पेट्रोल की बढ़ती कीमतों को लेकर नितिन गडकरी का बड़ा बयान, कहा- सरकार जल्द ही इस समस्या का करेगी समाधान

ट्रक साल में लगभग 98,000 किमी चलते हैं, इसलिए एलएनजी में बदलने के बाद 9-10 महीनों में प्रति वाहन 11 लाख रुपये की बचत होगी।''

नई दिल्ली।। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने नागपुर में देश के पहले वाणिज्यिक तरल प्राकृतिक गैस फिलिंग स्टेशन का उद्घाटन किया। इस दौरान गडकरी ने कहा- कि एलएनजी, सीएनजी और इथेनॉल जैसे वैकल्पिक ईंधन के अधिक उपयोग से हमको पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से राहत मिल सकती है, जिसकी वजह से आज आम आदमी परेशान हैं और आंदोलन कर रहे हैं।

गडकरी ने कहा कि वाहन ईंधन के रूप में इथेनॉल का उपयोग पेट्रोल की तुलना में 20 रुपये प्रति लीटर बचाने में मदद करेगा। एलएनजी के आर्थिक लाभ पर को देखते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, ”आंकड़ों से पता चलता है कि एक पारंपरिक ट्रक इंजन को एलएनजी इंजन में बदलने की औसत लागत 10 लाख रुपये है। ट्रक साल में लगभग 98,000 किमी चलते हैं, इसलिए एलएनजी में बदलने के बाद 9-10 महीनों में प्रति वाहन 11 लाख रुपये की बचत होगी।”

वैकल्पिक ईंधन पर कर रहा काम मंत्रालय–

गडकरी ने कहा, ‘हम लोग अपनी अर्थव्यवस्था में पेट्रोल-डीजल और पेट्रोलियम उत्पादों के आयात पर 8 लाख करोड़ रुपये खर्च कर रहे हैं, जो एक बड़ी चुनौती है। हमने एक नीति तैयार की है, जो आयात के विकल्प को लागत प्रभावी प्रदूषण मुक्त व स्वदेशी इथेनॉल, जैव सीएनजी, एलएनजी और हाइड्रोजन ईंधन के विकास को प्रोत्साहित करती है।’

3 महीने में लिया जाएगा इस पर निर्णय–

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मंत्रालय विभिन्न वैकल्पिक ईंधनों पर लगातार काम कर रहा है। गडकरी ने कहा कि हमें चावल, मक्का और चीनी को बर्बाद होने से बचाने के लिए अधिशेष का उपयोग करना होगा। फ्लेक्स इंजन के बारे में उन्होंने कहा कि ऑटोमोबाइल विनिमार्ताओं विशेषकर चौपहिया और दुपहिया वाहनों के लिए फ्लेक्स इंजन बनाना अनिवार्य करने के संबंध में तीन महीने में निर्णय लिया जाएगा। गडकरी ने बताया कि अमेरिका, कनाडा और ब्राजील जैसे कई देशों के पास फ्लेक्स इंजन पहले से हैं। उन्होंने कहा कि वाहन की कीमत एकसमान रहती है, चाहे वह पेट्रोल हो या फ्लेक्स इंजन।

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