DU UG एडमिशन 2026 शुरू: CSAS पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन लाइव, CBSE री-इवैल्यूएशन वाले छात्रों को दिल्ली यूनिवर्सिटी ने दी बड़ी राहत

DU UG एडमिशन 2026 शुरू: CSAS पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन लाइव, CBSE री-इवैल्यूएशन वाले छात्रों को दिल्ली यूनिवर्सिटी ने दी बड़ी राहत

दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) में ग्रेजुएशन की पढ़ाई करने का सपना देख रहे छात्रों के लिए बड़ी खबर है। डीयू ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए अंडर ग्रेजुएट (UG) दाखिले की प्रक्रिया का शंखनाद कर दिया है। CUET UG 2026 की परीक्षा में शामिल हुए सभी उम्मीदवार अब डीयू के CSAS (Common Seat Allocation System) पोर्टल पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।

इस साल भी दिल्ली यूनिवर्सिटी के 67 कॉलेजों की करीब 71,000 से अधिक सीटों पर दाखिला पूरी तरह से CUET UG के स्कोर के आधार पर ही होगा। छात्र कुल 73 अंडर ग्रेजुएट प्रोग्राम और 100 से ज्यादा बीए (BA) प्रोग्राम कॉम्बिनेशन के लिए अपनी दावेदारी पेश कर सकते हैं।

रिजल्ट पेंडिंग होने पर भी कर सकेंगे अप्लाई: CBSE छात्रों को राहत

डीयू की डीन ऑफ एडमिशन प्रो. हनीत गांधी ने उन सीबीएसई (CBSE) छात्रों को बड़ी राहत दी है, जिन्होंने कक्षा 12वीं के मार्क्स से असंतुष्ट होकर री-इवैल्यूएशन (पुनर्मूल्यांकन) के लिए आवेदन किया हुआ है।

उन्होंने साफ किया कि जिन छात्रों के री-इवैल्यूएशन के संशोधित नंबर अभी तक नहीं आए हैं, उन्हें घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। वे फिलहाल अपने पुराने मार्क्स के साथ ही CSAS पोर्टल पर फॉर्म भर दें। जैसे ही सीबीएसई द्वारा उनका नया और अपडेटेड रिजल्ट जारी किया जाएगा, छात्रों को पोर्टल पर उसे अपडेट करने का मौका दिया जाएगा क्योंकि CSAS का पहला चरण कई हफ्तों तक खुला रहने वाला है।

इस बार रजिस्ट्रेशन में क्या नया है? ऑटो-फिच होंगी डिटेल्स

दाखिला प्रक्रिया को पारदर्शी, सुरक्षित और आसान बनाने के लिए इस बार डीयू ने बड़ा बदलाव किया है। छात्रों का नाम, जन्मतिथि, फोटो, सिग्नेचर, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी जैसी जरूरी जानकारियां CUET पोर्टल से सीधे (Auto-Fetch) CSAS फॉर्म में आ जाएंगी। छात्र इन बेसिक जानकारियों में कोई संपादन (Edit) नहीं कर पाएंगे। लॉग-इन करने के लिए छात्रों को अपना CUET आवेदन नंबर, जन्मतिथि और रजिस्टर्ड मोबाइल/ईमेल पर आया OTP दर्ज करना होगा।

दो चरणों में पूरी होगी डीयू की एडमिशन प्रक्रिया

दिल्ली यूनिवर्सिटी में सीट अलॉटमेंट की पूरी प्रक्रिया मुख्य रूप से दो चरणों में आयोजित की जाएगी:

  • पहला चरण (रजिस्ट्रेशन): इसमें छात्रों को CSAS पोर्टल पर अपनी बुनियादी प्रोफाइल और कक्षा 10वीं-12वीं के मार्क्स फीड करके रजिस्ट्रेशन पूरा करना होगा।

  • दूसरा चरण (कॉलेज व कोर्स प्रेफरेंस): CUET UG का फाइनल रिजल्ट घोषित होने के बाद यह चरण शुरू होगा। इसमें छात्रों को अपनी पसंद के कॉलेजों और कोर्स के कॉम्बिनेशन को प्राथमिकता (Preference) के आधार पर चुनना होगा। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, छात्र जितने अधिक विकल्प भरेंगे, सीट मिलने के चांस उतने ही ज्यादा रहेंगे।

इन नियमों की अनदेखी पर रद्द हो सकता है एडमिशन

डीयू एडमिशन बुलेटिन के अनुसार, फॉर्म भरते समय छात्रों को कुछ तकनीकी बातों का विशेष ध्यान रखना होगा:

  • सब्जेक्ट मैपिंग (Subject Mapping): छात्रों को केवल उन्हीं विषयों को CUET में मैप करना है जो उन्होंने 12वीं कक्षा में पढ़े हैं। गलत मैपिंग होने पर आपकी पात्रता रद्द कर दी जाएगी। जनरल टेस्ट किसी विषय से मैप नहीं होगा।

  • थ्योरी और प्रैक्टिकल मार्क्स: यदि 12वीं में किसी विषय में थ्योरी और प्रैक्टिकल अलग-अलग हैं, तो दोनों के मार्क्स अलग कॉलम में सावधानी से भरें। 'टाई-ब्रेक' (दो छात्रों के समान CUET स्कोर होने) की स्थिति में कक्षा 12वीं के यही मार्क्स काम आएंगे।

  • प्रोफाइल लॉक: एक बार प्रोफाइल सेक्शन सबमिट होकर लॉक हो जाने के बाद उसमें किसी भी तरह का सुधार संभव नहीं होगा।

कैटगरी के अनुसार रजिस्ट्रेशन फीस की डिटेल्स

कैटेगरी / वर्ग रजिस्ट्रेशन शुल्क (Non-Refundable)
UR (अनारक्षित), OBC-NCL, EWS ₹250
SC, ST, PwBD ₹100

महत्वपूर्ण चेतावनी: जाति या आरक्षण से जुड़े सभी सर्टिफिकेट्स (EWS/OBC/SC/ST) में उम्मीदवार का नाम वही होना चाहिए जो उनके स्कूल रिकॉर्ड और CUET के आवेदन में है। यदि कोई भी दस्तावेज फर्जी या गलत पाया जाता है, तो एडमिशन तुरंत रद्द कर दिया जाएगा और फीस भी वापस नहीं होगी।

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