सहारनपुर से गिरफ्तारी, हरिद्वार जेल में बंदी और अब जमानत… उर्मिला सनावर को लेकर आया बड़ा अपडेट

सहारनपुर से गिरफ्तारी, हरिद्वार जेल में बंदी और अब जमानत… उर्मिला सनावर को लेकर आया बड़ा अपडेट

उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में तहलका मचाने वाली बहुचर्चित अभिनेत्री और सामाजिक कार्यकर्ता उर्मिला सनावर मामले में एक बेहद महत्वपूर्ण और नया मोड़ आ गया है। सहारनपुर से हुई नाटकीय गिरफ्तारी के बाद से हरिद्वार की रोशनाबाद जिला कारागार में बंद उर्मिला सनावर को अदालत से जमानत मिल गई है। कई दिनों से टल रही सुनवाई और पुलिस व बचाव पक्ष की तीखी बहसों के बाद आखिरकार कोर्ट ने शर्तों के साथ उनकी जमानत अर्जी को मंजूर कर लिया। इस हाई-प्रोफाइल मामले में आई इस कानूनी राहत के बाद अब मंगलवार को उनकी जेल से आधिकारिक रिहाई होने की संभावना जताई जा रही है।

सहारनपुर से गिरफ्तारी और रोशनाबाद जेल तक का पूरा घटनाक्रम

इस पूरे प्रकरण की शुरुआत उस वक्त हुई जब पूर्व विधायक सुरेश राठौर की बेटी दीपिका राठौर की शिकायत पर हरिद्वार के रानीपुर कोतवाली में उर्मिला सनावर के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस शिकायत में ब्लैकमेलिंग, रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकियां देने जैसे आरोप लगाए गए थे। दर्ज एफआईआर के आधार पर कार्रवाई करते हुए 25 अक्तूबर की शाम हरिद्वार पुलिस ने यूपी के सहारनपुर स्थित उर्मिला सनावर के आवास पर दबिश दी और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उन्हें हरिद्वार अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में रोशनाबाद जिला जेल भेज दिया था।

अदालती तारीखों का ड्रामा और जमानत पर अंतिम फैसला

उर्मिला सनावर की जमानत याचिका पर सुनवाई का रास्ता आसान नहीं रहा। पहले 29 अक्तूबर को पुलिस जांच रिपोर्ट दाखिल न होने के कारण सुनवाई स्थगित कर दी गई थी। इसके बाद 31 अक्तूबर को एक स्थानीय अधिवक्ता के निधन के चलते कंडोलेंस (शोकसभा) आयोजित होने के कारण न्यायिक कार्य ठप रहा, जिससे एक बार फिर तारीख आगे बढ़ानी पड़ी। आखिरकार सोमवार को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में सुनवाई शुरू हुई। अभियोजन पक्ष और सरकारी वकील ने जमानत का पुरजोर विरोध करते हुए दलील दी कि अभियुक्त के खिलाफ 10 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं और जमानत मिलने पर साक्ष्यों से छेड़छाड़ हो सकती है। हालांकि, बचाव पक्ष की अधिवक्ता प्रीति सिंह की मजबूत कानूनी दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने जमानत अर्जी स्वीकार कर ली।

अंकिता भंडारी प्रकरण और सीबीआई जांच से जुड़ा सियासी एंगल

उर्मिला सनावर का नाम केवल इसी रंगदारी मामले तक सीमित नहीं है, बल्कि वह पिछले काफी समय से उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर लगातार सुर्खियों में रही हैं। इस मामले में एक कथित ऑडियो वायरल होने के बाद, जिसमें एक वीआईपी की संलिप्तता का जिक्र था, उर्मिला सनावर ने कई बड़े आरोप लगाए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई (CBI) ने इस प्रकरण की जांच अपने हाथ में ली हुई है। हाल ही में सीबीआई की टीम ने हरिद्वार पहुंचकर रानीपुर कोतवाली और जेल में उर्मिला सनावर तथा पूर्व विधायक से पूछताछ भी की थी। यही कारण है कि उनकी गिरफ्तारी और अब मिली जमानत को केवल एक आपराधिक मामला न मानकर राजनीतिक गलियारों में भी काफी गहराई से देखा जा रहा है।

समर्थकों में राहत की लहर और कानूनी प्रक्रिया की अगली राह

जमानत की खबर मिलते ही उर्मिला सनावर के समर्थकों और परिजनों ने राहत की सांस ली है। कानूनी प्रक्रिया के तहत मंगलवार को कोर्ट में जमानती (श्योरिटी) दाखिल किए जाएंगे और सभी औपचारिक कागजी कार्रवाइयां पूरी होने के बाद रोशनाबाद जेल प्रशासन की ओर से उनकी रिहाई का परवाना जारी कर दिया जाएगा। हालांकि, जमानत मिलने के बावजूद उर्मिला सनावर के खिलाफ चल रही पुलिस और सीबीआई की जांच जारी रहेगी, जिससे आने वाले दिनों में भी इस मामले में कई और बड़े मोड़ देखने को मिल सकते हैं।