कोरोना वैक्सीन के अंतिम चरण का ट्रायल कर रहा यह देश, अगले महीने के अंत तक लोगों के बीच लाने का दावा

कंपनी का दावा है कि सबकुछ ठीकठाक रहा तो अगले साल के प्रारंभ में वैक्सीन मार्केट में आ जाएगी। माडरेना और ब्रिटिश कंपनी अस्त्राजेनेका ने भी नए साल के शुरू में वैक्सीन लाँच करने के दावे किए हैं।

नई दिल्ली।। अमेरिकी कंपनी ‘जाॅनसन एंड जाॅनसन’ सिंगल डोज़ वाली कोविड-19 वैक्सीन के तीसरे क्लीनिकल ट्रायल में पहुंच गई है। ‘इबोला’ वैक्सीन की सफल रचियता ‘जाॅनसन एंड जाॅनसन’ ने बुद्धवार को कहा कि उसने अमेरिका सहित दुनिया के 200 शहरों में 60 हजार लोगों पर क्लीनिकल ट्रायल करने का प्रावधान किया है।

कंपनी का दावा है कि सबकुछ ठीकठाक रहा तो अगले साल के प्रारंभ में वैक्सीन मार्केट में आ जाएगी। माडरेना और ब्रिटिश कंपनी अस्त्राजेनेका ने भी नए साल के शुरू में वैक्सीन लाँच करने के दावे किए हैं। फ़ाइज़र ने अगले महीने के अंत तक अपनी वैक्सीन निकाले जाने का दावा किया है।

अमेरिका की नामी कंपनी फ़ाइज़र और माडरेना के बाद यह चौथी बड़ी कंपनी है, जो कोरोना वैक्सीन विकसित करने में लगी है। दुनिया में ऐसी दस कंपनियाँ हैं, जो अपने क्लीनिकल ट्रायल के आधार पर तीसरे और अंतिम क्लीनिकल ट्रायल के दौर में पहुँच चुकी हैं। इसी के साथ अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के मद्देनजर राजनीति भी शुरू हो गई है।

डब्ल्यूएचओ ने दावे के साथ कहा है कि अगले साल के मध्य तक किसी भी वैक्सीन के मार्केट में आने की संभावना नहीं है, तो डेमोक्रेट नेता भी वैक्सीन के साल के अंत तक आने की संभावनाओं पर शंकाएँ जाता रहे हैं। वहीं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुद्धवार को संक्रामक रोग विभाग के निदेशक राबर्ट को जमकर लताड़ा है कि उसने किस हैसियत से कह दिया कि कोई भी वैक्सीन इस साल के अंत तक नहीं आ पाएगी।

राष्ट्रपति यह बार-बार कह चुके हैं कि वैक्सीन अगले महीने के अंत तक आ जाएगी। यह वैक्सीन अगली जुलाई तक अमेरिका के अधिकतर लोगों को लगा दी जाएगी।

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