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Prabhat Vaibhav,Digital Desk :बिहार में शराबबंदी कानून के लागू होने के एक दशक पूरे होने पर सूबे की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस कानून को पूरी तरह 'फेल' करार देते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि बिहार में शराबबंदी के नाम पर 40 हजार करोड़ रुपये की एक अवैध समानांतर अर्थव्यवस्था (Parallel Economy) चल रही है, जिसे सत्ता और प्रशासन का संरक्षण प्राप्त है।

शराबबंदी या संस्थागत भ्रष्टाचार? तेजस्वी ने सरकार को घेरा

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक लंबी पोस्ट साझा करते हुए तेजस्वी यादव ने इसे नीतीश सरकार का 'सबसे बड़ा संस्थागत भ्रष्टाचार' बताया। उन्होंने सीधे तौर पर शासन-प्रशासन और शराब माफिया के बीच सांठगांठ का आरोप लगाया। तेजस्वी का कहना है कि जिस कानून को समाज सुधार के लिए लाया गया था, आज वही कानून पुलिस और माफिया की कमाई का जरिया बन चुका है। उन्होंने सवाल किया कि अगर प्रदेश में शराबबंदी है, तो हर रोज हजारों लीटर शराब कहां से और कैसे बरामद हो रही है?

आंकड़ों की बाजीगरी: 5 करोड़ लीटर शराब और 16 लाख गिरफ्तारियां

तेजस्वी ने अपने आरोपों को पुख्ता करने के लिए आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि बिहार में अब तक 11 लाख से अधिक मुकदमे दर्ज हुए हैं और करीब 16 लाख लोगों को सलाखों के पीछे भेजा गया है। उन्होंने दावा किया कि अब तक 5 करोड़ लीटर से अधिक शराब जब्त की जा चुकी है। नेता प्रतिपक्ष ने आंकड़ों का विश्लेषण करते हुए बताया कि पिछले पांच वर्षों में ही 2 करोड़ लीटर से अधिक शराब पकड़ी गई है, जिसका औसत निकाला जाए तो रोजाना 11 हजार लीटर से ज्यादा शराब बरामद हो रही है। उन्होंने सरकार को चुनौती दी कि वह केवल जब्ती नहीं, बल्कि खपत के वास्तविक आंकड़े भी जनता के सामने रखे।

'गरीब और दलितों को बनाया जा रहा निशाना'

तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि शराबबंदी कानून की आड़ में प्रदेश के गरीबों, पिछड़ों और दलितों का उत्पीड़न किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जेल जाने वालों में अधिकांश संख्या इन्हीं वर्गों की है, जबकि बड़े तस्कर और सिंडिकेट चलाने वाले सफेदपोश आज भी कानून की पहुंच से बाहर हैं। तेजस्वी ने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों का जिक्र करते हुए कहा कि इस कानून के लचर क्रियान्वयन से न्यायपालिका पर भी बोझ बढ़ा है, लेकिन सरकार अपनी जिद छोड़ने को तैयार नहीं है।

युवाओं में बढ़ता नशा और सुरक्षा पर सवाल

नेता प्रतिपक्ष ने चिंता जताते हुए कहा कि शराबबंदी के बावजूद बिहार में नशीले पदार्थों का कारोबार तेजी से फैला है। उन्होंने कहा कि शराब की होम डिलीवरी ने युवाओं को नशे की गर्त में धकेल दिया है। तेजस्वी ने मुख्यमंत्री से पूछा कि आखिर किसकी मिलीभगत से बिहार की सीमाओं के अंदर शराब का प्रवेश हो रहा है? उन्होंने मांग की कि इस भ्रष्टाचार में शामिल बड़े अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए, न कि छोटे प्यादों को मोहरा बनाकर मामले को रफा-दफा किया जाए।