सेना में भर्ती से पहले जान लें बॉडी टैटू के कड़े नियम, जानिए शरीर के किस हिस्से पर टैटू मान्य और कहां है सख्त पाबंदी
भारतीय सेना में अग्निवीर (Agniveer Recruitment 2026) के रूप में देश सेवा करने का सपना देखने वाले देश के लाखों युवाओं के लिए शारीरिक और मानसिक फिटनेस के साथ-साथ टैटू नीति (Tattoo Policy) से जुड़े नियमों को जानना बेहद जरूरी हो गया है। आज के समय में युवाओं के बीच शरीर पर टैटू बनवाने का क्रेज काफी बढ़ गया है, लेकिन भारतीय सशस्त्र बलों की अनुशासन से जुड़ी नियमावली इस मामले में बेहद सख्त और स्पष्ट दिशा-निर्देश तय करती है। सेना में भर्ती के दौरान यदि उम्मीदवार के शरीर पर गलत जगह या नियमों के विरुद्ध टैटू पाया जाता है, तो उसे चयन प्रक्रिया के किसी भी चरण में बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। इसलिए यह जानना बहुत आवश्यक है कि सेना के नए नियमों के मुताबिक किस प्रकार के टैटू स्वीकार्य हैं और शरीर के किन अंगों पर टैटू होने से आपका फौज में जाने का सपना टूट सकता है।
#शरीर के किस हिस्से पर टैटू की है अनुमति और क्या हैं इसके नियम
भारतीय सेना की आधिकारिक टैटू नीति के अनुसार, सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए शरीर के हर हिस्से पर टैटू बनवाने की अनुमति बिल्कुल नहीं होती है। नियमों के मुताबिक, परमानेंट टैटू केवल शरीर के चुनिंदा अंगों जैसे कि हाथ के अंदरूनी हिस्से यानी कोहनी से कलाई के बीच (Inner forearm) और हथेली के पिछले हिस्से (Back of the hand) पर ही मान्य होते हैं। इसके अलावा चेहरे, गर्दन, छाती, कंधे या शरीर के किसी अन्य दृश्यमान हिस्से पर किसी भी प्रकार का टैटू नहीं होना चाहिए। यदि टैटू इन निर्धारित स्थानों के अलावा शरीर के किसी अन्य भाग पर पाया जाता है, तो मेडिकल बोर्ड ऐसे उम्मीदवार को तुरंत अनफिट घोषित कर देता है। साथ ही, टैटू का आकार भी बहुत बड़ा नहीं होना चाहिए और उस पर किसी भी तरह के आपत्तिजनक, हिंसक, सांप्रदायिक या अशिष्ट चिह्न नहीं होने चाहिए। टैटू पर केवल धार्मिक प्रतीक, भगवान के नाम या किसी करीबी का नाम ही लिखा होना चाहिए जो शालीनता की श्रेणी में आता हो।
#आदिवासी समुदायों के उम्मीदवारों के लिए टैटू नीति में विशेष छूट
भारतीय सेना की इस टैटू नीति में देश के विभिन्न पारंपरिक और आदिवासी समुदायों (Tribal Communities) से आने वाले युवाओं के लिए विशेष प्रावधान और छूट का जिक्र किया गया है। चूँकि कई जनजातियों में शरीर पर पारंपरिक टैटू गुदवाना उनकी संस्कृति और सदियों पुरानी परंपरा का एक अहम हिस्सा माना जाता है, इसलिए इन इलाकों के युवाओं को शरीर के किसी भी हिस्से पर टैटू होने की छूट मिलती है। हालांकि, इस छूट का लाभ उठाने के लिए संबंधित उम्मीदवारों को भर्ती के समय कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज दिखाने होते हैं। इसमें मुख्य रूप से एक सेल्फ-सर्टिफिकेशन सर्टिफिकेट, संबंधित आदिवासी समुदाय से ताल्लुक रखने का प्रमाण पत्र और चयन केंद्र के कमांडेंट द्वारा सत्यापित मुहर वremarks शामिल होते हैं। इन सभी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद ही आदिवासी युवाओं को टैटू के साथ सेना में चयन प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमति दी जाती है।
#सेना में जाने का सपना देखने वाले युवाओं के लिए जरूरी सलाह
जो युवा भविष्य में अग्निवीर या अन्य सैन्य पदों के लिए तैयारी कर रहे हैं, उन्हें भर्ती बोर्ड के सामने जाने से पहले अपने शरीर पर बने टैटू की स्थिति की अच्छी तरह जांच कर लेनी चाहिए। यदि किसी युवा के हाथ या कलाई के अंदरूनी हिस्से के अलावा शरीर पर अन्य कहीं भी टैटू है, तो भर्ती के नियमों में फंसने से बेहतर है कि समय रहते चिकित्सकीय तरीकों से उसे हटवा लिया जाए। सेना का अनुशासन देश की सबसे बड़ी प्राथमिकता है और इसके हर एक नियम का पालन करना हर सैनिक का कर्तव्य होता है। थोड़ी सी लापरवाही या अनदेखी के कारण वर्षों की मेहनत पर पानी फेर सकता है, इसलिए जरूरी है कि आप नोटिफिकेशन में दिए गए दिशा-निर्देशों को पूरी तरह पढ़कर ही आगे बढ़ें।