कौन हैं जगदीश आफले? जिन्हें बनाया गया राम मंदिर ट्रस्ट का नया सचिव; IIT से की है पढ़ाई, अमेरिका-यूरोप में भी बिखेरा है जलवा!
अयोध्या के भव्य राम मंदिर (Ayodhya Ram Mandir) के प्रबंधन और वित्तीय पारदर्शिता को और अधिक मजबूत करने के लिए 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' ने एक बेहद बड़ा और ऐतिहासिक प्रशासनिक फैसला लिया है। राम मंदिर के चढ़ावे और दान के प्रबंधन को लेकर चल रहे हालिया घटनाक्रमों के बीच ट्रस्ट ने जगदीश आफले (Jagdish Aphale) को अपना पहला सचिव (First Secretary) नियुक्त किया है। इसके साथ ही, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में ट्रस्ट के खातों के संचालन के लिए उन्हें अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता (Authorized Signatory) का बेहद अहम जिम्मा भी सौंप दिया गया है।
जगदीश आफले कोई नया नाम नहीं हैं, बल्कि वे पिछले लगभग चार वर्षों से बिना कोई वेतन लिए राम मंदिर निर्माण कार्य में मानद परियोजना प्रबंधक (Honorary Project Manager) के रूप में अपनी ग्राउंड सेवाएं दे रहे हैं। आइए जानते हैं कौन हैं जगदीश आफले, कैसा है उनका शानदार बैकग्राउंड और क्यों ट्रस्ट ने उन पर इतना बड़ा भरोसा जताया है।
IIT बॉम्बे के छात्र और बहुराष्ट्रीय कंपनियों का तगड़ा अनुभव
महाराष्ट्र के पुणे (पद्मावती इलाका) के रहने वाले जगदीश आफले का शैक्षणिक और पेशेवर करियर (Career Background) बेहद शानदार और प्रभावशाली रहा है:
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उच्च शिक्षा: उन्होंने देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी बॉम्बे (IIT Bombay) से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक (BTech) और उसके बाद एमटेक (MTech) की डिग्री हासिल की है।
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ग्लोबल वर्क एक्सपीरियंस: इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने देश-विदेश की कई नामी बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs) में ऊंचे पदों पर काम किया। इस दौरान उन्होंने लंबे समय तक यूरोप के कई देशों और संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) में अपनी सेवाएं दीं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रोजेक्ट मैनेजमेंट का बड़ा अनुभव हासिल किया।
अमेरिका में RSS के 'विस्तारक' के रूप में संभाली जिम्मेदारी
पेशेवर रूप से एक कामयाब इंजीनियर होने के साथ-साथ जगदीश आफले बचपन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के समर्पित स्वयंसेवक रहे हैं।
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जब वे काम के सिलसिले में अमेरिका में थे, तब उन्होंने वहां भी संघ के कार्यों को आगे बढ़ाया। उन्होंने अमेरिका में लगभग तीन साल तक संघ के 'विस्तारक' (पूर्णकालिक स्वयंसेवक) के रूप में सक्रिय भूमिका निभाई।
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राम मंदिर आंदोलन से उनका नाता काफी पुराना है। वे साल 1989 में रामशिला पूजन के दौरान पवित्र ईंट लेकर अयोध्या पहुंचे थे और 1991-92 के दौरान हुई ऐतिहासिक रथ यात्रा का भी हिस्सा रहे थे। उनकी पत्नी माधुरी आफले भी मंदिर वास्तुकला और मूर्तिकला (Temple Architecture) की विशेषज्ञ हैं और दोनों मिलकर अयोध्या के तीर्थ क्षेत्र भवन में रहकर मंदिर निर्माण में अपना योगदान दे रहे हैं।
दान चोरी विवाद के बाद क्यों चुनी गई 'आफले की बेदाग छवि'?
पिछले दिनों राम मंदिर ट्रस्ट में चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे और दान राशि के प्रबंधन को लेकर उठे प्रशासनिक सवालों के बाद ट्रस्ट एक ऐसे चेहरे की तलाश में था, जिसका ट्रैक रिकॉर्ड बेदाग और प्रशासनिक क्षमता बेहतरीन हो।
पारदर्शिता पर फोकस: जगदीश आफले की छवि एक बेहद ईमानदार, शांत और काम के प्रति समर्पित प्रोफेशनल की है। 22 जुलाई को हुई बैठक में ट्रस्ट ने सचिव का यह नया पद सृजित किया था, जिसके लिए अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने आफले के नाम का प्रस्ताव रखा।
हालांकि, उनकी नियुक्ति का औपचारिक और आधिकारिक अनुमोदन 2 सितंबर 2026 को होने वाली ट्रस्ट की बड़ी कार्यकारी बैठक में किया जाएगा, लेकिन बैंक खातों के सुचारू संचालन और दैनिक एडमिनिस्ट्रेशन को संभालने के लिए उन्होंने ग्राउंड पर अपनी कमान संभाल ली है।