शांति वार्ता के नाम पर बड़ी बिजनेस डील! पाक आर्मी चीफ और IRGC कमांडर ने मिलकर खेला 'तेल का खेल'

शांति वार्ता के नाम पर बड़ी बिजनेस डील! पाक आर्मी चीफ और IRGC कमांडर ने मिलकर खेला 'तेल का खेल'

वैश्विक कूटनीति और सीमाओं पर शांति बहाली के बड़े दावों के पीछे चल रहे एक बहुत बड़े गुप्त खेल का भंडाफोड़ हुआ है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख (Army Chief) और ईरान के कुख्यात इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के टॉप कमांडर के बीच हुई एक बेहद गोपनीय बैठक की इनसाइड स्टोरी सामने आई है। आधिकारिक तौर पर इस मुलाकात को सीमा पार आतंकवाद को रोकने और दोनों देशों के बीच शांति स्थापित करने की कवायद बताया जा रहा था, लेकिन खुफिया सूत्रों की मानें तो पर्दे के पीछे 'शांति' के नाम पर एक अरबों डॉलर की सीक्रेट बिजनेस डील पर मुहर लगी है। दोनों देशों के सैन्य आकाओं ने मिलकर पर्दे के पीछे एक बड़ा 'तेल का खेल' खेला है, जिसने अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को धता बता दिया है।

शांति वार्ता तो सिर्फ बहाना थी, असली एजेंडा था प्रतिबंधित ईरानी तेल का कारोबार

हाल ही में हुई इस हाई-प्रोफाइल मुलाकात के जो दस्तावेज और खुफिया इनपुट बाहर आए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। पाकिस्तान की खस्ताहाल अर्थव्यवस्था और देश में आसमान छूती ईंधन की कीमतों के बीच पाक सेना ने अपनी तिजोरी भरने का एक नया शॉर्टकट ढूंढ निकाला है। इस गुप्त समझौते के तहत, ईरान की आईआरजीसी (IRGC) पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय बाजार से बेहद कम और रियायती दरों (Discounted Rates) पर कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई करेगी। सबसे बड़ी बात यह है कि इस पूरे सौदे को आधिकारिक बैंकिंग चैनलों से दूर रखकर पूरी तरह से 'बार्टर सिस्टम' (वस्तु विनिमय) या अवैध हवाला नेटवर्क के जरिए अंजाम दिया जाएगा, ताकि अमेरिकी प्रतिबंधों की नजरों से बचा जा सके।

बलूचिस्तान सीमा बनी स्मगलिंग का नया हब, पाकिस्तानी फौज को मिलेगा मोटा कमीशन

इस पूरे खेल का सबसे काला पहलू यह है कि इस तेल व्यापार को कानूनी रूप देने के बजाय इसे एक बड़े ऑर्गनाइज्ड स्मगलिंग नेटवर्क की तरह चलाया जाएगा। पाकिस्तान और ईरान की सीमा से लगे बलूचिस्तान के इलाकों में सुरक्षा बढ़ाने के नाम पर जिस अतिरिक्त बल की तैनाती की गई है, उसका असली काम इस अवैध तेल के टैंकरों को सुरक्षित रास्ता (Safe Passage) देना है। इस सीक्रेट डील के तहत होने वाली कमाई का एक बहुत बड़ा हिस्सा सीधे पाकिस्तानी सेना के जनरलों और आईआरजीसी के शीर्ष कमांडरों के खुफिया फंड्स में जाएगा। सीमा पर शांति बनाए रखने का नाटक इसलिए किया जा रहा है ताकि इस अकूत कमाई के रूट में कोई बाधा न आए।

अमेरिका और पश्चिमी देशों की उड़ी नींद, प्रतिबंधों को ठेंगा दिखाने की तैयारी

पाक सेना प्रमुख और ईरान के सैन्य कमांडर के इस खतरनाक गठजोड़ ने वाशिंगटन से लेकर लन्दन तक हड़कंप मचा दिया है। ईरान पर पहले से ही कड़े अमेरिकी प्रतिबंध लागू हैं और आईआरजीसी को एक प्रतिबंधित संगठन घोषित किया गया है। ऐसे में अमेरिका से अरबों डॉलर की मदद लेने वाला पाकिस्तान अगर ईरान के साथ मिलकर इस तरह का कोई गुप्त व्यापारिक ब्लॉक बनाता है, तो यह वैश्विक भू-राजनीति (Geopolitics) में एक बड़ा भूचाल ला सकता है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तेल के खेल की आधिकारिक पुष्टि हो जाती है, तो पाकिस्तान पर फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) और अमेरिकी प्रतिबंधों की गाज एक बार फिर गिर सकती है।

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