माई नेम इज शमी एंड आई एम ए बॉलर, सेलेक्टर्स के सामने होगा ये तख्ती, गेंदबाज हूं, विकेट लेने का हुनर जानता हूं
भारतीय क्रिकेट जगत के गलियारों में इन दिनों एक ऐसे अनुभवी और खूंखार गेंदबाज की वापसी की गूंज सुनाई दे रही है, जिसका खौफ दुनिया भर के बल्लेबाजों के दिलों में आज भी जिंदा है। भारतीय टीम के स्टार तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी इन दिनों अपनी फिटनेस हासिल करने के बाद घरेलू क्रिकेट और नेट्स पर जिस तरह की आग उगल रहे हैं, उसने चयनकर्ताओं (Selectors) और क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। लंबे समय तक चोट के कारण मैदान से बाहर रहने के बाद शमी का यह बयान कि वे केवल अपनी गेंदबाजी और विकेट लेने की काबिलियत के दम पर वापसी करना चाहते हैं, सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। शमी के इस आक्रामक और जुझारू तेवर को देखकर ऐसा लग रहा है कि वे चयनकर्ताओं के सामने बिना किसी सिफारिश के अपनी मेहनत और प्रदर्शन की तख्ती लेकर खड़े होने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं, जिससे आगामी श्रृंखलाओं से पहले भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को एक नई और जबरदस्त मजबूती मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।
चोट के लंबे और दर्दनाक दौर से उबरकर मैदान पर वापसी करने की कठिन जंग
किसी भी पेशेवर खिलाड़ी के लिए चोट के कारण खेल से दूर रहना और फिर उसी पुराने लय में वापस लौटना दुनिया की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक माना जाता है, और मोहम्मद शमी को भी पिछले कुछ महीनों में इस शारीरिक एवं मानसिक संघर्ष से गुजरना पड़ा है। वनडे विश्व कप के दौरान अपने शरीर की परवाह किए बिना देश के लिए गेंदबाजी करने वाले शमी को उसके बाद टखने की गंभीर चोट के कारण सर्जरी करानी पड़ी थी, जिसके चलते उन्हें लंबा समय एनसीए (NCA) के रिहैब सेंटर में बिताना पड़ा। इस दौरान जब लगातार यह कयास लगाए जा रहे थे कि क्या शमी अब वैसी रफ्तार और स्विंग हासिल कर पाएंगे या नहीं, तो इस तेज गेंदबाज ने अपनी कड़ी मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति से आलोचकों को करारा जवाब दिया है। हर रोज घंटों पसीना बहाकर उन्होंने अपनी फिटनेस को उस स्तर पर ला खड़ा किया है जहां वे किसी भी अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में बिना किसी परेशानी के पूरे बीस ओवर या अपने कोटे के ओवर फेंकने के लिए पूरी तरह सक्षम नजर आ रहे हैं।
रणजी ट्रॉफी और घरेलू क्रिकेट में अपनी रफ्तार का लोहा मनवा रहे हैं शमी
भारतीय टीम में अपनी वापसी का रास्ता साफ करने के लिए मोहम्मद शमी ने शॉर्टकट अपनाने के बजाय घरेलू क्रिकेट के मैदान को चुना और बंगाल की टीम की तरफ से खेलते हुए अपनी गेंदबाजी की धार से सबको एक बार फिर हैरान कर दिया। जब वे नेट्स पर या मैच के दौरान अपनी घातक यॉर्कर और सीम पोजीशन का जादू बिखेरते हैं, तो विपक्षी बल्लेबाजों के पास उनके पास कोई जवाब नहीं होता है। चयनकर्ताओं के सामने अपनी फिटनेस का पुख्ता सबूत पेश करने के लिए घरेलू सर्किट में लगातार विकेट चटकाना सबसे बड़ा पैमाना होता है, और शमी इस मोर्चे पर पूरी तरह खरे उतरे हैं। उनकी गेंदबाजी में वह पुरानी आक्रामकता, बल्लेबाज को बीट करने की क्षमता और विकेट के ठीक आगे गेंद टप्पा खाने की कला साफ तौर पर दिखाई दे रही है, जिसे देखकर क्रिकेट पंडित यह कहने लगे हैं कि इस गेंदबाज को ज्यादा दिन तक भारतीय टीम से बाहर नहीं रखा जा सकता है।
चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन के सामने अपनी वापसी का मजबूत दावा ठोक रहे हैं शमी
आगामी अंतरराष्ट्रीय दौरों और महत्वपूर्ण श्रृंखलाओं को ध्यान में रखते हुए भारतीय टीम प्रबंधन को एक ऐसे अनुभवी तेज गेंदबाज की सख्त जरूरत है जो जसप्रीत बुमराह का साथ निभा सके और विदेशी पिचों पर अपनी गेंदबाजी से कहर बरपा सके। मोहम्मद शमी का यह अनुभव किसी भी बड़ी आईसीसी ट्रॉफी या कठिन सीरीज में भारत के लिए एक बहुत बड़ा हथियार साबित होता है, क्योंकि वे नई गेंद से स्विंग कराने के साथ-साथ पुरानी गेंद से रिवर्स स्विंग कराने के हुनर में भी माहिर हैं। चयनकर्ताओं की नजरें उनके हर एक घरेलू मैच के प्रदर्शन पर टिकी हुई हैं, और शमी जिस अंदाज में मैदान पर उतर रहे हैं, उससे उनका चयन अब केवल समय की बात रह गया है। उनका यह आत्मविश्वास कि "मैं एक गेंदबाज हूं और विकेट लेना अच्छी तरह जानता हूं" चयन समिति के सामने उनके पक्ष में सबसे बड़ा मजबूत तर्क बनकर उभर रहा है।
देश के लिए खेलने का जज्बा और भविष्य के बड़े टूर्नामेंट्स में टीम इंडिया की उम्मीदें
मोहम्मद शमी के क्रिकेट करियर का यह पड़ाव इस बात का जीता-जागता उदाहरण है कि एक सच्चे योद्धा के लिए उम्र या चोट कभी बाधा नहीं बनती, बल्कि उसका जज्बा ही उसे हर मुश्किल से बाहर निकालता है। भारतीय क्रिकेट फैंस भी अपने इस चहेते तेज गेंदबाज को जल्द से जल्द नीली जर्सी में गेंदबाजी करते देखने के लिए बेताब हैं और सोशल मीडिया पर लगातार उनका समर्थन कर रहे हैं। जिस तरह से शमी ने अपनी इंजरी के दौर को पीछे छोड़कर मैदान पर वापसी की है, वह देश के युवा खिलाड़ियों के लिए भी एक बहुत बड़ी प्रेरणा है। आगामी मुकाबलों में जब यह अनुभवी तेज गेंदबाज एक बार फिर अपने पुराने अंदाज में रन-अप लेकर दौड़ता हुआ नजर आएगा, तो यकीनन दुनिया भर के बल्लेबाजों की धड़कनें एक बार फिर बढ़ जाएंगी और भारतीय टीम का गेंदबाजी आक्रमण पहले से कहीं अधिक घातक और मजबूत हो जाएगा।