मानसून का महातांडव: महाराष्ट्र, यूपी समेत 23 राज्यों में भारी बारिश का हाई अलर्ट, MP में नदियां उफान पर, गुजरात में 5 की मौत

मानसून का महातांडव: महाराष्ट्र, यूपी समेत 23 राज्यों में भारी बारिश का हाई अलर्ट, MP में नदियां उफान पर, गुजरात में 5 की मौत

देशभर में मानसून की आक्रामक सक्रियता ने भीषण तबाही मचानी शुरू कर दी है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देश के अधिकांश हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने का हाई अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, झारखंड और ओडिशा के ऊपर सक्रिय हुआ एक गहरा निम्न दबाव का क्षेत्र (डिप्रेशन) अब धीरे-धीरे मध्य प्रदेश की ओर बढ़ रहा है। इसके चलते आज यानी 8 जुलाई को दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, छत्तीसगढ़ और बिहार समेत देश के 23 राज्यों में भारी जलभराव और नदी-नालों के उफान पर रहने की कड़ी चेतावनी दी गई है।

यूपी के 60 से अधिक जिलों में अलर्ट, लखनऊ-नोएडा समेत कई शहरों की सड़कें बनीं नदियां

उत्तर प्रदेश में मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, मुरादाबाद और मथुरा समेत करीब 50 शहरों में रिकॉर्डतोड़ बारिश दर्ज की गई है, जिसके चलते शामली की सड़कें नदियों में तब्दील हो गई हैं और अमरोहा में दिल्ली-लखनऊ हाईवे पूरी तरह जलमग्न हो गया है। मौसम विभाग ने बुधवार के लिए सूबे के 60 से अधिक जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसमें गौतमबुद्धनगर (नोएडा), बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, फिरोजाबाद, आगरा और झांसी जैसे प्रमुख पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश के जिले शामिल हैं, जहां लोगों से अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की अपील की गई है।

महाराष्ट्र में बारिश से भारी तबाही: पालघर में स्कूल-कॉलेज बंद, भीमा नदी के उफान से द्वीप डूबा

महाराष्ट्र के तटीय और पश्चिमी इलाकों में बारिश का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले 24 घंटों के दौरान पालघर में सबसे ज्यादा 203.3 मिमी, ठाणे में 116.4 मिमी और मुंबई उपनगर में 90.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए पालघर जिला प्रशासन ने एहतियातन सभी स्कूल और कॉलेजों को बंद रखने का निर्देश दिया है। तटीय इलाकों के लिए हाई टाइड की चेतावनी भी जारी की गई है। उधर, अहिल्यानगर में भीमा नदी के उफान पर होने के कारण श्रीगोंडा तालुका का अरवी द्वीप बाढ़ के पानी से पूरी तरह घिर गया है और उसका संपर्क मुख्य भूमि से पूरी तरह टूट चुका है, जहां राहत कार्य के लिए नावों की मदद ली जा रही है।

गुजरात के सूरत में 36 घंटे में 18 इंच बारिश, 2100 से अधिक लोगों का रेस्क्यू

दक्षिण गुजरात में कुदरत का सबसे भीषण रूप देखने को मिल रहा है। सूरत जिले में पिछले 36 घंटों के भीतर रिकॉर्ड 18 इंच मूसलाधार बारिश हुई है, जिससे जिले की कामरेज तहसील में महज 10 घंटों के भीतर 305 मिमी पानी बरस गया। इस भारी तबाही के चलते विभिन्न हादसों में पांच लोगों की जान जा चुकी है। बाढ़ और जलभराव की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने सूरत और नवसारी के निचले इलाकों से करीब 2,100 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर एयरलिफ्ट और रेस्क्यू किया है। दोनों जिलों में स्कूल-कॉलेजों में पूर्ण अवकाश घोषित कर दिया गया है।

मध्य प्रदेश में बाढ़ जैसे हालात, उज्जैन में शिप्रा नदी के घाट और मंदिर डूबे

मध्य प्रदेश के कई जिलों में लगातार हो रही तेज बारिश के कारण नदियां और स्थानीय नाले खतरे के निशान से ऊपर बह रहे हैं। धार्मिक नगरी उज्जैन में मूसलाधार बारिश के बाद शिप्रा नदी का जलस्तर इतनी तेजी से बढ़ा कि रामघाट पर बने कई छोटे और पौराणिक मंदिर पानी में पूरी तरह समा गए हैं। मौसम विभाग ने प्रदेश के शिवपुरी, सागर, गुना, अशोकनगर और टीकमगढ़ में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही राजधानी भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन और रतलाम समेत दो दर्जन से अधिक जिलों में येलो अलर्ट लागू करते हुए प्रशासन को हाई मोड पर रखा गया है।

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