धनतेरस के दिन भूलकर भी न खरीदें ये चीजें, घर में आ सकती है दरिद्रता

धनतेरस के दिन भूलकर भी न खरीदें ये चीजें, घर में आ सकती है दरिद्रता

कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि यानी धनतेरस का पर्व हिंदू धर्म में बहुत ही पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन को भगवान धनवंतरी, माता लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर की उपासना का सबसे उत्तम दिन माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन सोने-चांदी के आभूषण, नए बर्तन, वाहन और अन्य शुभ वस्तुएं खरीदने से घर में सुख-समृद्धि और वैभव का वास होता है। दीपावली से दो दिन पूर्व आने वाले इस पर्व पर बाजारों में खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ती है। हर कोई अपने घर में मां लक्ष्मी का स्वागत करने के लिए नई-नई चीजें खरीदकर लाता है। हालांकि, ज्योतिष शास्त्रों और वास्तु विज्ञान के अनुसार, धनतेरस के दिन कुछ ऐसी चीजें भी होती हैं जिन्हें घर लाना बेहद अशुभ माना जाता है। यदि कोई अंजाने में भी इन वर्जित वस्तुओं को खरीदकर घर ले आता है, तो इससे बरकत रुक जाती है और घर में दरिद्रता का वास हो सकता है। इसलिए यह बेहद जरूरी है कि खरीदारी करने से पहले आप उन चीजों के बारे में पूरी जानकारी रखें जिन्हें खरीदना इस दिन सख्त वर्जित माना गया है।

लोहे की वस्तुएं खरीदने से बचें, शनि देव का होता है वास

धनतेरस के पावन अवसर पर अक्सर लोग बर्तन या अन्य घरेलू सामान खरीदते समय लोहे की वस्तुएं भी चुन लेते हैं, लेकिन वास्तु और ज्योतिष के नियमों के अनुसार इस दिन लोहा खरीदना अशुभ माना जाता है। लोहा शनि ग्रह का कारक माना जाता है, और ऐसी मान्यता है कि धनतेरस के दिन लोहे के बर्तन, कड़ाही, चाकू या अन्य औजार घर लाने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। इसके बजाय यदि आप बर्तन खरीदना ही चाहते हैं, तो पीतल, तांबे या चांदी के बर्तन खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है। पीतल को भगवान धनवंतरी की धातु माना गया है, इसलिए पीतल के बर्तन खरीदने से आरोग्य और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। लोहे की चीजों की खरीदारी से न केवल मां लक्ष्मी रुष्ट होती हैं, बल्कि घर में आर्थिक तंगी का सामना भी करना पड़ सकता है।

कांच के बर्तन और नुकीली चीजें लाने से बढ़ती है नकारात्मकता

अक्सर लोग सजावट या उपयोग के लिए कांच के बर्तन, कप या कांच से बनी अन्य वस्तुएं बाजार से ले आते हैं, लेकिन धनतेरस के दिन कांच का सामान खरीदना वर्जित माना गया है। कांच का संबंध राहु ग्रह से जोड़ा जाता है, और राहु को अशुभता और भ्रम का प्रतीक माना जाता है। कांच की वस्तुएं बहुत जल्दी टूट जाती हैं, और टूटी हुई या कांच की चीजें घर में नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती हैं। इसके अलावा, कैंची, चाकू, सुई या किसी भी प्रकार के नुकीले और धारदार हथियार भी धनतेरस के दिन नहीं खरीदने चाहिए। नुकीली चीजें घर में आपसी रिश्तों में तनाव और कलह पैदा करती हैं। यदि आपको किचन या अन्य कार्यों के लिए इन वस्तुओं की आवश्यकता भी है, तो इन्हें धनतेरस से एक दिन पहले या किसी अन्य सामान्य दिन ही खरीद लेना चाहिए।

काले रंग के वस्त्र और जूते-चप्पल खरीदने से बचें

दीपावली और धनतेरस के पावन त्योहारों पर नए कपड़े खरीदने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। लोग अपने पूरे परिवार के लिए वस्त्र खरीदते हैं, लेकिन इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि धनतेरस के दिन काले रंग के कपड़े या काले जूते-चप्पल बिल्कुल न खरीदें। सनातन संस्कृति में काले रंग को शोक, राहु और नकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है, जबकि धनतेरस का पर्व उल्लास, प्रकाश और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। इस दिन लाल, पीले, गुलाबी या सुनहरे जैसे चमकीले और शुभ रंगों के वस्त्र खरीदना अत्यधिक फलदायी माना जाता है। काले रंग की वस्तुएं घर में दुर्भाग्य को बुलावा देती हैं और मां लक्ष्मी की कृपा को रोक देती हैं।

तेल, घी और खाद्य तेल की खरीदारी में बरतें सावधानी

कुछ लोग धनतेरस के दिन घर की जरूरत का सामान जैसे रिफाइंड तेल, सरसों का तेल या डालडा घी भी थोक में खरीद लाते हैं। हालांकि, ज्योतिष शास्त्र के जानकारों का कहना है कि धनतेरस के दिन तेल या किसी भी प्रकार का चिकनाई वाला तरल पदार्थ खरीदने से बचना चाहिए। तेल का संबंध दान और शनि से जुड़ा होता है, और इसे त्योहारी खरीदारी में वर्जित माना गया है। यदि आपको दीप जलाने के लिए तेल या घी की आवश्यकता है, तो उसे पहले ही खरीदकर रख लें या फिर पूजा के दिन ही जरूरत के अनुसार सीमित मात्रा में लाएं, लेकिन एक साथ तेल के डिब्बे या पीपे घर लाने से परहेज करें।

निष्कर्ष: सावधानी से करें खरीदारी और घर में लाएं सुख-समृद्धि

धनतेरस का पर्व जीवन में सकारात्मकता और आर्थिक मजबूती लाने का अवसर होता है। इसलिए जरूरी है कि हम परंपरा और शास्त्रों के नियमों का पालन करते हुए सही चीजों की ही खरीदारी करें। लोहा, कांच, काले वस्त्र, नुकीली वस्तुएं और तेल जैसी चीजों से दूरी बनाकर रखें और पीतल, तांबे, चांदी या सोने की शुभ वस्तुएं खरीदकर मां लक्ष्मी और कुबेर देवता का आशीर्वाद प्राप्त करें। सही दिशा में उठाया गया यह कदम आपके घर में सालभर सुख, शांति और वैभव बनाए रखेगा।