Prabhat Vaibhav,Digital Desk : मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) इस वक्त विनाशकारी युद्ध की ज्वाला में जल रहा है। ईरान द्वारा इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय और सैन्य ठिकानों पर दागी गई हाइपरसोनिक मिसाइलों ने यरुशलम से लेकर तेल अवीव तक दहशत पैदा कर दी है। यह हमला 28 फरवरी को हुए उस हवाई हमले का प्रतिशोध माना जा रहा है, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के मारे जाने की खबरें सामने आई हैं। इस घटना ने दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध (World War 3) के मुहाने पर खड़ा कर दिया है।
'ऑपरेशन फ्यूरी' और परमाणु संयंत्रों पर प्रहार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'ऑपरेशन फ्यूरी' की सफलता की घोषणा करते हुए दावा किया है कि अमेरिकी स्टील्थ बमवर्षकों ने ईरान के परमाणु ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया है। तेहरान की मस्जिद पर लाल झंडा फहराया जाना इस बात का संकेत है कि प्रतिशोध की यह आग अभी और भड़केगी। लेकिन इस युद्ध के पीछे केवल सैन्य रणनीति ही नहीं, बल्कि एक डरावना ज्योतिषीय संयोग भी छिपा है।
3 मार्च 2026: 'ब्लड मून' और तबाही का संकेत
आज, यानी 3 मार्च 2026 को लगने वाला पूर्ण चंद्र ग्रहण, जिसे 'ब्लड मून' (रक्तचंद्र) कहा जा रहा है, इस विनाश की पराकाष्ठा माना जा रहा है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, यह ग्रहण साधारण खगोलीय घटना नहीं बल्कि सत्ता परिवर्तन और रक्तपात का सूचक है।
ग्रहण का समय और नक्षत्र:
सूतक काल: सुबह 09:39 बजे से (सभी शुभ कार्य वर्जित)।
ग्रहण का प्रारंभ: दोपहर 03:21 बजे।
पूर्ण चंद्र ग्रहण (खग्रास): शाम 05:04 बजे (जब चंद्रमा पूरी तरह लाल दिखेगा)।
नक्षत्र: यह ग्रहण मघा और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में लग रहा है। मघा 'सिंहासन' और 'शक्ति' का प्रतीक है, जबकि पूर्वा फाल्गुनी 'अग्नि' और 'परिवर्तन' का।
सिंह राशि में ग्रहण: साम्राज्य के अंत की शुरुआत?
ज्योतिषीय ग्रंथों के अनुसार, जब सिंह राशि (Leo) में ग्रहण लगता है, तो यह बड़े शासकों के पतन का संकेत होता है। वर्तमान में सिंह राशि में चंद्रमा केतु से पीड़ित है, जो विभाजन और तख्तापलट की ओर इशारा करता है।
खामेनेई का अंत: ज्योतिषियों का मानना है कि खामेनेई की मृत्यु इसी ग्रह स्थिति का परिणाम है।
अगले 41 दिन: ईरान के लिए आने वाले 41 दिन बेहद घातक होंगे, जहाँ सैन्य परिषद और सेना के बीच गृहयुद्ध की स्थिति बन सकती है।
इजरायल की शक्ति: मंगल अपनी ही राशि वृश्चिक में होने के कारण इजरायल को गुप्त हमलों और सैन्य अभियानों के लिए अपार शक्ति प्रदान कर रहा है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल संकट
मीन राशि में शनि और शुक्र की युति वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए 'खतरे की घंटी' है।
कच्चा तेल: लाल सागर में तनाव और युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं।
मुद्रास्फीति: वाणिज्यिक जहाजों के मार्ग बंद होने से दुनिया भर में महंगाई का भारी दबाव बढ़ेगा।




