2 नवंबर को राजस्थान में कैसा रहेगा मौसम? बारिश के अलर्ट के बाद अब क्या है नया अपडेट
राजस्थान में गुलाबी ठंड की आहट के बीच मौसम का मिजाज तेजी से बदलने लगा है। पिछले दिनों पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और स्थानीय मौसमी बदलावों के चलते राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और मेघगर्जन के आसार जताए गए थे, जिससे किसानों और आम नागरिकों की चिंताएं बढ़ गई थीं। हालांकि, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और मौसम केंद्र जयपुर द्वारा जारी किए गए ताजा बुलेटिन के अनुसार 2 नवंबर को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम पूरी तरह शुष्क और साफ रहने की संभावना है। बारिश का कोई बड़ा अलर्ट या चेतावनी जारी नहीं की गई है, जिससे राज्य की जनता और रबी फसल की बुवाई कर रहे किसानों को राहत मिली है।
मौसम विज्ञानियों के अनुसार, राजस्थान के वायुमंडल में अब नमी का असर धीरे-धीरे कम हो रहा है और उत्तरी हवाओं का प्रभाव बढ़ने लगा है। इसके चलते अब राज्य भर में दिन के समय हल्की धूप खिली रहेगी और रात तथा तड़के सुबह के समय ठंडी हवाओं का असर महसूस किया जाएगा। पश्चिमी और पूर्वी राजस्थान के ज्यादातर जिलों में न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे गिरावट दर्ज की जा रही है, जो इस बात का स्पष्ट संकेत है कि नवंबर के शुरुआती सप्ताह में ही सर्दी अपना असर दिखाना शुरू कर देगी।
पश्चिमी और पूर्वी राजस्थान का मौसम: जानिए आपके जिले का क्या है हाल
राजस्थान को भौगोलिक दृष्टि से दो मुख्य भागों—पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान—में बांटकर देखा जाता है। 2 नवंबर के मौसम की बात करें तो जोधपुर, जैसलमेर, बीकानेर, बाड़मेर, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जैसे पश्चिमी राजस्थान के जिलों में दिन के समय आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा। रेगिस्तानी इलाकों में दिन के समय हल्की गर्माहट महसूस हो सकती है और अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा। हालांकि, सूर्यास्त के बाद तापमान में तेजी से गिरावट आएगी और रात का पारा 16 से 18 डिग्री तक नीचे जा सकता है।
वहीं दूसरी ओर, जयपुर, अजमेर, कोटा, उदयपुर, भरतपुर और भीलवाड़ा समेत पूर्वी राजस्थान के जिलों में भी 2 नवंबर को बारिश की कोई संभावना नहीं है। दिन में धूप खिली रहेगी लेकिन हवा में हल्की ठंडक घुली रहेगी। पर्वतीय पर्यटन स्थल माउंट आबू में न्यूनतम तापमान में काफी गिरावट दर्ज की जा रही है, जहां रात के समय अच्छी खासी ठंड महसूस की जा रही है। मौसम विभाग का कहना है कि आगामी 4 से 5 दिनों तक पूरे राज्य में किसी भी जिले के लिए कोई गंभीर चेतावनी या भारी बारिश का अलर्ट नहीं है।
किसानों के लिए राहत की खबर: फसलों की कटाई और बुवाई का मिला सही समय
असामयिक बारिश और ओलावृष्टि हमेशा से ही किसानों की मेहनत पर पानी फेरने का काम करती है। पिछले दिनों हुए मौसमी बदलावों से किसान अपनी खरीफ फसलों की कटाई और रबी फसलों (जैसे गेहूं, सरसों और चना) की बुवाई को लेकर आशंकित थे। लेकिन मौसम विभाग द्वारा 2 नवंबर और आने वाले दिनों के लिए जारी किए गए शुष्क मौसम के पूर्वानुमान ने किसानों को बहुत बड़ी राहत दी है।
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि इस साफ और शुष्क मौसम का लाभ उठाते हुए वे अपनी पकी हुई खरीफ फसलों की थ्रेशिंग और सुरक्षित भंडारण का काम जल्द से जल्द निपटा लें। साथ ही, रबी फसलों की बुवाई के लिए खेत तैयार करने और बीज रोपने का यह बिल्कुल उपयुक्त समय है। खेतों में नमी का सही स्तर बना रहने से बीजों का अंकुरण बेहतर होगा और फसलों को शुरुआती चरण में सही विकास मिलेगा।
ठंड की रफ्तार और वायु गुणवत्ता (AQI) पर कैसा रहेगा असर?
जैसे-जैसे नवंबर का महीना आगे बढ़ेगा, उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में होने वाली हल्की बर्फबारी का सीधा असर राजस्थान के मैदानी इलाकों में देखने को मिलेगा। 2 नवंबर से रात के तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक की और गिरावट दर्ज की जा सकती है। ग्रामीण इलाकों और खुले मैदानी क्षेत्रों में सुबह-सुबह हल्का कोहरा (Fog/Haze) या धुंध दिखाई दे सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि सुबह-शाम के समय तापमान में आ रहे इस अचानक उतार-चढ़ाव से बचने के लिए गर्म कपड़ों का इस्तेमाल शुरू कर देना चाहिए, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें।
इसके साथ ही, त्यौहारी सीजन और हवा की गति धीमी पड़ने के कारण जयपुर, जोधपुर और कोटा जैसे बड़े औद्योगिक शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में थोड़ा बिगाड़ देखने को मिल सकता है। सुबह के समय हवा में हल्की धुंध छाई रह सकती है। कुल मिलाकर, 2 नवंबर को राजस्थान का मौसम बेहद सुहावना, साफ और सर्दी की ओर बढ़ता हुआ नजर आएगा, जहां बारिश का कोई डर नहीं है और लोग इस सुखद मौसम का आनंद ले सकते हैं।