वोटर लिस्ट से आपका भी कट गया है नाम? टेंशन की बात नहीं, चुनाव आयोग ने दे दी खुशखबरी, बस ये करें काम
भारतीय लोकतंत्र में हर एक नागरिक का मत देश के भविष्य और दिशा तय करने में सबसे बड़ी ताकत रखता है। जब भी चुनाव की सुगबुगाहट शुरू होती है, तो हर जिम्मेदार नागरिक अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए पूरी तरह तैयार रहता है। लेकिन हाल ही में जब कई लोगों ने बूथ स्तर पर या ऑनलाइन माध्यम से मतदाता सूची (Voter List) में अपने नाम की जांच की, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई क्योंकि सूची से उनका नाम गायब था। वर्षों से एक ही पते पर वोट डालते आ रहे लोगों का नाम अचानक वोटर लिस्ट से कट जाने के कारण जनता में भारी नाराजगी और असमंजस की स्थिति पैदा हो गई। तकनीकी खामियों, पते में बदलाव या बूथ परिवर्तन जैसी वजहों से लाखों मतदाताओं के नाम सूची से हटने की खबरें सामने आ रही हैं। इस गंभीर समस्या को संज्ञान में लेते हुए भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) ने आम जनता के लिए एक बहुत बड़ी राहत भरी घोषणा की है, जिससे छूटे हुए नाम आसानी से दोबारा सूची में जोड़े जा सकते हैं।
मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करनेएक भी पात्र व्यक्ति को मतदान से वंचित न होने देने के संकल्प के साथ निर्वाचन आयोग ने पूरे देश में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (Special Summary Revision) अभियान की शुरुआत कर दी है। आयोग ने साफ कर दिया है कि जिन लोगों के नाम किसी कारणवश पिछली मतदाता सूची से कट गए हैं या छूट गए हैं, उन्हें निराश होने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है। निर्वाचन आयोग ने बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में घ और र-घर जाकर सर्वे करें और छूटे हुए मतदाताओं के आवेदन पत्र प्राप्त करें। इसके साथ ही आयोग ने ऑनलाइन पोर्टलों और मोबाइल ऐप्स की सेवाओं को भी पूरी तरह सक्रिय कर दिया है, ताकि नागरिक बिना किसी सरकारी दफ्तर के चक्कर काटे घर बैठे अपने स्मार्टफोन या लैपटॉप के जरिए अपने नाम को दोबारा वोटर लिस्ट में दर्ज करा सकें।
यदि आपका नाम भी मतदाता सूची से कट गया है या आप पहली बार अपना नाम जुड़वाना चाहते हैं, तो इसके लिए निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित फॉर्म 6 (Form 6) का इस्तेमाल करना होता है। आप चाहें तो अपने क्षेत्र के बीएलओ (BLO) से संपर्क करके ऑफलाइन फॉर्म ले सकते हैं या फिर भारत निर्वाचन आयोग के आधिकारिक 'वोटर सर्विस पोर्टल' (voters.eci.gov.in) पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। फॉर्म भरते समय आपको अपनी पहचान का प्रमाण (जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड या पासपोर्ट), निवास का प्रमाण (जैसे बिजली का बिल, राशन कार्ड या बैंक पासबुक) और एक पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो डिजिटल रूप से अपलोड करना होगा। आवेदन जमा होने के बाद प्रशासनिक और बीएलओ स्तर पर दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है, और सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के कुछ ही दिनों के भीतर आपका नाम अपडेटेड मतदाता सूची में आधिकारिक रूप से जोड़ दिया जाता है।
निर्वाचन आयोग ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना तुरंत अपनी वोटर लिस्ट में नाम की जांच करें और यदि कोई त्रुटि या नाम कटा हुआ मिले तो बिना किसी देरी के आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें। लोकतंत्र के इस पावन पर्व में हर एक वोट की कीमत अनमोल होती है, और किसी भी प्रशासनिक चूक के कारण आपका मताधिकार छिनने न पाए, इसके लिए खुद जागरूक होना सबसे ज्यादा जरूरी है। अपने परिवार, पड़ोसियों और मित्रों को भी इस विशेष अभियान के बारे में जागरूक करें ताकि कोई भी योग्य मतदाता अपने इस संवैधानिक अधिकार से वंचित न रह सके। आयोग द्वारा दी गई इस शानदार राहत से साफ है कि प्रशासन पारदर्शी और समावेशी चुनाव कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, और अब आपकी जागरूकता ही यह तय करेगी कि आप अपने मत की ताकत का सही इस्तेमाल कर पाते हैं या नहीं।