जमीन के लिए बेटे ने रेत डाला पिता का गला, बहू ने हॉकी से तोड़े दोनों हाथ
जिस 'फादर्स डे' पर दुनिया अपने पिता को सम्मान और तोहफे देने की तैयारी कर रही है, ठीक उसी से पहले उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से एक ऐसी रूह कँपा देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय रिश्तों को शर्मसार कर दिया है। फरीदपुर थाना क्षेत्र के ढकनी रजपुरी गांव में एक कलयुगी बेटे और बहू ने मिलकर अपने ही बुजुर्ग पिता को तड़पा-तड़पाकर मौत के घाट उतार दिया।
जमीन के एक टुकड़े की खातिर सगे बेटे ने पिता पर फरसे से ताबड़तोड़ वार किए, तो वहीं बहू ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए हॉकी से मार-मारकर ससुर के दोनों हाथ तोड़ दिए। बेबस पिता अपनी जान की भीख मांगता रहा, गिड़गिड़ाता रहा, लेकिन खून के प्यासे हो चुके बेटे-बहू का दिल नहीं पघला।
12 बीघा जमीन बनी काल: सोते हुए बुजुर्ग पर फरसे और हॉकी से हमला
ढकनी रजपुरी गांव के रहने वाले 60 वर्षीय डालचंद्र उर्फ डोरी लाल राठौर ठेले पर मसाले बेचने की फेरी लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। डालचंद्र के पास गांव में कुल 12 बीघा जमीन थी, जिसमें से चार बीघा जमीन उन्होंने कुछ समय पहले बेच दी थी। उस जमीन से मिले पैसों से उन्होंने अपना घर बनवाया और एक बड़ा हिस्सा अपने बड़े बेटे गोपीचंद और बहू ज्ञान देवी को भी दिया था।
इसके बावजूद, लालची बेटा गोपीचंद और उसकी पत्नी ज्ञान देवी बची हुई 8 बीघा जमीन को भी बेचने और उसका सारा पैसा उन्हें सौंपने का लगातार दबाव बना रहे थे। डालचंद्र अपनी बुढ़ापे की लाठी (जमीन) को बेचने के लिए तैयार नहीं थे। इसी बात से नाराज होकर दोनों ने डालचंद्र को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रच डाली।
कुंडी खोलने के लिए बढ़ाया था हाथ, बहू ने बेरहमी से तोड़ डाले दोनों हाथ
बीती 15 जून की सुबह करीब 5 बजे जब डालचंद्र अपने घर में सो रहे थे, तभी घात लगाए बैठे बेटे गोपीचंद और बहू ज्ञान देवी ने उन्हें कमरे में बंद कर दिया और अचानक फरसे से हमला बोल दिया। खून से लथपथ डालचंद्र किसी तरह जान बचाने के लिए दरवाजे की तरफ भागे। उन्होंने बाहर भागने के लिए जैसे ही कुंडी खोलने को हाथ बढ़ाया, वैसे ही दोनों ने उन्हें जकड़ लिया और आंगन में गिरा दिया।
इसके बाद बहू ज्ञान देवी ने हॉकी से ताबड़तोड़ प्रहार कर बुजुर्ग ससुर के दोनों हाथ बेरहमी से तोड़ दिए, ताकि वह अपना बचाव न कर सकें। इसके बाद बेटे ने उन पर फरसे से कई जानलेवा वार किए।
दो बेबस बीमार भाइयों के सामने तड़पते रहे पिता
डालचंद्र के तीन बेटे हैं, जिनमें से दो छोटे बेटे—दीपू (20 वर्ष) और प्रदीप (18 वर्ष) मानसिक रूप से बीमार हैं। वारदात के वक्त ये दोनों भाई वहीं मौजूद थे। वे अपने पिता को खून से लथपथ देखकर उन्हें बचाना चाहते थे, लेकिन अपनी मानसिक स्थिति और बड़े भाई-भाभी के खौफ के आगे वे पूरी तरह बेबस थे। वे समझ ही नहीं पा रहे थे कि आखिरकार उनके पिता के साथ यह क्या क्रूरता हो रही है। इस खौफनाक मंजर को देखने के बाद दोनों डरे-सहमे हुए हैं।
अस्पताल में तोड़ा दम, पुलिस ने बढ़ाई हत्या की धारा
बुजुर्ग डालचंद्र की चीख-पुकार सुनकर जब तक पड़ोस के लोग मौके पर जुटते, तब तक आरोपी पति-पत्नी वहां से फरार हो चुके थे। परिजन घायल डालचंद्र को लहूलुहान हालत में फरीदपुर थाने लेकर पहुंचे, जहां से पुलिस ने उन्हें तुरंत बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। गंभीर रूप से घायल डालचंद्र जिंदगी और मौत के बीच जूझते रहे, लेकिन आखिरकार शुक्रवार को इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
फरीदपुर इंस्पेक्टर राधेश्याम ने बताया कि घटना के संबंध में पहले मारपीट की गंभीर धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई थी, लेकिन अब डालचंद्र की मौत के बाद इस मामले में आईपीसी/बीएनएस के तहत हत्या की धारा बढ़ाई जा रही है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फरार आरोपी बेटे गोपीचंद और बहू ज्ञान देवी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।