कौन है ये 'अनजान' शख्स? 16 सालों से टीम इंडिया के साथ, श्मशान में गुजारनी पड़ी थी रात, पुजारा ने खोला राज
भारतीय क्रिकेट टीम (Team India) की सफलता के पीछे कई ऐसे अनसुने और गुमनाम चेहरे होते हैं, जो लाइमलाइट से कोसों दूर रहकर खिलाड़ियों को चैंपियन बनाने में दिन-रात एक कर देते हैं। ऐसे ही एक 'अनजान' शख्स हैं राघवेंद्र, जिन्हें पूरी क्रिकेट दुनिया प्यार से 'रघु' (Raghu) के नाम से जानती है। हाल ही में अनुभवी बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा (Cheteshwar Pujara) ने एक इंटरव्यू के दौरान रघु के संघर्ष और उनकी दिल दहला देने वाली जीवन यात्रा का बड़ा राज खोला है।
कौन हैं रघु और क्या है उनकी भूमिका?
रघु पिछले 16 वर्षों से अधिक समय से भारतीय क्रिकेट टीम के साथ बतौर थ्रोडाउन स्पेशलिस्ट (Throwdown Specialist) जुड़े हुए हैं। नेट्स पर अभ्यास के दौरान 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से खतरनाक गेंदें फेंककर भारतीय बल्लेबाजों को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों (जैसे पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क या जोफ्रा आर्चर) का सामना करने के लिए तैयार करना उनका मुख्य काम है। सचिन तेंदुलकर, एमएस धोनी, विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज बल्लेबाज भी उनकी इस खूबी और समर्पण के कायल रहे हैं।
जब श्मशान घाट में गुजारनी पड़ी थी रात
चेतेश्वर पुजारा ने खुलासा किया कि रघु का यहां तक पहुंचने का सफर बिल्कुल भी आसान नहीं था। उनके जीवन में एक वक्त ऐसा भी आया था जब उन्हें भारी आर्थिक तंगी और बेघर होने की वजह से श्मशान घाट में रात गुजारनी पड़ी थी। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी और क्रिकेट के प्रति उनके जुनून के आगे हर मुश्किल छोटी पड़ गई। तमाम मुश्किल हालातों और असफलताओं का सामना करते हुए उन्होंने कभी हार नहीं मानी और अपनी मेहनत के दम पर अंततः भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और टीम इंडिया के कोचिंग स्टाफ में अपनी खास जगह बनाई।
भारतीय ड्रेसिंग रूम के असली हीरो
आज भले ही सोशल मीडिया और टीवी पर खिलाड़ियों की चमक-धमक दिखाई देती है, लेकिन पर्दे के पीछे रघु जैसे लोग ही वह मजबूत नींव हैं जो खिलाड़ियों को मैदान पर मैच जिताने के लिए तैयार करते हैं। पुजारा के इस खुलासे के बाद से फैंस सोशल मीडिया पर रघु की जमकर तारीफ कर रहे हैं और उनके इस जज्बे को सलाम कर रहे हैं।