Prabhat Vaibhav,Digital Desk : उत्तराखंड की महत्वाकांक्षी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग नई ब्रॉड गेज रेल लाइन परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में परियोजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को दो-टूक निर्देश दिए कि भूमि हस्तांतरण और मुआवजे से जुड़े सभी लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए।
भूमि हस्तांतरण और मुआवजे पर विशेष ध्यान
बैठक के दौरान 126 किमी लंबी इस रेल लाइन के निर्माण में आ रही अड़चनों पर विस्तार से चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर तेजी से काम करने को कहा:
वन भूमि हस्तांतरण: ग्राम बैडाणू, वाण और खत्यारी में चयनित भूमि को बदरीनाथ वन प्रभाग को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए।
मुआवजा वितरण: ग्राम कोलड़ा में निजी भूमि के मालिकों को 'प्रतिकर' (Compensation) वितरण की कार्यवाही में तेजी लाने को कहा गया है।
सीमांकन कार्य: स्टेशन यार्ड के निर्माण के लिए ग्राम सिवाई और भट्टनगर में अधिग्रहित भूमि का सटीक सीमांकन करने के निर्देश दिए गए ताकि निर्माण कार्य में कोई तकनीकी बाधा न आए।
रेलवे स्टेशन यार्ड विस्तार में आ रहे बाधक वृक्षों का होगा पातन
परियोजना के विस्तार को देखते हुए ग्राम लंगाली और कोलड़ा में अतिरिक्त रेलवे स्टेशन यार्ड प्रस्तावित हैं। जिलाधिकारी ने वन विभाग को निर्देश दिए कि प्रस्तावित वन भूमि में जो वृक्ष निर्माण कार्य में बाधक बन रहे हैं, उनके 'पातन' (कटान) की प्रक्रिया को नियमसंगत तरीके से जल्द पूरा किया जाए।
समन्वय और रिपोर्टिंग पर जोर
डीएम गौरव कुमार ने उप जिलाधिकारी पोखरी, कर्णप्रयाग और प्रभागीय वनाधिकारी बदरीनाथ को निर्देशित किया कि वे आपसी समन्वय (Inter-departmental Coordination) बनाकर सभी समस्याओं का तत्काल समाधान करें। उन्होंने कहा कि कार्यों की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाए ताकि उच्च स्तर पर समीक्षा की जा सके।
बैठक में रहे मौजूद
कलक्ट्रेट में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी सर्वेश कुमार दुबे, अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश और रेल विभाग के अधिकारियों सहित कई उप जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे। प्रशासन की इस सक्रियता से उम्मीद जगी है कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल सेवा का सपना जल्द साकार होगा।




