आरएएस से प्रमोट होकर आईएएस बनेंगे ये 15 अधिकारी, सीएमओ के साथ कर चुके हैं काम
भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और राज्य प्रशासनिक सेवाओं के बीच होने वाले प्रमोशन हमेशा से नौकरशाही गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय रहे हैं। राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) के अधिकारियों के लिए एक बार फिर से खुशियों और करियर की सबसे बड़ी छलांग का वक्त आ गया है। लंबे समय से प्रतीक्षित आरएएस से आईएएस प्रमोशन की प्रक्रिया के तहत राज्य के 15 वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारियों के नाम पर मुहर लगने की पूरी संभावना है। प्रशासनिक महकमे में इन अधिकारियों के प्रमोशन को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है और फाइलें अपने अंतिम चरण में हैं। इन अधिकारियों की सूची सामने आते ही प्रशासनिक अमले में बधाइयों का दौर शुरू हो गया है, क्योंकि इन अफसरों ने अपने लंबे प्रशासनिक करियर के दौरान विभिन्न जिलों और सचिवालय में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) और मंत्रियों के साथ काम करने का लंबा अनुभव
प्रमोट होने वाले इन 15 आरएएस अधिकारियों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इनमें से अधिकांश अधिकारियों ने पिछले कुछ वर्षों के दौरान राज्य के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO), विभिन्न कैबिनेट मंत्रियों के विशेषाधिकार अधिकारियों (OSD) और शासन सचिवालय के सबसे संवेदनशील विभागों में अपनी सेवाएं दी हैं। सरकार की नीतियों को धरातल पर उतारने, प्रशासनिक समन्वय स्थापित करने और संकट के समय निर्णय लेने में इन अधिकारियों ने अपनी कार्यकुशलता का लोहा मनवाया है। मुख्यमंत्री कार्यालय और शीर्ष स्तर पर काम करने का लंबा अनुभव होने के कारण इन्हें प्रशासनिक कामकाज की बारीकियों और राजनीतिक इच्छाशक्ति के तालमेल की गहरी समझ है। यही वजह है कि सरकार और संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की संवीक्षा बैठकों में इनके नामों को लेकर विशेष प्राथमिकता और गंभीरता दिखाई गई है।
चयन प्रक्रिया और संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की मुहर
राज्य प्रशासनिक सेवा से आईएएस के कोटे में चयन की प्रक्रिया बेहद कर्ष और पारदर्शी नियमों के तहत होती है। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा पात्रता सूची तैयार कर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को भेजी जाती है, जहां केंद्र सरकार और राज्य के मुख्य सचिव स्तर के अधिकारियों की एक संयुक्त चयन समिति (Selection Committee) बैठक आयोजित करती है। इन 15 अधिकारियों के पिछले कई वर्षों के वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदनों (APAR), उनकी integridad (सत्यनिष्ठा) और विभागीय जांचों से जुड़े रिकॉर्ड्स का बारीकी से अध्ययन किया जाता है। सभी मानदंडों पर खरा उतरने के बाद इन नामों पर अंतिम मुहर लगती है। सूत्रों के अनुसार, इस बार की चयन सूची में वर्ष 2000 और उसके बाद के शुरुआती बैच के उन वरिष्ठ आरएएस अधिकारियों को शामिल किया गया है जो अपनी वरिष्ठता और उत्कृष्ट सेवा के दम पर इस मुकाम तक पहुंचे हैं।
प्रशासनिक व्यवस्था को मिलेगी नई गति और ऊर्जा
इन 15 आरएएस अधिकारियों के आईएएस कैडर में पदोन्नत होने से न केवल व्यक्तिगत रूप से उन अधिकारियों का मान-सम्मान बढ़ेगा, बल्कि राजस्थान की समग्र प्रशासनिक व्यवस्था को भी एक नई गति और ऊर्जा मिलेगी। आईएएस के रूप में जब ये अधिकारी जिलों में बतौर जिलाधिकारी (Collector) या शासन में सचिव स्तर की जिम्मेदारियां संभालेंगे, तो उनका जमीनी प्रशासनिक अनुभव जनता के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा। राज्य के प्रशासनिक गलियारों में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि दीवाली या आगामी त्योहारों के सीजन से पहले आधिकारिक रूप से इन सभी 15 अधिकारियों के प्रमोशन और नई पोस्टिंग के आदेश जारी किए जा सकते हैं। इस ऐतिहासिक फेरबदल से राज्य की नौकरशाही में नए पदों का सृजन होगा और नीचे के पायदान पर काम कर रहे युवा आरएएस अधिकारियों के लिए भी आगे बढ़ने के रास्ते खुलेंगे।