बद्रीनाथ धाम से वापस लौट रहा हेलीकॉप्टर क्रैश, हादसे में 6 लोगों की मौत, सीएम धामी ने जताया दुख

बद्रीनाथ धाम से वापस लौट रहा हेलीकॉप्टर क्रैश, हादसे में 6 लोगों की मौत, सीएम धामी ने जताया दुख

उत्तराखंड की पवित्र देवभूमि से एक बेहद हृदयविदारक खबर सामने आ रही है, जिसने पूरे देश और तीर्थयात्रियों को स्तब्ध कर दिया है। बद्रीनाथ धाम के दर्शन करके वापस लौट रहा एक निजी कंपनी का हेलीकॉप्टर चमोली जिले के बेहद दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में अचानक हादसे का शिकार हो गया। इस भीषण दुर्घटना में पायलट समेत सवार सभी 6 लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद यह दर्दनाक हादसा घटित हुआ। जैसे ही इस घटना की जानकारी उत्तराखंड सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंची, पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस दुखद हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है और घटना के उच्चस्तरीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।

बद्रीनाथ धाम से टेकऑफ के कुछ ही देर बाद बिगड़ा संतुलन और हुआ भीषण हादसा

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, हेलीकॉप्टर ने बद्रीनाथ धाम के करीब स्थित हेलीपैड से अपनी नियमित उड़ान भरी थी। इसमें बद्रीविशाल के दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालु और विमानन कंपनी के क्रू मेंबर्स सवार थे। जैसे ही हेलीकॉप्टर ने नीलकंठ और आसपास की ऊंची पहाड़ियों की ओर उड़ान भरी, अचानक मौसम खराब होने या किसी तकनीकी खराबी के चलते पायलट का नियंत्रण खो गया। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय निवासियों के अनुसार, विमान अचानक हवा में अनियंत्रित होकर एक गहरी खाई और चट्टानी पहाड़ी से जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि टकराते ही हेलीकॉप्टर के परखच्चे उड़ गए और उसमें भीषण आग लग गई। पहाड़ियों के बीच से धुएं का गुबार उठता देख स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत घटना की सूचना स्थानीय पुलिस और आपदा राहत टीमों को दी।

रेस्क्यू ऑपरेशन और राहत दलों की दुर्गम इलाकों में बहादुरी

हादसे की सूचना मिलते ही उत्तराखंड राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), स्थानीय पुलिस तथा भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) की टीमों को तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। चूंकि दुर्घटनास्थल अत्यंत दुर्गम, ढलानदार और बर्फीली खाइयों के बीच स्थित था, इसलिए राहत एवं बचाव कार्य में दस्तों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। घने बादलों, कम दृश्यता (विजिबिलिटी) और दुर्गम रास्ते के बावजूद जांबाज जवानों ने किसी तरह दुर्घटनाग्रस्त मलबे तक पहुंच बनाई। राहत कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद मलबे के बीच से सभी 6 शवों को बाहर निकाला। अधिकारियों ने बताया कि टक्कर इतनी भीषण थी कि किसी भी यात्री के बचने की गुंजाइश नहीं रही। शवों को प्राथमिक शिनाख्त के बाद निकटतम जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जताया गहरा शोक और दिए जांच के सख्त निर्देश

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस भयावह हादसे पर गहरा दुख प्रकट किया है। उन्होंने अपने आधिकारिक संदेश में कहा कि बद्रीनाथ धाम से वापस लौट रहे श्रद्धालुओं के हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त होने का अत्यंत दुखद समाचार प्राप्त हुआ है। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवारों को यह असीम दुख सहने की शक्ति प्रदान करें। मुख्यमंत्री ने तत्काल जिला प्रशासन और नागरिक उड्डयन विभाग के अधिकारियों को राहत कार्य में तेजी लाने और मृतकों के परिजनों से तुरंत संपर्क स्थापित कर हर संभव मदद पहुंचाने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही, राज्य सरकार ने हादसे के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए मजिस्ट्रियल जांच (मजिस्ट्रेटी जांच) के आदेश दे दिए हैं ताकि यह साफ हो सके कि हादसा मौसम की खराबी से हुआ या किसी तकनीकी मानवीय भूल के कारण।

चारधाम यात्रा में हेलीकॉप्टर सेवाओं की सुरक्षा और उड्डयन मानकों पर उठे सवाल

इस हृदयविदारक दुर्घटना ने एक बार फिर हिमालयी क्षेत्रों में संचालित होने वाली चारधाम हेलीकॉप्टर सेवाओं की सुरक्षा और तकनीकी मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हर साल लाखों श्रद्धालु केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम की यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर सेवाओं का उपयोग करते हैं। हालांकि, उत्तराखंड के इन ऊंचे पहाड़ी इलाकों में पल-पल बदलते मौसम, अचानक आने वाली तेज हवाओं और घने कोहरे के कारण उड़ान भरना हमेशा जोखिम भरा रहता है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने घटना को संज्ञान में लेते हुए एक विशेष जांच टीम का गठन कर दिया है जो विमान के मलबे और फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर की जांच करेगी। इस घटना के बाद चारधाम रूट पर अन्य सभी निजी हेलीकॉप्टर ऑपरेटरों के लिए सुरक्षा ऑडिट और मौसम संबंधी दिशा-निर्देशों को और सख्त करने की तैयारी की जा रही है।

मृतकों के परिजनों में मचा कोहराम, पूरे देश में शोक की लहर

जैसे ही बद्रीनाथ हादसे में मारे गए श्रद्धालुओं और पायलट की खबर उनके गृह राज्यों और परिजनों तक पहुंची, वहां चीख-पुकार और मातम का माहौल छा गया। जो श्रद्धालु भगवान बद्रीविशाल के दर्शन कर बेहद खुश होकर अपने घर लौटने की तैयारी कर रहे थे, उनके इस तरह अचानक काल के गाल में समा जाने से हर कोई मर्माहत है। स्थानीय प्रशासन मृतकों के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक निवास तक सुरक्षित भेजने की व्यवस्था कर रहा है। देवभूमि उत्तराखंड में हुई इस दुखद त्रासदी ने न केवल राज्य को बल्कि पूरे देश के श्रद्धालुओं को झकझोर कर रख दिया है। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम के मिजाज को देखते हुए ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं और सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन करें।