'अंदर डलवाने की धमकी दी' BAP विधायक उमेश डामोर का BJP के पूर्व विधायक गोपीचंद मीणा पर बड़ा आरोप, गरमाई डूंगरपुर की सियासत

'अंदर डलवाने की धमकी दी' BAP विधायक उमेश डामोर का BJP के पूर्व विधायक गोपीचंद मीणा पर बड़ा आरोप, गरमाई डूंगरपुर की सियासत

राजस्थान सरकार द्वारा आयोजित किए जा रहे ग्रामीण जनकल्याण शिविरों के बीच डूंगरपुर जिले की आसपुर विधानसभा सीट पर एक नया और बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के स्थानीय विधायक उमेश डामोर ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व विधायक गोपीचंद मीणा पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। विधायक डामोर ने बकायदा एक वीडियो संदेश जारी कर भाजपा नेता की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए हैं और आदिवासियों के हक की बात बुलंद की है।

क्या है पूरा मामला और क्या हैं आरोप?

यह पूरा विवाद डूंगरपुर जिले के आसपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली गल्याणा ग्राम पंचायत का है। विधायक उमेश डामोर द्वारा साझा किए गए वीडियो के अनुसार, 25 जून 2026 को गल्याणा ग्राम पंचायत में एक ग्रामीण जनकल्याण शिविर का आयोजन किया गया था। इस शिविर में बड़ी संख्या में गरीब और आदिवासी ग्रामीण अपनी बुनियादी समस्याओं, जैसे मकान के पट्टे, पानी और सड़क की मांग लेकर पहुंचे थे।

विधायक उमेश डामोर का आरोप है कि इस दौरान भाजपा के पूर्व विधायक गोपीचंद मीणा ने शिविर में पहुंचकर वहां मौजूद गरीब ग्रामीणों को डराया-धमकाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व विधायक ने जनता के साथ गाली-गलौज की, उन्हें चुप रहने के लिए मजबूर किया और यहां तक कि पुलिस बुलाकर 'अंदर (जेल में) डलवाने' की सीधी धमकी भी दे डाली।

"पट्टे और बुनियादी मांग करना देशद्रोह है?" — विधायक डामोर

वीडियो में उमेश डामोर ने सत्तापक्ष और पूर्व विधायक को घेरते हुए तीखे सवाल दागे। उन्होंने कहा:

"क्या हमारे गरीब आदिवासियों द्वारा अपनी मूलभूत सुविधाओं जैसे— सड़क, शिक्षा, पीने का पानी और जल जीवन मिशन के काम की मांग करना कोई देशद्रोह या अपराध है? जब सरकारी अधिकारी और कर्मचारी खुद जनता की समस्याएं सुनने और उनका निवारण करने के लिए शिविर में बैठे थे, तो बीजेपी के पूर्व विधायक को बीच में आकर अधिकारियों की पैरवी करने और जनता को दबाने की क्या जरूरत थी?"

'जनता अब जागरूक है, हर पंचायत में पूछे जाएंगे सवाल'

बीएपी विधायक उमेश डामोर ने साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि क्षेत्र की आदिवासी जनता अब पूरी तरह जागरूक हो चुकी है। आने वाले समय में हर ग्राम पंचायत के भीतर चाहे वो नेता हों या सरकारी कर्मचारी, दोनों से उनके कामों और रवैये को लेकर कड़े सवाल पूछे जाएंगे।

उन्होंने गल्याणा के ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि वे वर्तमान में राजस्थान विधानसभा की विशेष अधिकार समिति की बैठक के सिलसिले में 25 से 29 जून तक जयपुर में व्यस्त हैं। लेकिन जयपुर से लौटते ही वे तुरंत क्षेत्र का दौरा करेंगे, पीड़ितों से मुलाकात करेंगे और उनकी सभी समस्याओं का मौके पर ही समाधान करवाएंगे।

स्थानीय स्तर पर बढ़ा तनाव, बीजेपी की प्रतिक्रिया का इंतजार

इस हाई-प्रोफाइल आरोप-प्रत्यारोप के बाद डूंगरपुर और आसपुर के राजनीतिक हलकों में तनाव और सरगर्मी काफी बढ़ गई है। ग्रामीण जनकल्याण शिविरों में सत्ताधारी और विपक्षी दलों के बीच बढ़ती यह कड़वाहट क्षेत्र की राजनीति को और प्रभावित कर सकती है। हालांकि, भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के विधायक द्वारा लगाए गए इन गंभीर आरोपों पर अभी तक भारतीय जनता पार्टी (BJP) या पूर्व विधायक गोपीचंद मीणा की तरफ से कोई आधिकारिक सफाई या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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