दिल्ली में CJP के बड़े प्रदर्शन को लेकर चिल्ला बॉर्डर पर पुलिस की जबरदस्त सख्ती
देश की राजधानी दिल्ली में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) द्वारा जंतर-मंतर और मुख्य प्रशासनिक परिसरों के घेराव की घोषणा के बाद दिल्ली-एनसीआर की सीमाओं पर सुरक्षा का अभूतपूर्व और लोहे जैसा पहरा बिठा दिया गया है। सबसे ज्यादा तनावपूर्ण स्थिति नोएडा और दिल्ली को जोड़ने वाले चिल्ला बॉर्डर (Chilla Border) पर देखी जा रही है, जहां दिल्ली पुलिस, नोएडा पुलिस के साथ-साथ सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों को भारी तादाद में तैनात कर दिया गया है। राजधानी में शांति व्यवस्था बनाए रखने और बिना अनुमति के होने वाले इस बड़े मार्च को रोकने के लिए प्रशासन ने तड़के सुबह से ही सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। पुलिस ने पूर्वव्यापी कार्रवाई (Pre-emptive Action) करते हुए CJP के प्रमुख कार्यकर्ताओं, छात्र नेताओं और लगभग 500 से अधिक संदिग्ध प्रदर्शनकारियों को उनके घरों व विभिन्न स्थानों से हिरासत और नजरबंद कर लिया है!
चिल्ला बॉर्डर पर लोहे व सीमेंट के RCC बैरिकेड्स, आने-जाने वाले वाहनों की सघन चेकिंग से रेंग रहा ट्रैफिक
दिल्ली-नोएडा के प्रमुख चिल्ला बॉर्डर पर सुरक्षा बलों द्वारा मल्टी-लेयर बैरिकेडिंग की गई है, जिसमें लोहे के भारी-भरकम घेरों के साथ-साथ सीमेंट के बड़े-बड़े आरसीसी (RCC) बैरिकेड्स भी सड़क पर रख दिए गए हैं। सीमा पर तैनात BSF के जवान और दिल्ली पुलिस की टीमें हर एक वाहन को रोककर उसकी गहन तलाशी ले रही हैं। जो गाड़ियां या बसें संदिग्ध नजर आ रही हैं या जिनमें समूह में लोग सवार होकर दिल्ली की ओर बढ़ रहे हैं, उन्हें वापस नोएडा की ओर मोड़ा जा रहा है। इस जबरदस्त पुलिस जांच और नाकेबंदी के कारण चिल्ला बॉर्डर पर कई किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया है, जिससे रोजाना दफ्तरों, अस्पतालों और दैनिक कार्यों के लिए दिल्ली-नोएडा के बीच आवाजाही करने वाले हजारों यात्रियों व आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
500 से अधिक लोग नजरबंद व हिरासत में: प्रमुख एक्टिविस्टों और छात्र नेताओं पर तड़के हुआ बड़ा एक्शन
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि CJP के इस प्रस्तावित प्रदर्शन की कोई भी आधिकारिक अनुमति नहीं दी गई थी। प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर या संसद मार्ग की ओर जाने से रोकने के लिए पुलिस ने दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा और गुरुग्राम के अलग-अलग इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी की। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अब तक 500 से अधिक सक्रिय सदस्यों, प्रदर्शनकारियों और प्रमुख छात्र नेताओं को उनके आवासों से उठाकर विभिन्न पुलिस थानों में नजरबंद या हिरासत में भेज दिया गया है। एयरपोर्ट से लेकर प्रमुख रेलवे स्टेशनों और मेट्रो स्टेशनों पर भी सादे कपड़ों में इंटेलिजेंस और दिल्ली पुलिस के जवानों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी सूरत में भीड़ जमा न हो सके।
दिल्ली की सीमाओं पर धारा 144 लागू, पुलिस और खुफिया एजेंसियां ड्रोन कैमरे से रख रही हैं कड़ी नजर
राजधानी की संवेदनशील सीमाओं जैसे चिल्ला बॉर्डर, गाजीपुर बॉर्डर, कालिंदी कुंज और कापसहेड़ा बॉर्डर पर पुलिस द्वारा ड्रोन कैमरों (Drone Cameras) की मदद से पूरे इलाके की हवाई निगरानी की जा रही है। लुटियंस दिल्ली और मध्य दिल्ली जाने वाले सभी रास्तों को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। विशेष पुलिस आयुक्त और वरिष्ठ अधिकारियों ने खुद चिल्ला बॉर्डर पर पहुंचकर सुरक्षा जायजा लिया और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि कानून व्यवस्था का उल्लंघन करने की कोशिश की जाती है, तो सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। फिलहाल चिल्ला बॉर्डर पर स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है और भारी सुरक्षा बल किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए हाई अलर्ट पर तैनात हैं।