सोमेश के जज्बे को सलाम : उत्तराखंड के माणा गांंव से कन्याकुमारी तक चलाई साइकिल, फिर…

चमोली जिले के बदरीनाथधाम के समीप स्थित भारत-तिब्बत सीमा के अंतिम गांव माणा से साइकिल से चला युवक बुधवार को देश के अंतिम छोर कन्याकुमारी पहुंच गया है।

गोपेश्वर। चमोली जिले के बदरीनाथधाम के समीप स्थित भारत-तिब्बत सीमा के अंतिम गांव माणा से साइकिल से चला युवक बुधवार को देश के अंतिम छोर कन्याकुमारी पहुंच गया है।
Somesh pawar
बामणी गांव निवासी सोमेश पंवार ने दस राज्यों से होते हुए 4035 किलोमीटर की दूरी 46 दिनों में पूरी कर आज कन्याकुमारी पहुंच गया। उसके सकुशल कन्याकुमारी पहुंचने की खबर से उसके परिजनों के साथ ही चमोली जिले में साहसिक खेलों के दीवानों में खुशी लहर दौड़ गई है।
दरअसल, 01 नवम्बर को फिटनेस व पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने की मंशा को लेकर बामणी गांव निवासी सोमेश पंवार माणा से कन्याकुमारी के लिये साइकिल से रवाना हुआ था। उसने दस राज्यों के सैकड़ों गांवों और शहरों से होते हुए46 दिन में साइकिल से 4035 किलोमीटर की यात्रा पूर्ण कर बुधवार को दोपहर 12 बजे सकुशल कन्याकुमारी पहुंच गया।
इस मौके पर सोमेश ने फोन पर बताया कि उसके जीवन की यह पहली रोमांचक यात्रा है। उसने बताया कि यात्रा मार्ग में बड़ी संख्या में युवाओं से मिला और उन्होंने फिटनेश के लिये साइकिलिंग करने और पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिये जागरूक किया। सोमेश की सकारात्मक पहल पर युवाओं ने उसे पर्यावरण के लिए सजग रहने का भरोसा भी दिया है।

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