'हमने जहर खा लिया, हमें बचा लो'... फोन पर आखिरी पुकार लगाने वाली पत्नी की मौत, पति वेंटिलेटर पर

'हमने जहर खा लिया, हमें बचा लो'... फोन पर आखिरी पुकार लगाने वाली पत्नी की मौत, पति वेंटिलेटर पर

राजस्थान के अलवर रेलवे जंक्शन पर शुक्रवार को एक ऐसी रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। ढाई साल पहले बड़े चाव से प्रेम विवाह करने वाले एक जोड़े ने आपसी अनबन और पारिवारिक कलह के चलते रेलवे स्टेशन पर जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया।

इस आत्मघाती कदम के बाद जब जहर ने अपना असर दिखाना शुरू किया और तड़प बढ़ने लगी, तो दोनों को अपनी भयानक भूल का अहसास हुआ। बदहवास पति ने कांपते हाथों से अपने रिश्तेदार को फोन मिलाया और रोते हुए कहा—"हमने जहर खा लिया है, प्लीज हमें बचा लो।" हालांकि, जब तक मदद पहुंचती, बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल में इलाज के दौरान पत्नी की सांसों की डोर टूट गई, जबकि पति की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।

एक टोका-टोकी और आवेश में लिया मौत का फैसला

दिल दहला देने वाली यह वारदात अलवर के चंडीगढ़ गांव के रहने वाले शेर सिंह और उनकी पत्नी निकिता से जुड़ी है। पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में सामने आया है कि शुक्रवार की सुबह जब शेर सिंह घर से किसी काम के लिए बाहर निकल रहे थे, तभी पत्नी निकिता ने उन्हें किसी बात पर टोक दिया।

रोज-रोज के मामूली मनमुटाव से परेशान शेर सिंह गुस्से में आपा खो बैठे और चिल्लाते हुए बोले कि 'मैं मरने जा रहा हूं।' इस पर आवेश में आकर निकिता ने भी कह दिया कि 'अगर तुम मरोगे तो मैं भी तुम्हारे साथ जान दे दूंगी।' इसी जिद और गुस्से के गुबार में दोनों सीधे अलवर रेलवे जंक्शन पहुंच गए।

बाजार से खरीदी जहरीली दवा, पहले पत्नी को दी और फिर खुद खाई

रेलवे स्टेशन पहुंचने के बाद भी दोनों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। शेर सिंह ने पास के बाजार से एक जहरीली दवा खरीदी। उन्होंने स्टेशन परिसर में ही पहले वह जहरीली दवा अपनी पत्नी निकिता को खाने के लिए दी और फिर बची हुई दवा खुद भी निगल ली।

दवा खाने के कुछ ही मिनटों बाद जब दोनों के पेट में असहनीय दर्द और उल्टी शुरू हुई, तो मौत को सामने देख उनका गुस्सा काफूर हो गया। जिंदगी बचाने की छटपटाहट में शेर सिंह ने अलवर शहर में ही रहने वाले अपने एक करीबी रिश्तेदार को फोन लगाकर अपनी आपबीती सुनाई और मदद की भीख मांगी।

नवजात बच्चे की मौत के गम में डूबा था पूरा परिवार

रिश्तेदार फोन कॉल आते ही तुरंत भागते हुए अलवर जंक्शन पहुंचे और दोनों को बेसुध हालत में आनन-फानन में अलवर जिला अस्पताल के ट्रॉमा वार्ड में भर्ती कराया। डॉक्टरों की विशेष टीम ने दोनों को बचाने के लिए रात-दिन एक कर दिया, लेकिन जहर पूरे शरीर में फैल जाने के कारण देर रात उपचार के दौरान निकिता ने दम तोड़ दिया।

इस दुखद कहानी का एक बेहद संवेदनशील पहलू यह भी है कि महज डेढ़ महीने पहले ही निकिता ने एक बच्चे को जन्म दिया था, लेकिन जन्म के कुछ ही दिनों बाद नवजात की असमय मौत हो गई थी। सगे बच्चे को खोने के गम के कारण यह दंपत्ति पिछले कई दिनों से गहरे मानसिक तनाव और डिप्रेशन से गुजर रहा था, जिसे पुलिस इस आत्मघाती कदम की एक बड़ी वजह मान रही है।

ई-मित्र केंद्र पर काम करता है पति, पुलिस खंगाल रही है सीसीटीवी

घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय जीआरपी और कोतवाली थाना पुलिस मामले की गहनता से तफ्तीश कर रही है। शेर सिंह इलाके में ही एक ई-मित्र केंद्र पर काम करते हैं। पुलिस अब रेलवे जंक्शन और उसके आसपास के बाजारों के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाल रही है ताकि उस दुकान का पता लगाया जा सके जहां से यह जहरीली दवा खरीदी गई थी।

निकिता के शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में पोस्टमार्टम के लिए रखवा दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल में भर्ती शेर सिंह के पूरी तरह होश में आने और बयान दर्ज होने के बाद ही इस पूरे घटनाक्रम की असल वजह और कानूनी स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी।

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