UP School Holiday: यूपी के इन जिलों में आज बंद रहेंगे स्कूल, नर्सरी से 12वीं तक छुट्टी; जानें वजह
उत्तर प्रदेश के स्कूली बच्चों और उनके अभिभावकों के लिए एक बेहद जरूरी और बड़ी खबर सामने आई है। राज्य के कई प्रमुख जिलों में जिला प्रशासन और स्थानीय शिक्षा अधिकारियों की ओर से शिक्षण संस्थानों में अचानक अवकाश (School Holiday) घोषित किए जाने से जुड़ी आधिकारिक सूचना जारी कर दी गई है। सुबह-सुबह जब बच्चे स्कूल जाने के लिए तैयार हो रहे थे या अभिभावक बस स्टॉप की तरफ बढ़ रहे थे, तभी अचानक स्कूलों के बंद होने की सूचना ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में स्थानीय परिस्थितियों, सुरक्षा व्यवस्था, सांस्कृतिक आयोजनों और सबसे मुख्य रूप से विधान परिषद (MLC) चुनावों की सुगबुगाहट के चलते यह कदम उठाया गया है। जिला प्रशासन द्वारा जारी किए गए इन आदेशों में साफ तौर पर निर्देश दिए गए हैं कि नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और प्राइवेट स्कूल पूरी तरह बंद रहेंगे ताकि किसी भी तरह की प्रशासनिक असुविधा से बचा जा सके।
आखिर अचानक स्कूलों में छुट्टी क्यों करनी पड़ी, इसको लेकर अभिभावकों के मन में तमाम सवाल उठ रहे थे। प्रशासनिक सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के तहत होने वाले महत्वपूर्ण विधान परिषद (MLC) चुनावों के मतदान की प्रक्रिया संपन्न कराई जा रही है। चूंकि ज्यादातर स्कूलों और कॉलेजों को मतदान केंद्र (Polling Booths) बनाया गया है और वहां चुनाव से जुड़े भारी सुरक्षा बल, पोलिंग पार्टियां व पीठासीन अधिकारी तैनात किए गए हैं, इसलिए बच्चों की सुरक्षा और सुगम मतदान व्यवस्था सुनिश्चित करने के वास्ते स्कूलों में अवकाश रखना अनिवार्य हो गया था। जिला निर्वाचन अधिकारियों और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) द्वारा संयुक्त रूप से यह निर्देश जारी किए गए कि मतदान के दिन परिसरों में छात्रों की आवाजाही न हो, ताकि निर्वाचन कार्य पूरी तरह शांतिपूर्ण, पारदर्शी और निष्पक्ष वातावरण में संपन्न कराया जा सके।
प्रशासन की ओर से जारी किए गए इस आदेश की सबसे खास बात यह है कि यह किसी एक खास बोर्ड तक सीमित नहीं है, बल्कि इस दायरे में उत्तर प्रदेश बोर्ड (UP Board), केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) और इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (ICSE) सहित सभी मान्यता प्राप्त निजी और कॉन्वेंट स्कूल शामिल किए गए हैं। राजधानी लखनऊ, बुलंदशहर, कासगंज और वाराणसी समेत कई अन्य जिलों में जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) और बेसिक शिक्षा अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि यदि आदेश के बाद भी कोई स्कूल संचालक कक्षाएं संचालित करते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त प्रशासनिक और वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। हालांकि कुछ जगहों पर स्कूलों द्वारा डिजिटल माध्यमों यानी ऑनलाइन क्लास (Online Classes) का विकल्प जरूर छात्रों को दिया गया है ताकि उनकाु पाठ्यक्रम बाधित न हो, लेकिन भौतिक रूप से स्कूल परिसरों में छात्रों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।
इस अचानक घोषित अवकाश के बाद अब अभिभावकों और विद्यार्थियों के मन में यह चिंता सता रही है कि आगे स्कूल कब और किस प्रकार खुलेंगे। जानकारों का मानना है कि चूंकि चुनाव प्रक्रिया संपन्न होने के बाद परिसरों की साफ-सफाई और व्यवस्थाओं को सामान्य होने में थोड़ा वक्त लगता है, इसलिए कई जगहों पर अगले कार्यदिवस तक कक्षाओं के सुचारू रूप से पुनः आरंभ होने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके अलावा, त्योहारी सीजन और स्थानीय अवकाशों का दौर भी चल रहा है, जिसके कारण स्कूल अपने स्तर पर भी एकेडमिक कैलेंडर का मिलान कर रहे हैं। शिक्षा विभाग ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान देने के बजाए अपने संबंधित स्कूलों द्वारा ऑफिशियल व्हाट्सएप ग्रुप्स या सर्कुलर पर जारी होने वाली सूचनाओं को ही प्राथमिकता दें ताकि बच्चों की पढ़ाई और उपस्थिति को लेकर कोई दुविधा न रहे।