जापान ने बांग्लादेश से 1 लाख लोगों को नौकरी देने की खबरों का किया खंडन, कहा- कोई समझौता नहीं हुआ

जापान ने बांग्लादेश से 1 लाख लोगों को नौकरी देने की खबरों का किया खंडन, कहा- कोई समझौता नहीं हुआ

जापान सरकार ने सोशल मीडिया और विभिन्न डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर चल रही उन तमाम रिपोर्टों और दावों का पूरी तरह से खंडन कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि जापान बांग्लादेश से 1 लाख श्रमिकों या पेशेवरों को नौकरियां देने जा रहा है। टोक्यो स्थित जापानी अधिकारियों और ढाका में स्थित जापानी दूतावास ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए यह साफ कर दिया है कि बांग्लादेशी नागरिकों को इतनी बड़ी संख्या में रोजगार देने से जुड़ा ऐसा कोई समझौता, ढांचा या द्विपक्षीय संधि दोनों देशों के बीच साइन नहीं हुई है। पिछले कुछ हफ्तों से दक्षिण एशियाई देशों में यह खबर बेहद तेजी से प्रसारित हो रही थी, जिसने ढाका से लेकर टोक्यो तक प्रशासनिक हलकों में भ्रम की स्थिति पैदा कर दी थी। इस संबंध में अब आधिकारिक बयान आने के बाद उन लाखों युवाओं की उम्मीदों पर विराम लग गया है, जो इस तरह के दावों को सच मानकर विदेश जाने के सपने देख रहे थे।

भ्रामक सोशल मीडिया दावों के बाद जापानी दूतावास ने दी आधिकारिक सफाई

बांग्लादेशी मीडिया और वैश्विक सोशल मीडिया हैंडल्स पर लगातार यह दावा किया जा रहा था कि जापान की घटती आबादी और श्रम संकट को देखते हुए टोक्यो ने ढाका के साथ 1 लाख जनशक्ति आयात करने की एक बड़ी डील की है। इन खबरों में यह भी दावा किया जा रहा था कि विशेष वीजा श्रेणियों के तहत बांग्लादेशी युवाओं को जापानी कंपनियों में सीधी नियुक्ति दी जाएगी। हालांकि, जापानी विदेश मंत्रालय और ढाका में जापानी दूतावास ने इन खबरों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह पूरी तरह से भ्रामक और निराधार सूचना है। टोक्यो ने यह स्पष्ट किया कि हालांकि जापान अपनी अर्थव्यवस्था में श्रम आपूर्ति बनाए रखने के लिए विभिन्न विदेशी देशों के साथ विनिर्देशित कुशल श्रमिक (Specified Skilled Worker - SSW) और तकनीकी प्रशिक्षक कार्यक्रमों पर काम करता है, लेकिन बांग्लादेश से 1 लाख लोगों की भर्ती का कोई विशिष्ट आंकड़ा या कोई विशेष समझौता अस्तित्व में नहीं है।

दक्षिण एशिया में फर्जी भर्ती एजेंटों और ठगी नेटवर्क पर टोक्यो की चेतावनी

जापान सरकार ने इस भ्रामक खबर के खंडन के साथ ही एक सख्त चेतावनी भी जारी की है। जापानी विदेश मंत्रालय ने आम जनता को आगाह किया है कि वे ऐसे किसी भी भर्ती एजेंट, बिचौलियों या अनधिकृत एजेंसियों के झांसे में न आएं, जो जापान में 1 लाख नौकरियों का दावा करके पैसे ऐंठने की कोशिश कर रहे हैं। अक्सर इस तरह की फर्जी खबरें सोशल मीडिया पर वायरल करके बेरोजगार युवाओं को शिकार बनाया जाता है। टोक्यो ने कहा कि जापान में रोजगार और वीजा से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं पूरी तरह से पारदर्शी और कानूनी चैनलों के माध्यम से ही पूरी की जाती हैं। किसी भी व्यक्ति को जापान में काम करने के लिए निर्धारित भाषा परीक्षा, कौशल परीक्षण और आधिकारिक वीज़ा प्रक्रियाओं से गुजरना अनिवार्य है। किसी भी देश के लिए बिना किसी कानूनी ढांचे के इस तरह का एकमुश्त कोटा तय नहीं किया जाता।

जापान की श्रम नीति और बांग्लादेश के साथ वास्तविक द्विपक्षीय संबंध

यद्यपि 1 लाख नौकरियों के दावे का खंडन किया गया है, फिर भी जापान और बांग्लादेश के बीच आर्थिक और व्यापारिक संबंध बेहद मजबूत हैं। जापान बांग्लादेश का एक प्रमुख विकास साझेदार रहा है और वहां कई बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं जैसे ढाका मेट्रो रेल और मटारबारी गहरे समुद्र बंदरगाह में भारी निवेश कर चुका है। इसके अलावा, जापान विदेशी श्रमिकों के लिए अपने दरवाजे धीरे-धीरे खोल रहा है क्योंकि देश में जन्मदर कम होने की वजह से युवाओं की कमी हो रही है। लेकिन जापान की यह आव्रजन नीति बेहद सख्त नियमों, योग्यता मानकों और कड़े कौशल मानकों पर आधारित है। जापान में प्रवेश करने वाले किसी भी विदेशी कर्मचारी को जापानी भाषा (N4 या N3 स्तर) और प्रासंगिक उद्योग कौशल परीक्षण में उत्तीर्ण होना पड़ता है। इसलिए किसी भी देश से बिना स्किल टेस्ट के थोक में जनशक्ति लेना जापानी आव्रजन नियमों के सर्वथा विपरीत है।

इंटरनेट पर फैलती फर्जी खबरों (Fake News) के प्रति सतर्क रहने की अपील

इंटरनेट और एआई-जनरेटेड कंटेंट के दौर में इस तरह की फर्जी खबरें बहुत तेज़ी से फैलती हैं, जिससे जनमानस में गलत धारणाएं बनती हैं। बांग्लादेश सरकार और जापानी अधिकारियों दोनों ने ही नागरिकों से अपील की है कि वे विदेश में नौकरी या वीजा संबंधी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक सरकारी पोर्टलों, विदेश मंत्रालय की वेबसाइटों और अधिकृत दूतावास हैंडल्स पर ही भरोसा करें। सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाले असत्यापित दावों पर विश्वास करने से वित्तीय और मानसिक नुकसान हो सकता है। टोक्यो ने पुनः दोहराया है कि वह बांग्लादेश के साथ अपने मित्रवत और व्यावसायिक संबंधों को बहुत महत्व देता है, लेकिन जनशक्ति भर्ती से जुड़े किसी भी नए कार्यक्रम की घोषणा केवल और केवल दोनों सरकारों के आधिकारिक मंचों से ही की जाएगी।