Prabhat Vaibhav,Digital Desk : मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में जारी युद्ध की आहट के बीच देश में गहराते एलपीजी संकट को लेकर केंद्र सरकार ने एक बड़ा और राहतकारी फैसला लिया है। युद्ध के कारण सप्लाई चेन में आ रही दिक्कतों के बावजूद, सरकार ने आम आदमी और विशेषकर श्रमिक वर्ग की रसोई को ठंडा होने से बचाने के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। अब से दिहाड़ी मजदूरों और प्रवासी कामगारों को 5 किलो वाले छोटे गैस सिलेंडर (FTL) उपलब्ध कराने में विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।
श्रमिकों और छोटे कामगारों के लिए 'कवच' बनेगा 5 किलो का सिलेंडर
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने सोमवार को स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य फोकस उस वर्ग पर है जो बड़े सिलेंडर का बोझ नहीं उठा सकता। सरकार ने राज्यों से अपील की है कि वे रेस्तरां, ढाबों और सामुदायिक रसोई के साथ-साथ उन दिहाड़ी मजदूरों के लिए 5 किलोग्राम वाले फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडरों की विशेष व्यवस्था करें, जो काम के सिलसिले में एक शहर से दूसरे शहर जाते रहते हैं। अब तक करीब 20 राज्यों ने इस नई व्यवस्था को जमीन पर उतार दिया है।
कमर्शियल गैस की सप्लाई में 50% का भारी इजाफा
होटल, रेस्टोरेंट और छोटे उद्योगों को राहत देने के लिए सरकार ने कमर्शियल गैस के कोटे में 50 प्रतिशत की अतिरिक्त वृद्धि की घोषणा की है। यह अतिरिक्त मात्रा सीधे राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को आवंटित की जाएगी ताकि बाजार में कालाबाजारी न हो सके। आंकड़ों के मुताबिक, अब तक लगभग 15,800 टन अतिरिक्त कमर्शियल गैस वितरित की जा चुकी है, जिससे खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों और सरकारी कैंटीनों को बड़ी राहत मिली है।
घबराहट में बुकिंग करने वालों की संख्या घटी, स्थिति नियंत्रण में
सरकार का दावा है कि पिछले कुछ दिनों में 'पैनिक बुकिंग' (डर के मारे पहले से बुकिंग) में भारी गिरावट आई है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनिश्चितता के बावजूद स्थानीय स्तर पर गैस की कोई कमी नहीं है। पिछले तीन हफ्तों में ही 35 लाख नए घरेलू और कमर्शियल कनेक्शन जारी किए गए हैं। मंत्रालय ने साफ किया है कि खुदरा गैस एजेंसियों पर स्थिति पूरी तरह सामान्य है और लोगों को अफवाहों पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है।
सुरक्षा के लिए DAC सिस्टम अनिवार्य, घरेलू सप्लाई बरकरार
आम उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलो के सिलेंडरों की डिलीवरी पहले की तरह सुचारू रूप से जारी रहेगी। हालांकि, सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए 'डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड' (DAC) सिस्टम को कड़ाई से लागू किया गया है। ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे ओटीपी (OTP) आने पर ही सिलेंडर रिसीव करें। सरकार ने आश्वस्त किया है कि फिलहाल किसी भी गैस एजेंसी से स्टॉक खत्म होने की कोई आधिकारिक शिकायत नहीं मिली है।




