लखनऊ की वृंदावन योजना में 265 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा अत्याधुनिक बस टर्मिनल
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow) के विकास और परिवहन व्यवस्था को एक नई और आधुनिक उड़ान देने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक बेहद शानदार और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लोक भवन में आयोजित उत्तर प्रदेश कैबिनेट की अहम बैठक में लखनऊ की प्रमुख और तेजी से विकसित हो रही आवासीय एवं व्यावसायिक कॉलोनी 'वृंदावन योजना' (Vrindavan Yojana) में एक अत्याधुनिक और भव्य बस टर्मिनल के निर्माण के प्रस्ताव को औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर कुल 265 करोड़ रुपये से अधिक की भारी-भरकम राशि खर्च की जाएगी। लखनऊ के दक्षिणी हिस्से और कानपुर रोड, रायबरेली रोड तथा शहीद पथ के आसपास के इलाकों में आवागमन करने वाले लाखों यात्रियों को इस बस अड्डे के बन जाने से अभूतपूर्व सुविधा मिलने वाली है, जिससे शहर के भीतर ट्रैफिक जाम की समस्या से भी काफी हद तक राहत मिलेगी।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा नया बस टर्मिनल: यात्रियों को मिलेंगी एयरपोर्ट जैसी वर्ल्ड-क्लास व्यवस्थाएं
आवास विकास परिषद की वृंदावन योजना में बनने जा रहा यह नया बस टर्मिनल किसी साधारण बस अड्डे की तरह नहीं होगा, बल्कि इसे आधुनिक वास्तुकला (Modern Architecture) और विश्व स्तरीय यात्री सुविधाओं को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इस टर्मिनल परिसर में विशाल और वातानुकूलित (AC) यात्री विश्राम कक्ष, हाई-टेक पूछताछ काउंटर, डिजिटल टिकटिंग खिड़कियां, खानपान के लिए फूड कोर्ट, आधुनिक साफ-सुथरे शौचालय और दिव्यांगजनों के अनुकूल विशेष रैंप की व्यवस्था होगी। इसके साथ ही बसों के आने-जाने के लिए अलग-अलग डेपो बे (Bus Bays), इलेक्ट्रिक बसों (EVs) के चार्जिंग स्टेशन और बहुमस्तरीय पार्किंग (Multi-level Parking) का प्रावधान भी किया गया है ताकि यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
परिवहन व्यवस्था को मिलेगी मजबूती: लखनऊ से दूसरे जिलों का सफर होगा और अधिक आसान और सुगम
वर्तमान में लखनऊ के चारबाग और आलमबाग बस अड्डों पर यात्रियों का अत्यधिक दबाव रहता है, जिसके कारण शहर के मुख्य मार्गों पर अक्सर भारी यातायात जाम की स्थिति बनी रहती है। वृंदावन योजना में इस नए बस टर्मिनल के निर्माण से पूर्वांचल, बुंदेलखंड और अन्य पड़ोसी जिलों की ओर जाने वाली बसों का संचालन सीधे इस नए केंद्र से किया जा सकेगा। इससे चारबाग और आसपास के क्षेत्रों में वाहनों का दबाव कम होगा और लोगों को लखनऊ के किसी भी कोने से एक्सप्रेसवे तथा आउटर रिंग रोड तक पहुंचने में बेहद आसानी होगी। परिवहन विभाग का मानना है कि यह बस टर्मिनल आने वाले वर्षों में लखनऊ के सबसे बड़े और व्यस्त परिवहन हब के रूप में उभरेगा, जिससे स्थानीय व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
कैबिनेट की मुहर के बाद जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य, तय समय सीमा में पूरा करने का लक्ष्य
उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगने के बाद अब आवास विकास परिषद और परिवहन निगम संयुक्त रूप से इस प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन की रूपरेखा तैयार करने में जुट गए हैं। भूमि अधिग्रहण, नक्शा पास करने और टेंडर प्रक्रिया को जल्द ही अंतिम रूप देकर निर्माण कार्य धरातل पर शुरू किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि इस बहुप्रतीक्षित बस टर्मिनल के निर्माण कार्य को तय समय सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा कर लिया जाए ताकि जल्द से जल्द जनता इसे समर्पित किया जा सके। लखनऊ के स्थानीय नागरिकों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर से जुड़े लोगों ने सरकार के इस फैसले का दिल से स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे राजधानी की परिवहन तस्वीर पूरी तरह से बदल जाएगी।