आम आदमी पार्टी को अलविदा कह प्रियंका कक्कड़ ने खोले राज

आम आदमी पार्टी को अलविदा कह प्रियंका कक्कड़ ने खोले राज

दिल्ली की राजनीति के गलियारों में इन दिनों उथल-पुथल का दौर लगातार जारी है, और इसी बीच एक ऐसा बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है जिसने सभी को हैरान कर दिया है। आम आदमी पार्टी (AAP) की तेज-तर्रार और जानी-मानी राष्ट्रीय प्रवक्ता रहीं प्रियंका कक्कड़ ने पार्टी का साथ छोड़कर अब कांग्रेस पार्टी का हाथ थाम लिया है। 'आप' के पाले से निकलकर कांग्रेस में शामिल होने के इस बड़े कदम के बाद से ही सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो चुका है। प्रियंका कक्कड़ ने पार्टी छोड़ने के तुरंत बाद ही अपने तेवर पूरी तरह से साफ कर दिए हैं और मीडिया के सामने खुलकर अपनी बात रखी है। उनके इस फैसले से न केवल आम आदमी पार्टी को एक बड़ा झटका लगा है, बल्कि आने वाले दिनों में दिल्ली की राजनीति के समीकरण भी काफी हद तक बदलते हुए नजर आ रहे हैं।

कांग्रेस ज्वाइन करने की बताई खास वजह और वैचारिक बदलाव

प्रियंका कक्कड़ ने कांग्रेस पार्टी का दामन थामने के पीछे अपने गहरे वैचारिक कारणों और सांगठनिक प्राथमिकताओं का हवाला दिया है। उनका कहना है कि जिस उम्मीद और बदलाव के नारे के साथ उन्होंने आम आदमी पार्टी का सफर शुरू किया था, समय के साथ वह पार्टी अपने उन बुनियादी उसूलों और सिद्धांतों से काफी दूर होती चली गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश के मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य में कांग्रेस पार्टी ही एक ऐसा मजबूत विकल्प है जो लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की रक्षा के लिए पूरी ईमानदारी से लड़ाई लड़ रही है। प्रियंका ने यह भी कहा कि उन्होंने सोच-समझकर और अपने समर्थकों से विचार-विमर्श करने के बाद ही यह बड़ा कदम उठाया है ताकि वे जनता के मुद्दों को एक सही और व्यापक मंच से उठा सकें, क्योंकि 'आप' के भीतर उनकी आवाज को लगातार दबाने का प्रयास किया जा रहा था।

बंगला और गाड़ी के तंज पर कह दी बहुत बड़ी और खरी-खरी बात

पार्टी छोड़ने के बाद दिए गए अपने बयानों में प्रियंका कक्कड़ ने उस आम आदमी संस्कृति पर भी तीखा प्रहार किया है, जिसकी दुहाई देकर 'आप' के नेता कभी सत्ता में आए थे। बंगला और गाड़ी जैसी सुख-सुविधाओं का खुलकर जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग कभी सादगी और आम आदमी की जीवनशैली की कसमें खाया करते थे, आज वे खुद सत्ता के मजे और आलीशान महलों व गाड़ियों की चकाचौंध में पूरी तरह डूब चुके हैं। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि कथनी और करनी का यह अंतर अब जनता के सामने पूरी तरह बेनकाब हो चुका है। प्रियंका के इस तीखे तंज ने राजनीतिक हलकों में खलबली मचा दी है, क्योंकि आम आदमी पार्टी हमेशा से अपने नेताओं की सादगी को अपनी सबसे बड़ी यूएसपी बताती रही है, और इस प्रकार के आरोप पार्टी की छवि को गहरा आघात पहुंचा रहे हैं।

'आप' के भीतर घुटन भरा माहौल और उपेक्षा का गंभीर आरोप

प्रियंका कक्कड़ ने अपने पुराने संगठन पर गंभीर आरोप लगाते हुए यह भी साझा किया कि पिछले कुछ समय से उन्हें पार्टी के भीतर लगातार नजरअंदाज किया जा रहा था और उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाई जा रही थी। एक प्रवक्ता के रूप में दिन-रात पार्टी का पक्ष मजबूती से रखने वाली नेत्री का यह दर्द अब खुलकर सामने आ गया है। उन्होंने बताया कि पार्टी के भीतर आंतरिक लोकतंत्र नाम की कोई चीज नहीं बची है और कुछ गिने-चुने लोगों के हाथों में ही सारे फैसले सिमटकर रह गए हैं। ऐसे घुटन भरे और तानाशाही माहौल में काम करना किसी भी स्वतंत्र विचारक के लिए नामुमकिन हो जाता है। उनके इन बयानों से यह साफ जाहिर होता है कि आम आदमी पार्टी के अंदर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है और आने वाले दिनों में पार्टी से जुड़े कुछ और असंतुष्ट चेहरे भी बड़ा कदम उठा सकते हैं।

कांग्रेस में नई शुरुआत और भविष्य की राजनीतिक दिशा

कांग्रेस पार्टी में शामिल होने के बाद प्रियंका कक्कड़ अब एक नए जोश और ऊर्जा के साथ अपनी राजनीतिक पारी की दोबारा शुरुआत कर रही हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने भी उनका गर्मजोशी से स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि उनके आने से पार्टी को और अधिक मजबूती मिलेगी। प्रियंका ने कहा कि उनका एकमात्र उद्देश्य जनता की सेवा करना और हकीकत से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाना है, जिसके लिए वे कांग्रेस के मंच का पूरी निष्ठा से उपयोग करेंगी। दिल्ली और राष्ट्रीय स्तर पर बदलते हुए इन सियासी घटनाक्रमों के बीच प्रियंका कक्कड़ का यह कदम एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकता है। यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि उनकी यह नई राजनीतिक यात्रा आने वाले चुनावों में उनकी अपनी स्थिति और कांग्रेस पार्टी के जनाधार को कितना और किस रूप में प्रभावित करती है।