इजरायली चेकपोस्ट पर गोलीबारी: भड़के नेतन्याहू ने पूरे वेस्ट बैंक में लगाया लॉकडाउन, गाजा जैसे एक्शन की तैयारी

इजरायली चेकपोस्ट पर गोलीबारी: भड़के नेतन्याहू ने पूरे वेस्ट बैंक में लगाया लॉकडाउन, गाजा जैसे एक्शन की तैयारी

मध्य पूर्व की राजनीति में एक बार फिर से बारूद की गंध तेज हो गई है और तनाव का पारा अपने चरम पर पहुंच गया है। इजराइल के कब्जे वाले वेस्ट बैंक क्षेत्र में एक इजरायली सैन्य चेकपोस्ट पर अज्ञात बंदूकधारियों द्वारा की गई अचानक और अंधाधुंध गोलीबारी के बाद पूरे देश में सनसनी फैल गई है। इस दुस्साहसिक हमले में कई इजरायली सैनिकों के गंभीर रूप से घायल होने की खबर सामने आई है, जिसके बाद इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। घटना के तुरंत बाद हाई-लेवल सुरक्षा बैठक बुलाते हुए पीएम नेतन्याहू ने पूरे वेस्ट बैंक क्षेत्र में सख्त लॉकडाउन लागू करने का बड़ा ऐलान कर दिया है। इतना ही नहीं, इजरायली हुक्मरानों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि आतंकवादियों ने अपनी हरकतों से बाज नहीं आया, तो वेस्ट बैंक में भी गाजा पट्टी की तरह ही पूर्ण सैन्य और आक्रामक कार्रवाई की जाएगी, जिससे इस पूरे सुलगते इलाके में एक बार फिर से बड़े पैमाने पर खून-खराबा होने की आशंका गहरा गई है।

चेकपोस्ट पर घात लगाकर किया गया हमला, सुरक्षा बलों को संभलने का मौका तक नहीं मिला

यह पूरी दहला देने वाली घटना वेस्ट बैंक के एक बेहद संवेदनशील और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इजरायली सैन्य चेकपोस्ट के पास उस वक्त घटी जब इलाके में आम दिनों की तरह सुरक्षा चौकसी बरती जा रही थी। चश्मदीदों और सैन्य रिपोर्टों के अनुसार, हमलावरों ने बेहद सुनियोजित साजिश के तहत घात लगा रखा था और जैसे ही सैनिकों का ध्यान बंटा, उन्होंने अत्याधुनिक हथियारों से ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। अचानक हुई इस गोलीबारी से चेकपोस्ट पर अफरातफरी मच गई और गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा इलाका गूंज उठा। इस अचानक हुए खूनी हमले में कुछ सैनिक गंभीर रूप से जख्मी हो गए जिन्हें आनन-फानन में सैन्य हेलीकॉप्टर के जरिए नजदीकी अस्पताल के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया। इस हमले के बाद से इजरायली सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को छावनी में बदल दिया है और चप्पे-चप्पे पर कमांडो तैनात कर दिए गए हैं ताकि हमलावरों को दबोचा जा सके।

बेंजामिन नेतन्याहू का कड़ा रुख, सुरक्षा मंत्रिमंडल की आपात बैठक में लिए गए कई बड़े और कड़े फैसले

इस कायराना हमले की खबर मिलते ही प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सभी निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर दिए और तुरंत तेल अवीव स्थित सैन्य मुख्यालय में कैबिनेट मंत्रियों और खुफिया प्रमुखों के साथ एक लंबी आपातकालीन बैठक की। बैठक के बाद जारी किए गए आधिकारिक बयान में पीएम नेतन्याहू ने बेहद आक्रामक तेवर दिखाते हुए कहा कि इजराइल के नागरिकों और सैनिकों पर हमला करने वालों को उसकी कीमत चुकानी ही होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश की संप्रभुता और सुरक्षा से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। नेतन्याहू के आदेश के बाद वेस्ट बैंक के तमाम प्रवेश और निकास द्वारों को पूरी तरह से सील कर दिया गया है, वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है और हजारों की संख्या में अतिरिक्त इजरायली सैनिकों को उस क्षेत्र में उतार दिया गया है। स्थानीय नागरिकों की आवाजाही पर कड़ी पाबंदियां लगा दी गई हैं जिससे वहां के जनजीवन पर भारी असर पड़ा है।

गाजा जैसी तबाही और सैन्य कार्रवाई का मंडराता साया, वेस्ट बैंक में खौफ का माहौल

विश्लेषकों का मानना है कि वेस्ट बैंक में चेकपोस्ट पर हुआ यह ताजा हमला कोई आम घटना नहीं है, बल्कि यह आने वाले दिनों में एक बड़े युद्ध या सैन्य अभियान की प्रस्तावना साबित हो सकता है। इजराइल सरकार और सेना अब इस बात पर विचार कर रही है कि जिस तरह से गाजा पट्टी में हमास के खिलाफ ऑपरेशन चलाकर पूरे इलाके को नेस्तनाबूद किया गया था, वैसी ही रणनीति अब वेस्ट बैंक के आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ भी अपनाई जाए। इजरायली खुफिया एजेंसी शिन बेट और मोसाद को उन संदिग्धों की तलाश में जुटा दिया गया है जो इस हमले के पीछे मास्टरमाइंड के रूप में काम कर रहे थे। वेस्ट बैंक के शहरों और शरणार्थी शिविरों में इजरायली सेना के छापे मारने का सिलसिला तेज हो गया है, जिससे वहां के आम फिलिस्तीनी नागरिकों में भी भारी दहशत और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।

अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर असर और मध्य पूर्व में गहराता युद्ध का नया संकट

इस हाई-वोल्टेज ड्रामे और लॉकडाउन के बाद से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। संयुक्त राष्ट्र और पश्चिमी देशों के कई राजनयिक इस बात से चिंतित हैं कि यदि वेस्ट बैंक की स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण से बाहर हो गई, तो यह पूरा संघर्ष एक क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है। फिलिस्तीनी प्राधिकरण ने भी इजराइल द्वारा लगाए गए इस कठोर लॉकडाउन और सामूहिक सजा की नीतियों की कड़ी निंदा की है, उनका कहना है कि इस तरह के कदमों से आम जनता का जीना मुहाल हो रहा है और हिंसा का एक अंतहीन चक्र शुरू हो रहा है। बहरहाल, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के सख्त तेवरों और सेना की आक्रामक तैयारियों को देखकर यह साफ हो चुका है कि आने वाले कुछ दिन वेस्ट बैंक और पूरे मध्य पूर्व के लिए बेहद तनावपूर्ण और निर्णायक होने वाले हैं, जिस पर दुनिया भर की नजरें टिकी हुई हैं।