UP: भारी बारिश से लोगों के घरों में घुसा नदियों का पानी, दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में

बीती रात एकाएक इस क्षेत्र में मूसलाधार बारिश हुई। जिससे क्षेत्र के नदी नाले लबालब भर गए। सुखनई नदी के पुलों पर पानी का बहाव देखने को मिला। पानी का बहाव इतना तेज था कि नदी किनारे रखे लोगों के हाथ ठेले, लकड़ी की गुमटियां आदि बह गए।

झांसी।। तहसील मऊरानीपुर क्षेत्र में बीती रात लगातार हुई मूसलाधार बारिश के चलते नदियां उफन गई। हालात बाढ़ जैसे हो गए। सुखनई नदी ने अपने सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ डाले। इसके चलते मऊरानीपुर व उसके समीप नदी किनारे बसे दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में आ गए। लोगो के घरों में पानी भर गया। इससे लोगो का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। कई गांवों में लोगों के कच्चे मकान बारिश की भेंट चढ़ गए।

बरसात न होने की बजह से किसान व आम जन काफी परेशान नजर आ रहे थे। लोगों को ऐसा प्रतीत हो रहा था कि पेयजल के लिए भी लोगों को परेशान होना पड़ेगा। लेकिन बीती रात एकाएक इस क्षेत्र में मूसलाधार बारिश हुई। जिससे क्षेत्र के नदी नाले लबालब भर गए। सुखनई नदी के पुलों पर पानी का बहाव देखने को मिला। पानी का बहाव इतना तेज था कि नदी किनारे रखे लोगों के हाथ ठेले, लकड़ी की गुमटियां आदि बह गए। जिन लोगों ने जीवन यापन के लिए खोखा, टपरा व हाथ ठेला रख लिए थे वे सुबह अपने सहयोगियों के साथ ढूढ़ते दिखाई दिए।

इतना ही नही लोगों के घरों में भी नदी का पानी भर गया। बड़ी माता मंदिर के पास बने पुल के दरवाजे बंद होने की वजह से उनके घरों में पानी भर गया। कुछ यही हाल कस्बे के नई बस्ती मोहल्ला, नारायण टॉकीज के पास व अन्य स्थानों पर देखने को मिला। जहां लोगों की दुकानों व घरों में पानी भर गया। इससे लोगों के बीच अफरा तफरी का माहौल देखने को मिला।

वहीं ग्रामीण क्षेत्रो में पूरी रात हुई मूसलाधार बारिश के चलते बाढ़ जैसे हालात बने हुए है। नदी किनारे बसे करीब दो दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में हैं। कई गांवों में तो लोगों के कच्चे मकान भी जमीदोज हो गए। रानीपुर के समीप बसे बम्हौरी गांव से निकली सुखनई नदी की एक धारा ने करीब आधा दर्जन से अधिक लोगों के मकान निगल लिए। चिरकना गांव में भी भारी बारिश ने लोगों के मकान तबाह कर दिए। यही नहीं लोगों के मवेशी भी काल के गाल में समा गए।

लोगों से पानी भरे पुल से न निकलने की अपील–

सुबह से ही उप जिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव, क्षेत्राधिकारी अभिषेक राहुल, कोतवाली प्रभारी संजय कुमार गुप्ता ने नदी के पास जाकर जायजा लिया। पुल के दोनों ओर पुलिस की तैनाती की गई जिससे कोई भी आमजन नदी में बने पुल के ऊपर से न निकल सके। पुल के ऊपर पानी आ जाने से राहगीरों को निकलने से खतरा बन गया। इसीलिए प्रशासन ने नगर वासियो से अपील की कि कोई भी नदी किनारे न भ्रमण न करे, न ही नदी में निकलने की कोशिश करे।

सुखनई नदी में आई बाढ़ से प्रभावित गांव–

सुखनई नदी में आए उफान से करीब दो-तीन दर्जन गांव बुरी तरह से चपेट में आ गए। इनमें ग्राम पचैरा, लुहरगांव, भकौरा, देवरी सिंहपुरा, रतौसा, पठा, ढकरवारा, चिरकना, बम्हौरी, नबादा, घाट कोटरा, विजयगढ़, खकौरा व मानपुरा समेत नदी किनारे बसे करीब तीन दर्जन गांव प्रभावित हुए हैं।

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