मंदिर दर्शन के बहाने बुलाया, फिर गला रेतकर राप्ती में फेंक दिया शव; 1 लाख के उधार के लिए सर्राफा कारोबारी की हत्या
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। महज एक लाख रुपये के मामूली लेन-देन और उधारी के विवाद में एक सर्राफा व्यापारी की बेहद बेरहमी से हत्या कर दी गई। आरोपियों ने पहले मंदिर दर्शन के बहाने कारोबारी को अपने जाल में फंसाया, फिर सुनसान इलाके में ले जाकर उसका गला रेत दिया और साक्ष्य मिटाने के लिए शव को राप्ती नदी में फेंक दिया। इस सनसनीखेज वारदात के खुलासे के बाद से इलाके में हड़कंप मच गया है और पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों को दबोच लिया है। आइए जानते हैं इस खौफनाक हत्याकांड की पूरी इनसाइड स्टोरी।
क्या है पूरा मामला और कैसे रची गई साजिश?
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, मृतक सर्राफा कारोबारी का आरोपियों के साथ कुछ पैसों के लेन-देन का विवाद चल रहा था। एक लाख रुपये के उधार को चुकाने को लेकर दोनों पक्षों के बीच कई दिनों से तनाव चल रहा था। इसी रंजिश के तहत आरोपियों ने एक सोची-समझी साजिश रची। उन्होंने पीड़ित कारोबारी को फोन कर मंदिर में दर्शन करने और साथ में पूजा-पाठ करने के बहाने एक तयशुदा जगह पर बुलाया। कारोबारी उनके झांसे में आ गया और आसानी से उनके साथ चल दिया।
सुनसान इलाके में ले जाकर की गई बर्बरता
मंदिर जाने के रास्ते में आरोपियों ने सुनसान और वीरान इलाके का फायदा उठाया। योजना के मुताबिक आरोपियों ने वहां कारोबारी पर हमला बोल दिया। धारदार हथियार से उसका गला रेतकर मौत के घाट उतार दिया गया। हत्या को अंजाम देने के बाद अपराधियों ने पुलिस और कानून की आंखों में धूल झोंकने के लिए शव को ठिकाने लगाने की साजिश रची और लाश को उफनती हुई राप्ती नदी में प्रवाहित कर दिया, ताकि कोई सबूत हाथ न लग सके।
पुलिस का एक्शन और आरोपियों की गिरफ्तारी
जब काफी देर तक सर्राफा कारोबारी घर नहीं लौटा और उनका फोन बंद आने लगा, तो परिजनों ने अनहोनी की आशंका जताते हुए स्थानीय थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और एसओजी (SOG) की टीमों को तुरंत एक्टिव किया गया। सर्विलांस और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के आधार पर पुलिस आखिरी बार संपर्क करने वाले संदिग्धों तक पहुंच गई। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद पुलिस ने गोताखोरों की मदद से राप्ती नदी से शव को बरामद करने के प्रयास तेज कर दिए हैं।