विराट कोहली का ऐतिहासिक सफर और शतकों का महा-आंकड़ा
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में जब भी महान बल्लेबाजों और रिकॉर्ड्स की बात होती है, तो मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का नाम सबसे ऊपर आता है। सचिन ने अपने लंबे और शानदार करियर में कुल 100 अंतरराष्ट्रीय शतक जड़कर एक ऐसा पहाड़ खड़ा किया था, जिसके बारे में कभी यह सोचा जाता था कि इसे पार करना लगभग असंभव होगा। लेकिन आधुनिक क्रिकेट के सबसे बड़े रन मशीन और 'किंग' के नाम से मशहूर विराट कोहली ने अपनी असाधारण बल्लेबाजी के दम पर इस असंभव लगने वाले लक्ष्य को बेहद करीब ला खड़ा किया है। क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों के बीच इन दिनों एक ही सवाल सबसे ज्यादा चर्चा में है कि क्या विराट कोहली सचिन तेंदुलकर के 100 शतकों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए 101 या उससे अधिक शतकों का नया कीर्तिमान स्थापित कर पाएंगे? इस सवाल के जवाब को तलाशने के लिए हमें आंकड़ों और गणित की दुनिया में उतरना होगा।
सचिन के रिकॉर्ड तक पहुँचने का पूरा गणित और मौजूदा स्थिति
वर्तमान समय में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट (टेस्ट, वनडे और टी20) में शतकों के मामले में विराट कोहली महान सचिन तेंदुलकर के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। सचिन तेंदुलकर ने अपने 664 अंतरराष्ट्रीय मैचों में कुल 100 शतक (टेस्ट में 51 और वनडे में 49) बनाए थे। वहीं, विराट कोहली ने अपने तूफानी करियर में अब तक शतकों का एक विशाल स्कोर खड़ा कर लिया है। सचिन के इस ऐतिहासिक आंकड़े की बराबरी करने और उससे आगे निकलने के लिए विराट को अभी कुछ और शतकों की दरकार है। क्रिकेट पंडितों का मानना है कि जिस रफ्तार से विराट रन बनाते हैं और बड़ी पारियां खेलते हैं, उनके लिए यह लक्ष्य नामुमकिन नहीं है, बशर्ते उनका यह शानदार फॉर्म और फिटनेस आने वाले कुछ वर्षों तक और बरकरार रहे।
वनडे और टेस्ट प्रारूप में शतकों की बची हुई दूरी
गणितीय रूप से विश्लेषण किया जाए तो विराट कोहली को सचिन के 100 शतकों के रिकॉर्ड को तोड़ने और 101 शतकों के ऐतिहासिक मुकुट को पहनने के लिए लगभग 15 और शतकों की आवश्यकता है। अगर बात एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय (ODI) क्रिकेट की करें, तो माना जा रहा है कि विराट को इस जादुई आंकड़े तक पहुंचने के लिए अपने करियर में लगभग 25 से 30 वनडे मैच और खेलने पड़ सकते हैं। एक दिवसीय क्रिकेट में शतकों का अर्धशतक पूरा करने वाले दुनिया के इकलौते बल्लेबाज बन चुके विराट के लिए 50 ओवर के फॉर्मेट में शतक लगाना हमेशा से एक सहज प्रक्रिया रही है। इसके अलावा, टेस्ट क्रिकेट में भी उनके बल्ले से आने वाले रन और शतक इस सफर को पूरा करने में बहुत बड़ी भूमिका निभाएंगे। जिस तरह से वे क्रीज पर समय बिताते हैं और गेंदबाजों पर दबाव बनाते हैं, उससे यह उम्मीद की जाती है कि वे इस लक्ष्य को जल्द ही हासिल कर लेंगे।
क्या आने वाले समय में इतिहास रच पाएंगे विराट कोहली?
खेल प्रेमियों और क्रिकेट विश्लेषकों का यह मानना है कि विराट कोहली का यह सफर केवल आंकड़ों की दौड़ नहीं है, बल्कि यह खेल के प्रति उनके समर्पण, अनुशासन और फिटनेस का प्रमाण है। उम्र के इस पड़ाव पर भी उनकी चुस्ती और मैदान पर रन बनाने की भूख यह साबित करती है कि वे अभी भी कई साल और शीर्ष स्तर पर क्रिकेट खेल सकते हैं। यदि वे अपनी फिटनेस और लय को बनाए रखते हैं, तो वह दिन दूर नहीं जब क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय शतक लगाने का ताज पूरी तरह से विराट कोहली के सिर पर सज जाएगा। पूरा देश और दुनिया भर के क्रिकेट फैंस सांसें रोककर उस ऐतिहासिक क्षण का इंतजार कर रहे हैं जब स्कोरबोर्ड पर 101 वां शतक दर्ज होगा और इतिहास एक बार फिर नया रूप लेगा।