, सिमडेगा, लोहरदगा, पलामू, गढ़वा और चतरा शामिल हैं। मौसम विभाग के अनुसार, इन सभी आठ जिलों में दोपहर से लेकर देर शाम तक मौसम का मिजाज पूरी तरह बिगड़ा रहेगा। काले घने बादलों की वजह से दिन में ही अंधेरा छा सकता है और लगातार हो रही बारिश से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त होने की आशंका है। विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों, पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले में खड़े वाहनों को इस तेज आंधी-तूफान से भारी नुकसान पहुंच सकता है। जिला प्रशासन ने इन सभी संवेदनशील जिलों के स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे बेहद जरूरी काम होने पर ही अपने घरों से बाहर निकलें और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित पक्के आश्रयों में शरण लें।
बिजली कड़कने और वज्रपात (Lightning) से जान-माल के भारी नुकसान की आशंका
इस बेमौसम आंधी और बारिश के दौरान बादलों के गरजने और आकाशीय बिजली (Lightning) गिरने की सबसे अधिक घटनाएं दर्ज की जा रही हैं। पिछले कुछ हफ्तों में झारखंड के विभिन्न ग्रामीण इलाकों में वज्रपात की चपेट में आने से कई लोगों और मवेशियों की जान जाने की दुखद घटनाएं सामने आ चुकी हैं। आपदा प्रबंधन विभाग ने विशेष चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि जब भी आंधी-तूफान या बिजली कड़कने की आवाज सुनाई दे, तो लोग तुरंत बड़े पेड़ों, बिजली के ट्रांसफार्मर, टावरों और कच्चे तंबू या छप्परों के नीचे खड़े होने से बिल्कुल बचें। खेतों में काम कर रहे किसानों को भी सलाह दी गई है कि बारिश शुरू होते ही तुरंत सुरक्षित स्थानों पर लौट आएं और अपने मवेशियों को भी सुरक्षित बाड़े में बांध दें ताकि किसी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।
फसलों को भारी नुकसान और किसानों की चिंताएं फिर से चरम पर
झारखंड एक कृषि प्रधान राज्य है और यहां के किसानों की आजीविका पूरी तरह से खेती-किसानी पर निर्भर करती है। अचानक आई इस तेज आंधी और बेमौसम बारिश ने खेतों में खड़ी धान की पकी हुई फसलों, सब्जियों और दलहन-तिलहन की खेती को तबाह करने का गंभीर खतरा पैदा कर दिया है। जिन किसानों ने अपनी फसल की कटाई करके खेतों में ही सुखाने के लिए छोड़ी है, वे इस बारिश के कारण बर्बाद हो सकती हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि जलभराव और तेज हवाओं के कारण फसलें जमीन पर बिछ जाएंगी, जिससे दानों की गुणवत्ता खराब हो जाएगी और किसानों को लागत निकालना भी भारी पड़ जाएगा। सरकार और कृषि विभाग की ओर से किसानों को अपनी कटी हुई फसलों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर ढंकने या सुरक्षित गोदामों में पहुंचाने की सलाह दी गई है।
प्रशासनिक तैयारियां और आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी
इस संभावित प्राकृतिक आपदा और आंधी-बारिश के तांडव से निपटने के लिए झारखंड सरकार और जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गए हैं। सभी 8 प्रभावित जिलों के उपायुक्तों (DCs) को यह निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखें। बिजली विभाग को निर्देशित किया गया है कि यदि तेज हवाओं से कहीं विद्युत आपूर्ति बाधित होती है, तो बारिश थमते ही तुरंत उसे बहाल करने का कार्य शुरू किया जाए। इसके साथ ही, किसी भी आपातकालीन स्थिति, सड़क मार्ग अवरुद्ध होने या राहत एवं बचाव कार्य की आवश्यकता पड़ने पर तुरंत संपर्क करने के लिए जिला स्तर पर 24 घंटे काम करने वाले कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन नंबर सक्रिय कर दिए गए हैं, ताकि जनता को तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।