60KMPH की रफ्तार में आंधी, 72 घंटे तक मूसलाधार बारिश, बंगाल की खाड़ी में उठा तूफान, यूपी में अलर्ट
भारतीय उपमहाद्वीप के मौसम में एक बार फिर बहुत बड़ा और खतरनाक बदलाव देखने को मिल रहा है, जिसने देश के कई राज्यों में चिंता की लकीरें खींच दी हैं। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की नवीनतम satellite रिपोर्ट के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से पनप रहा कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) अब एक शक्तिशाली चक्रवाती तूफान में तब्दील हो चुका है। समुद्र के गर्म पानी से ऊर्जा प्राप्त कर यह सिस्टम लगातार उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिसके कारण तटीय इलाकों में समुद्री हवाओं का रुख अचानक बदल गया है। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह तूफान जब तटों से टकराएगा, तो इसकी विनाशकारी क्षमता बड़े पैमाने पर संपत्ति और जनजीवन को प्रभावित कर सकती है। समुद्र में उठने वाली ऊंची-ऊंची लहरों को देखते हुए मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक गहरे समंदर में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है और सभी बंदरगाहों पर खतरे के निशान वाले सिग्नल टांग दिए गए हैं।
60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी बर्फीली हवाएं और अगले 72 घंटों तक लगातार होगी मूसलाधार बारिश
इस चक्रवाती तूफान के प्रभाव से तटीय राज्यों से लेकर उत्तर भारत के मैदानी इलाकों तक मौसम का मिजाज पूरी तरह बिगड़ गया है। मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक, प्रभावित क्षेत्रों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे (60 KMPH) की रफ्तार से तेज और डरावनी आंधी-तूफान का दौर शुरू हो चुका है, जो कच्चे मकानों, बिजली के खंभों और पेड़ों को उखाड़ने की क्षमता रखता है। इसके साथ ही, अगले 72 घंटों तक लगातार बिना रुके मूसलाधार बारिश (Torrential Rainfall) होने की भविष्यवाणी की गई है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात पैदा हो सकते हैं। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDRF) की टीमों को पूरी तरह से मुस्तैद कर दिया गया है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से तुरंत निपटा जा सके और प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।
उत्तर प्रदेश में भी मौसम विभाग ने जारी किया हाई अलर्ट: पूर्वी और पश्चिमी जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं के आसार
बंगाल की खाड़ी में उठे इस चक्रवाती तूफान का असर केवल तटीय राज्यों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका ऊपरी वायुमंडलीय प्रभाव देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश (UP Weather Alert) पर भी साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। उत्तर प्रदेश के मौसम केंद्र ने राज्य के कई पूर्वी और पश्चिमी जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज आंधी का ऑरेंज व रेड अलर्ट जारी कर दिया है। लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज, अयोध्या और बरेली समेत दर्जनों जिलों में आसमान में घने काले बादल छाए हुए हैं और ठंडी हवाओं के चलने से तापमान में अचानक भारी गिरावट दर्ज की गई है। किसानों की पकी हुई फसलों और खेतों में खड़ी धान की फसल को इस बेमौसम बारिश और तूफान से भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है, जिससे अन्नदाताओं की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। राज्य सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे जल निकासी और आपदा राहत कार्यों के लिए पूरी तरह तैयार रहें।
बदलते मौसम के बीच आम जनता के लिए जरूरी एडवाइजरी: घर से बाहर निकलते वक्त इन बातों का रखें विशेष ध्यान
इस विकट और खतरनाक मौसम की स्थिति को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभागों ने आम नागरिकों के लिए एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें, विशेषकर तेज आंधी और बारिश के दौरान पुराने पेड़ों, जर्जर दीवारों और बिजली के ट्रांसफॉर्मर या खंभों से दूर रहें। सफर करने वाले यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे ट्रेन या उड़ानों के रिशेड्यूल होने की जानकारी पहले ही प्राप्त कर लें ताकि रास्ते में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यह चक्रवाती तूफान अगले तीन से चार दिनों तक अपना असर दिखाएगा और उसके बाद धीरे-धीरे कमजोर पड़ेगा। तब तक सतर्कता और सुरक्षा ही इस प्राकृतिक आपदा से बचने का सबसे बड़ा और एकमात्र उपाय है।